बच्ची ने काटा इसलिए कर दी उसकी हत्या, शव को दो बोरियों में भरकर फेंका
महानगर इलाके में दो दिन से लापता पांच साल की मासूम की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव दो बोरियों में भरकर पेपर मिल कॉलोनी के पास नाले में फेंक दिया गया। रविवार सुबह पुलिस को शव मिला तो स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे।
लोगों ने शव पुलिस की जीप से खींच लिया। सख्ती पर पुलिस पर पथराव कर दिया और लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मासूम से दुष्कर्म की आशंका जताई है।
पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़कर शव पोस्टमार्टम को भेजवाया। इस दौरान करीब पांच घंटे तक हाईवे जाम रहा। एसपी टीजी हरेंद्र कुमार ने बताया कि बच्ची के पड़ोस में रहने वाले ननके व उसके तीन बेटों को पकड़ा गया। ननके के 16 वर्षीय बेटे ने बच्ची के दांत से काटने पर वारदात अंजाम देना कुबूला है।
एसपी टीजी हरेंद्र कुमार ने बताया कि महानगर के अकबर नगर पार्ट-टू में रहने वाले कबाड़ी की बेटी शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे घर के बाहर खेलते हुए लापता हो गई थी। मासूम के पिता ने हत्या की आशंका जताते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
इसी दिन ननके का 16 वर्षीय बेटा भी लापता हो गया था। छानबीन में जुटी महानगर पुलिस को 24 घंटे बाद भी मासूम का पता नहीं चला तो उसने ननके और उसके दोनों बेटे दीपक व दुर्गेश को हिरासत में ले लिया।
ननके मूलरूप से बहराइच का रहने वाला है। बच्ची की तलाश में पुलिस की एक टीम वहां भी गई थी। शनिवार शाम पुलिस ने ननके के नाबालिग बेटे को भी पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि शुक्रवार को वह बच्ची के साथ खेल रहा था। बच्ची ने उसके हाथ में दांत से काट लिया।
उंगली से खून निकलने के चलते गुस्से में आकर उसने मासूम का गला दबा दिया। इसके बाद गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। बच्ची की गर्दन आधी कट गई थी। इसके बाद उसने शव झोपड़ी में रखा और परिवारीजनों को वारदात की जानकारी दी।
नाबालिग ने कुबूला कि उसके पिता और भाइयों ने घर में फैले खून को मिटाने की कोशिश भी की थी। इसके बाद बच्ची के शव को प्लास्टिक की दो बोरियों में बंद कर कुकरैल नाले के पिलर नंबर-9 के पास फेंक दिया था। इसके बाद किशोर को वहां से भगा दिया था। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर ननके के घर से वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।
रातभर तलाशते रहे शव
शनिवार देर रात बच्ची की हत्या की खबर पूरे इलाके में फैल गई। महानगर पुलिस के साथ इलाके के लोग भी रातभर कुकरैल नाले में मासूम की तलाश करते रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सुबह 10.30 बजे डाग स्क्वॉयड को मौके पर बुलाया। करीब 11.30 बजे टीम को मासूम का शव बोरी में बंद मिला। दो दिन पानी में पड़े रहने के चलते शव फूल गया था।
पथराव में दो एसपी व तीन सीओ समेत कई पुलिसकर्मी घायल
शव मिलने की सूचना पर सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस जीप से मासूम का शव लेकर लखनऊ-अयोध्या पर पहुंचकर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कई बार पुलिस पर पथराव किया। इससे एसपी पूर्वी सर्वेश मिश्र, एसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी, सीओ कैसरबाग अमित राय, सीओ अलीगंज दीपक कुमार सिंह, सीओ हजरतगंज अभय मिश्र समेत कई पुलिस कर्मी चोटिल हो गए। इसके अलावा अकबरनगर की नसीमुल नाम की महिला का सिर फट गया।
आंसू गैस के गोले दागे
पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़कर शव पोस्टमार्टम को भेजवाया। बादशाह नगर रेलवे स्टेशन से कुकरैल बंदे तक करीब पौन किमी. का इलाका पांच घंटे तक प्रभावित रहा। आक्रोशित लोगों ने पथराव कर सिटी बस सहित कई वाहनों में तोड़ फोड़ की। प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े।