{"_id":"5eda070c8ebc3e909d5b868f","slug":"truth-behind-the-death-of-an-innocent-girl-in-lucknow","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"खेल-खेल में गई थी बच्ची की जान, फंदा कसने से घुट गया था दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेल-खेल में गई थी बच्ची की जान, फंदा कसने से घुट गया था दम
Fri, 05 Jun 2020 03:02 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 05 Jun 2020 03:02 PM IST
विज्ञापन
अलका (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Lucknow UP (Uttar Pradesh) Latest Update Today in Hindi: लखनऊ के हजरतगंज के लक्ष्मण मेला मैदान स्थित सिकंदर नगर में बच्ची अलका की मौत बच्चों के खेल-खेल में हुई थी। छोटे भाई व बहनों में झगड़ा होने पर अलका के गले में दुपट्टे का फंदा कस गया और उसे बचाने में छोटी बहन ने फंदे को खींचने का प्रयास किया जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने कहा कि बेहद संवेदनशीलता के साथ बाल मनोविज्ञान को ध्यान में रखते हुए बच्चों से पूछताछ की गई। गुरुवार को मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी सेंट्रल दिनेश कुमार सिंह ने यह जानकारी दी। मूलरूप से बिहार निवासी रामरेख यादव अपने परिवार के साथ लक्ष्मण मेला मैदान के पास सिकंदरनगर में किराए के मकान में रहता हैं।
परिवार में पत्नी हीरा, बेटा आयुष (15), बेटी अलका (8), पिंकी और पीयूष हैं। रामरेख रिक्शा चालक है और उसकी पत्नी हीरा लोगों के घरो में चौका बर्तन करती हैं। जबकि आयुष एक दुकान में काम करता हैं। मंगलवार को तीनों काम पर गए थे और घर पर अलका, पिंकी और पीयूष अकेले थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने कहा कि बेहद संवेदनशीलता के साथ बाल मनोविज्ञान को ध्यान में रखते हुए बच्चों से पूछताछ की गई। गुरुवार को मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी सेंट्रल दिनेश कुमार सिंह ने यह जानकारी दी। मूलरूप से बिहार निवासी रामरेख यादव अपने परिवार के साथ लक्ष्मण मेला मैदान के पास सिकंदरनगर में किराए के मकान में रहता हैं।
विज्ञापन
परिवार में पत्नी हीरा, बेटा आयुष (15), बेटी अलका (8), पिंकी और पीयूष हैं। रामरेख रिक्शा चालक है और उसकी पत्नी हीरा लोगों के घरो में चौका बर्तन करती हैं। जबकि आयुष एक दुकान में काम करता हैं। मंगलवार को तीनों काम पर गए थे और घर पर अलका, पिंकी और पीयूष अकेले थे।
विज्ञापन
बच्ची की इरादतन हत्या नहीं की गई
डीसीपी सेंट्रल ने बताया कि घर में मां, पिता व बड़ा भाई काम पर गए थे। अलका अपने दोनों छोटे भाई बहन पिंकी व पीयूष के साथ घर में अकेली थी। इस दौरान अलका व पीयूष का किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया और पीयूष ने बर्तन फेंककर उसे मारा।
इससे नाराज अलका ने खुद को फांसी लगाने की धमकी देकर मां के दुपट्टे का फंदा बनाकर गले में लपेट लिया। अलका को गले में फंदा लगाता देख पिंकी डर गई और बहन को बचाने केे लिए उसने दुपट्टे के एक सिरे को पूरी ताकत से खींचने का प्रयास किया। जिससे फंदा अलका के गले में कस गया और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
राम रेख की बहन सुनीता उसके घर से कुछ दूरी पर रहती है। वह घर पहुंची तो अलका को तख्त के नीचे बेहोशी हालत में पड़ा देखा। सुनीता ने इसकी जानकारी भाई राम खेत व भाभी हीरा को दी। परिजन अलका को लेकर सिविल हॉस्पिटल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने अलका को मृत घोषित कर दिया।
मासूम बच्ची की मौत बच्चे के खेल-खेल के दौरान हुई थी। बच्ची ने गले में दुपट्टे से फंदा लगा लिया था और छोटी बहन ने उसे बचाने के लिए दुपट्टे के एक सिरे को खींच दिया जिसके चलते बच्ची का गला कसने के चलते मौत हो गई। पूरे मामले का खुलासा हो गया है। किसी ने बच्ची की इरादतन हत्या नहीं की हैं। - दिनेश सिंह, डीसीपी सेंट्रल
इससे नाराज अलका ने खुद को फांसी लगाने की धमकी देकर मां के दुपट्टे का फंदा बनाकर गले में लपेट लिया। अलका को गले में फंदा लगाता देख पिंकी डर गई और बहन को बचाने केे लिए उसने दुपट्टे के एक सिरे को पूरी ताकत से खींचने का प्रयास किया। जिससे फंदा अलका के गले में कस गया और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
राम रेख की बहन सुनीता उसके घर से कुछ दूरी पर रहती है। वह घर पहुंची तो अलका को तख्त के नीचे बेहोशी हालत में पड़ा देखा। सुनीता ने इसकी जानकारी भाई राम खेत व भाभी हीरा को दी। परिजन अलका को लेकर सिविल हॉस्पिटल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने अलका को मृत घोषित कर दिया।
मासूम बच्ची की मौत बच्चे के खेल-खेल के दौरान हुई थी। बच्ची ने गले में दुपट्टे से फंदा लगा लिया था और छोटी बहन ने उसे बचाने के लिए दुपट्टे के एक सिरे को खींच दिया जिसके चलते बच्ची का गला कसने के चलते मौत हो गई। पूरे मामले का खुलासा हो गया है। किसी ने बच्ची की इरादतन हत्या नहीं की हैं। - दिनेश सिंह, डीसीपी सेंट्रल