UP: पेट में पनप गया... सिर में मिलने वाला ट्यूमर, केजीएमयू में बुजुर्ग के पेट से निकाला गया; आठ किग्रा रहा वजन
सिर में मिलने वाला ट्यूमर पेट में पनप गया। केजीएमयू में टीम ने बुजुर्ग के पेट से निकाला। आठ किग्रा वजन का ट्यूमर निकला।
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राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डॉक्टरों ने एक बुजुर्ग की जटिल सर्जरी करके उसकी जान बचाई है। बुजुर्ग के पेट में आठ किलोग्राम वजन का ट्यूमर पनप गया था, जबकि सामान्य मामलों में यह ट्यूमर सिर या गले में ही पाया जाता है। निजी अस्पताल में इसकी सर्जरी के लिए करीब चार लाख रुपये का खर्च बताया गया था। जबकि यहां पर इसका इलाज 14 हजार रुपये में ही हो गया।
सर्जरी करने वाली डॉ. सौम्या सिंह ने बताया कि गोंडा निवासी बुजुर्ग का पेट काफी दिन से बढ़ा हुआ था। इस पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया। अक्तूबर में उनके पेट में भयंकर दर्द शुरू हो गया। स्थानीय डॉक्टरों ने शुरुआत में दिल संबंधी समस्या समझकर इलाज शुरू किया।
राहत न मिलने पर डॉक्टरों ने पेट में कैंसर होने की बात कहकर लखनऊ के लिए रेफर किया। यहां पर केजीएमयू में भर्ती करके उनकी जांच शुरू हुई। जांच करने पर पता चला कि बुजुर्ग को पेट में दुर्लभ प्रकार का ट्यूमर है। शुरुआत में गैस्ट्रो सर्जरी विभाग में इसके ऑपरेशन की योजना बनाई गई।
वेटिंग ज्यादा होने पर घरवालों ने निजी अस्पताल में भी संपर्क किया। वहां पर सर्जरी का खर्च करीब चार लाख रुपये बताया गया। मरीज की आर्थिक स्थिति इतना खर्च झेल पाने की नहीं थी। ऐसे में जनरल सर्जरी विभाग में इलाज करने की योजना बनाई गई। 13 दिसंबर को सर्जरी की गई। अब मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है।
ट्यूमर से दब गईं थीं आंतें
डॉ. सौम्या सिंह ने बताया कि ट्यूमर की वजह से पेट में मौजूद आंतें पूरी तरह से दबी हुई थीं। सर्जरी करने पर पता चला कि ट्यूमर कई बार पलट गया था। इसी वजह से उसमें भयंकर दर्द शुरू हुआ। इसमें एक लीटर खून भी भरा हुआ था। इसी वजह से मरीज का हीमोग्लोबीन छह के करीब था। सर्जरी के दौरान उसे कई यूनिट खून भी चढ़ाना पड़ा। हालांकि सर्जरी के बाद मरीज को आईसीयू की जरूरत नहीं पड़ी।
दुनिया भर में अब तक सिर्फ 30 मामले
डॉ. सौम्या सिंह ने बताया कि इस तरह के ट्यूमर के पूरी दुनिया में अभी तक सिर्फ 30 मामले ही मिले हैं। लिवर और शरीर के अन्य हिस्सों में ट्यूमर मिलते हैं। इस तरह का ट्यूमर सिर और गले में पनपता है। यह जन्मजात समस्याओं की वजह से होता है।
सर्जरी में रहा इनका सहयोग
डॉ. सौम्या सिंह, प्रो. जेके कुशवाहा, प्रो. केके सिंह, रेडियोलॉजी के प्रो. अनित परिहार और डॉ. सौरभ, एनेस्थीसिया के- डॉ. शशांक कनौजिया, डॉ. ऋषभ और डॉ. वैशाली, ब्लड बैंक: डॉ. तुलिका चंद्रा।
लगातार अपच और पेट फूलने को न करें नजरअंदाज
डॉ. सौम्या के मुताबिक वृद्ध व्यक्तियों में लगातार अपच, पेट फूलना या कब्ज जैसे लक्षणों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञ डॉक्टर से इसके लिए एक बार सलाह जरूर लेनी चाहिए।