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तुलसीपुर : ध्रुवीकरण के बीच सहानुभूति का तड़का, मुद्दों की धार जाति-धर्म की सियासत में फंसकर हो चली कुंद
Wed, 02 Mar 2022 01:52 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
लालजी सिंह, अमर उजाला, बलरामपुर
लालजी सिंह, अमर उजाला, बलरामपुर
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 02 Mar 2022 01:52 PM IST
सार
तुलसीपुर सीट का चुनावी मुकाबला ध्रुवीकरण के बीच सहानुभूति के तड़के की वजह से दिलचस्प हो गया है। चुनावी मुद्दों की धार धर्म और जाति के समीकरणों में फंसकर कुंद होती दिख रही है। भाजपा ने यहां से ब्राह्मण, तो सपा ने मुस्लिम उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारा है।
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भाजपाः कैलाश नाथ, सपाः मशहूद खां, बसपाः भुवन प्रताप सिंह, निर्दलः जेबा रिजवान।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
तुलसीपुर सीट का चुनावी मुकाबला ध्रुवीकरण के बीच सहानुभूति के तड़के की वजह से दिलचस्प हो गया है। चुनावी मुद्दों की धार धर्म और जाति के समीकरणों में फंसकर कुंद होती दिख रही है। भाजपा ने यहां से ब्राह्मण, तो सपा ने मुस्लिम उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस और बसपा ने नए ठाकुर चेहरों पर दांव लगाया है। चुनाव से पहले सपा में शामिल हुईं पूर्व सांसद रिजवान जहीर की बेटी जेबा रिजवान टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। फिलहाल पिता-पुत्री हत्या के मामले में आरोपी हैं और जेल में हैं। जेबा के समर्थक उन्हें निर्दोष बताकर सहानुभूति बटोरने की कोशिशों में जुटे हैं।
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तुलसीपुर विधान सभा क्षेत्र श्रावस्ती और नेपाल की खुली सीमा से सटा है। देवीपाटन शक्तिपीठ की वजह से इस सीट का धार्मिक महत्व भी है। वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा के कैलाश नाथ शुक्ल ने कांग्रेस की जेबा रिजवान को हराकर भगवा परचम फहराया था। कैलाश नाथ फिर भाजपा से मैदान में हैं। सपा ने यहां से अपने पूर्व विधायक मशहूद खां को टिकट दिया है। कांग्रेस ने दीपेंद्र सिंह दीपांकर और बसपा ने नए चेहरे भुवन प्रताप सिंह पर अपना दांव लगाया है। इस सीट पर दलित, ब्राह्मण, वर्मा, यादव व ठाकुर के अलावा भारी संख्या में मुस्लिम मतदाता हैं। हर चुनाव में पार्टियां यहां जाति व धर्म का कार्ड खेलती रही हैं।
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समस्याओं पर मुखर मतदाता : महराजगंज तराई के मनीष सिंह कहते हैं, यहां जो भी चुनाव जीतता है उसके गुर्गों की नजर केवल सफेद रेत के काले कारोबार पर टिकी रहती है। कोड़री के अशफाक कहते हैं, हर साल बाढ़ क्षेत्र में तबाही लाती है। स्थानीय जनप्रतिनिधि कुछ पूड़ी-सब्जी के पैकेट और चंद रुपयों की सरकारी इमदाद दिलाकर अपने दायित्वों से मुक्त हो जाते हैं।
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मुस्लिम 1.16 लाख
ब्राह्मण 48 हजार
ठाकुर 20 हजार
वर्मा 53 हजार
दलित 85 हजार
अन्य 60 हजार
2017 का चुनाव परिणाम
कैलाश नाथ शुक्ला, भाजपा 62,296
जेबा रिजवान, कांग्रेस 43,637
मशहूद खां, सपा 36,549