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पप्पू हत्याकांडः एक करोड़ मांगने पर व्यापारी ने सुपारी देकर कराई थी हत्या

Tue, 04 Jun 2019 04:00 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 04 Jun 2019 04:00 PM IST
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truth about pappu murder case of thakurganj
कन्हैया लाल - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ में चौक के व्यापारी कन्हैयालाल रस्तोगी ने अपने मुंशी व मिट्टी ठेकेदार के जरिये हरदोई के हिस्ट्रीशीटर को पांच लाख की सुपारी देकर ठाकुरगंज के बरावनकलां में प्रॉपर्टी डीलर पप्पू की हत्या कराई थी। व्यापारी से एक करोड़ रुपये कमीशन मांग रहा पप्पू प्लॉटिंग में बाधक बना था।
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पुलिस ने सोमवार को शूटर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया। हिस्ट्रीशीटर की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि पप्पू (49) की नौ मई को गोली मारकर हत्या के मामले में चौक के राजा बाजार निवासी व्यापारी कन्हैयालाल रस्तोगी, बरावन कलां के लालता प्रसाद साहू, आंशू खान और मलिहाबाद के नजरनगर निवासी पप्पू यादव को गिरफ्तार किया गया है।
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छानबीन में खुलासा हुआ कि कन्हैयालाल ने अपने मुंशी लालता प्रसाद व मिट्टी ठेकेदार आंशू खान के जरिये हरदोई के संडीला थाने के गांव सुंदरपुर के हिस्ट्रीशीटर जान मोहम्मद को पप्पू की हत्या के लिए पांच लाख की सुपारी दी थी।
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ढाई लाख रुपये लेने के बाद जान मोहम्मद ने शूटर पप्पू यादव की मदद से वारदात अंजाम दी और 15 मई को कन्हैयालाल ने शेष 2.50 लाख रुपये का भुगतान किया था। शूटर से .315 बोर का तमंचा व 37 हजार रुपये बरामद हुए हैं। जान मोहम्मद फरार है।

पैसे को लेकर हुई रंजिश

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पप्पू की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए शातिर - फोटो : अमर उजाला
अपर पुलिस अधीक्षक नगर पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि कन्हैयालाल रस्तोगी ने पप्पू के जरिये उसके गांव व आसपास करोड़ों की जमीन खरीदी थी। उस पर प्लॉटिंग की तैयारी थी। इस बीच जमीन की कीमत बढ़ने पर पप्पू ने एक करोड़ रुपये कमीशन मांगा।

जमीन खरीदने के दौरान कमीशन देते रहे कन्हैयालाल ने इससे मना कर दिया तो पप्पू ने प्लॉटिंग में बाधा डालनी शुरू कर दी। कन्हैयालाल ने जमीन की देखभाल कर रहे मुंशी लालता प्रसाद के जरिये साल भर पहले बरावन कलां के ठेकेदार आंशू खान को मिट्टी पटान का ठेका दिया।

पप्पू दामाद वसीम को ठेका दिलाना चाहता था। इसके चलते उसने आंशू खान को मिट्टी नहीं डालने दी और उसकी पिटाई कर दी। इससे आंशू भी पप्पू से रंजिश रखने लगा।
 
किश्तों में दी रकम
आंशू खान ने कुबूला कि करीब 10 महीने पहले उसने कन्हैयालाल से पप्पू की हत्या के बारे में बात की। पांच लाख में डील होने पर परिचित हिस्ट्रीशीटर जान मोहम्मद से संपर्क किया। वह कई संगीन वारदात कर चुका था और बालागंज क्षेत्र में रह रहा था।

आंशू ने पुलिस को बताया कि जान मोहम्मद ने ढाई लाख रुपये हत्या से पहले और ढाई लाख काम होने के बाद मांगे। कन्हैयालाल ने अग्रिम रुपये किश्तों में दिए। इसमें कई महीने गुजर गए। ढाई लाख रुपये लेने के बाद जान मोहम्मद शूटर पप्पू यादव को साथ लेकर वारदात अंजाम देने निकला।

ठेकेदार ने की थी रेकी

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गिरफ्तार किए गए शातिर - फोटो : अमर उजाला
प्रभारी निरीक्षक नीरज ओझा ने बताया कि ठेकेदार आंशू खान ने पप्पू की रेकी की और शूटरों को लोकेशन बताता रहा। जान मोहम्मद व पप्पू यादव 9 मई को बरावन कलां के पास पहुंचे। आंशू ने कॉल कर बताया कि पप्पू बेटे सप्पू के साथ घर से निकला है।

जानवरों के लिए पत्ते तोड़कर सप्पू को घर की तरफ जाते देख शूटरों को पप्पू के अकेले होने की जानकारी दी। दोनों बदमाश जमीन देखने के बहाने उसके पास पहुंचे। एकांत में कुछ देर बातचीत की और पप्पू को गोली मारकर फरार हो गए।  

जेल से बचने को बताई दिल की बीमारी की बात
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस टीम ने कन्हैयालाल रस्तोगी को सोमवार सुबह गिरफ्तार किया। थाने में आंशू खान, लालता प्रसाद साहू व शूटर पप्पू यादव से सामना होते ही उसकी हवाइयां उड़ने लगीं। कागजी खानापूरी के साथ कन्हैयालाल को डॉक्टरी मुआयने के लिए ठाकुरगंज स्थित संयुक्त चिकित्सालय भेजा गया। उसने दिल की बीमारी की बात कही और डॉक्टर ने बलरामपुर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने हालत सामान्य बताई। पुलिस ने अन्य तीनों आरोपियों के साथ कन्हैयालाल को न्यायालय में पेश किया। वहां से चारों को जेल भेजा गया है।

किस्मत बदली तो बढ़ता गया लालच
पप्पू तांगा चलाकर परिवार पालता था। उसने 2008 में जमीन बिकवाने का काम शुरू किया और कन्हैयालाल रस्तोगी के संपर्क में आया। उसने पप्पू की मध्यस्थता पर ठाकुरगंज व काकोरी इलाके में करोड़ों की जमीन खरीद डाली। पप्पू ने कमीशन के रूप में लाखों कमाए। इसके साथ इलाके में दबदबा बनाकर प्रॉपर्टी डीलिंग शुरू कर दी। लालच बढ़ता गया और उसने कन्हैयालाल से एक करोड़ की मांग को लेकर प्लॉटिंग में बाधा डालनी शुरू की।
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