फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   two arrested including student leader for illegal selling of vehicle

शातिर किराए पर चलवाने को गाड़ी मंगवाते और फिर करते ये काम, एमबीए पास है मास्टर माइंड

Mon, 13 May 2019 04:18 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 13 May 2019 04:18 PM IST
विज्ञापन
two arrested including student leader for illegal selling of vehicle
पुलिस की गिरफ्त में जालसाज - फोटो : अमर उजाला

किराये पर चलवाने को शातिर गाड़ी मंगवाते और फिर उसे बेच देते। वहीं, गाड़ी के मालिक को झांसा देेने के लिए कुछ दिनों तक तय रकम दे देते। ऐसे जालसाज गिरोह के दो शातिर लखनऊ में गोसाईंगंज पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। इनमें से एक उन्नाव निवासी छात्रनेता है। दूसरा एमबीए पास है और गिरोह का मास्टर माइंड है।

विज्ञापन


दोनों ने कुबूला कि वे अब तक 53 गाड़ियों को बेच चुके हैं। गिरोह के अन्य शातिरों की तलाश जारी है, इनमें ट्रैवल एजेंसी का मालिक भी है। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विक्रांत वीर के मुताबिक, गोसाईंगंज के माढरमऊ में रहने वाले सैनिक की पत्नी शीला यादव ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन


उनके मुताबिक, इंदिरानगर के एहसान नगर निवासी ट्रैवल एजेंसी संचालक मोहम्मद फहीम ने उनकी इनोवा क्रिस्टा किराये पर चलवाने को ली थी। इसके एवज में उसने प्रतिमाह अच्छा किराया देने की बात कही। हालांकि, किराया देना तो दूर आरोपियों ने उनकी गाड़ी ही हड़प ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


पड़ताल में सामने आया कि फहीम ने शीला की गाड़ी गोरखपुर के अभिषेक श्रीवास्तव और उसके साथी उन्नाव के कलेक्टरगंज निवासी शेखर द्विवेदी को दे दी थी। पुलिस ने दोनों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की तो ठगों के गिरोह का पता चला।

पूर्वांचल से बिहार तक नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक, अभिषेक और शेखर प्रदेश के कई शहरों के दर्जनों लोगों की गाड़ियां किराये पर चलवाने के नाम पर हड़प चुके हैं। गोसाईंगंज पुलिस ने रविवार सुबह शहीद       पथ के पास से अभिषेक और शेखर को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से शीला की गाड़ी बरामद हुई है।

प्रभारी निरीक्षक गोसाईंगंज विजय कुमार सिंह के मुताबिक शेखर उन्नाव के कॉलेज का छात्रनेता रह चुका है। वह अभी भी छात्र राजनीति में सक्रिय है। वह ओमेक्स रेजीडेंसी के टावर नंबर-4 में किराये पर रहता है। उसने खुद को आर्किटेक्ट बताकर घर किराये पर लिया था। वहीं, एमबीए पास अभिषेक श्रीवास्तव गिरोह का मास्टर माइंड है।

क्षेत्राधिकारी मोहनलालागंज राजकुमार शुक्ला के मुताबिक, जालसाजों का नेटवर्क लखनऊ, गोरखपुर, बस्ती, संतकबीरनगर और देवरिया सहित बिहार तक फैला है। वे एजेंटों के जरिये वाहन मालिकों से संपर्क करते थे। फिर उनकी गाड़ी किराये पर चलवाने की बात कहकर मुनाफे का सपना दिखाते हैं। गाड़ी मिलते ही जालसाज उसे दूसरे ग्राहक को बेच देते थे।

गोरखपुर में की 1.80 करोड़ की ठगी

प्रशिक्षु आईपीएस इरज राजा के मुताबिक, अभिषेक का भाई अनुराग और उसका सहयोगी महराजगंज निवासी शैलेश भी फर्जीवाड़े में शामिल है। इन्होंने गोरखपुर के दुर्गेश यादव, गुड्डू राय, राजेश राय, शैलेश यादव, अजय यादव, रिंकू यादव, चंपन पांडेय, लव पांडेय, दीपक पांडेय और सूर्यभान से एसयूवी बेचने के नाम पर 80 लाख रुपये ठग लिए।

मामले में 3 मई को गोरखपुर के खोराबार थाने में केस कराया गया। अभिषेक ने खुर्रमनगर के राजन ट्रेवेल्स की संचालिका जसमीन खान से सात एसयूवी किराये पर चलवाने के नाम पर हड़प ली थी। जसमीन ने गोरखनाथ थाने में केस कराया था। अभिषेक व उसके साथियों ने गोरखपुर में कारोबारी अजीत सिंह को लग्जरी गाड़ियां दिलाने के नाम पर एक करोड़ रुपये ऐंठे थे। अजीत ने राजघाट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed