ट्रक व बस में भिड़ंत, 2 यात्रियों की मौत, 30 घायल
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रायबरेली जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार को तड़के सिविल लाइंस चौराहा पर ट्रक और रोडवेज बस में हुई जबरदस्त भिड़ंत में दो यात्रियों की मौत हो गई। जबकि 30 घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल आठ यात्रियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह हादसा उस समय हुआ था, जब खचाखच सवारियों से भरी प्रतापगढ़ डिपो की बस लखनऊ से प्रतापगढ़ जा रही थी। टक्कर इतनी तेज थी कि बस क्षतिग्रस्त हो गई। शीशे चकनाचूर हो गए। पुलिस ने सभी यात्रियों को बस से बाहर निकालकर ट्रक को कब्जे में ले लिया है, जबकि चालक मौके से भाग गया।
प्रतापगढ़ डिपो की बस संख्या यूपी 72 टी 4827 सोमवार को लखनऊ से सवारियां भरकर प्रतापगढ़ जा रही थी। शहर के सिविल लाइंस चौराहा पर इलाहाबाद से लखनऊ की तरफ जा रहे ट्रक से टक्कर हो गई। भिड़ंत में बस क्षतिग्रस्त हो गई। शीशे टूट गए।
इन यात्रियों की हुई मौत और ये हुए घायल
हादसे में प्रशांत तिवारी (50) निवासी गोला गोकरननाथ जिला लखीमपुर खीरी और 55 वर्षीय अज्ञात यात्री की मौत हो गई। जबकि 30 यात्री घायल हो गए।
बस सवार अश्वनी कुमार निवासी पीतांबरपुर भदोखर, कमलेश यादव निवासी हैदरपुर जठवारा, श्यामलाल वर्मा व लवलेश वर्मा निवासी दौलत का पुरवा प्रतापगढ़, अर्पित निवासी सोंथी चौक लखनऊ, सालिकराम निवासी सासा साई महेशपुर लालगंज अझारा, सैय्यद तारिक निवासी रामपुर व एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।
मौके पर पहुंचे सीओ सदर सुशील कुमार, कोतवाल लक्ष्मीकांत मिश्रा और सिविल लाइंस चौकी इंचार्ज रमेशचंद्र पांडेय ने यात्रियों को बस से बाहर निकाला। पुलिस के मुताबिक अज्ञात मृतक व्यक्ति की जेब से लीलापुर प्रतापगढ़ का टिकट मिला है। उसकी पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
सीओ का कहना है कि हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर भाग गया। ट्रक कब्जे में लेकर चालक की तलाश की जा रही है। सभी गंभीर घायल यात्रियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बाकी यात्रियों को मामूली चोटें आई, जो हादसे के बाद दूसरे वाहनों से घरों को चले गए। बस चालक अनिल कुमार और परिचालक संजीत सिंह निवासी लालगंज अझारा प्रतापगढ़ बच गए।
सो रहे थे यात्री और अचानक हो गई भिड़ंत
घायल कमलेश यादव, श्यामलाल कहते हैं कि जिस तरह हादसा हुआ उस समय बस पर सवार अधिकतर यात्री सो रहे थे। सिविल लाइंस चौराहा पर जब हादसा हुआ तो सभी में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने उन्हें बाहर निकाला तो सभी घबराए हुए थे। काफी देर तक घटना की बाबत कुछ नहीं बोल रहे थे। हादसे के बाद यात्री चिल्लाते रहे, लेकिन न तो उधर से गुजरने वाले राहगीर और न हीं पुलिस मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे बाद फोर्स पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
प्रतापगढ़ में जनरल मैनेजर थे प्रशांत
मृतक प्रशांत तिवारी वैसे तो मूलरूप से लखीमपुरी खीरी जिले के रहने वाले थे। लेकिन उनका परिवार लखनऊ में किराए के मकान में रहता है। प्रशांत ऑटो सेल्स प्राइवेट लिमिटेड प्रतापगढ़ में जनरल मैनेजर थे।
हर शनिवार को वह प्रतापगढ़ से लखनऊ चले जाते थे और सोमवार को प्रतापगढ़ पहुंचते थे। सूचना पर पत्नी स्वाती तिवारी मौके पर पहुंची, लेकिन उन्हें हर कोई यही बता रहा था कि प्रशांत का अभी इलाज चल रहा था। प्रशांत की मौत से अन्य कंपनी के कर्मचारी भी पहुंचे। अजय सिंह कहते हैं कि प्रशांत अच्छे इंसान थे।