फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Triple test will take time in reservation process in UP nagar Nikay Chunav.

ओबीसी आरक्षण: 31 मार्च तक ट्रिपल टेस्ट पूरा कराना बड़ी चुनौती, अब नए सिरे से तय होगी प्रक्रिया

Thu, 05 Jan 2023 11:02 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 05 Jan 2023 11:02 AM IST
सार

यूपी निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब नये सिरे से आरक्षण की प्रक्रिया तय की जाएगी। इसके लिए 31 मार्च तक का समय दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस समय सीमा में प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं है।

विज्ञापन
Triple test will take time in reservation process in UP nagar Nikay Chunav.
- फोटो : amar ujala

विस्तार

नगर निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से प्रदेश सरकार को राहत मिल गई है। लेकिन, कोर्ट द्वारा दी गई समय सीमा के भीतर ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया को पूरा करना बड़ी चुनौती होगी। हालांकि सरकार द्वारा गठित आयोग ने काम करना शुरू कर दिया है फिर भी इसके लिए तीन महीने में यह काम पूरा करना मुश्किल होगा।

विज्ञापन


बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद साफ  हो गया है कि ओबसी आरक्षण के संबंध में नगर विकास विभाग द्वारा 5 दिसंबर को मेयर और चेयरमैन सीटों के लिए जारी अनंतिम अधिसूचना का अस्तित्व अब समाप्त हो गया है। इसलिए निकाय चुनाव के लिए अब नये सिरे से आरक्षण तय करना होगा और यह काम 31 मार्च तक ही करना होगा। हालांकि आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही सीटों और वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी, इसलिए आयोग को अपनी रिपोर्ट तेजी से देनी होगी। वहीं नगर विकास विभाग को भी तेजी से सभी तैयारियां पूरी करने के लिए भी कह दिया गया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  जल्द लग सकता है बढ़ी बिजली दरों का झटका, एआरआर और टैरिफ प्रस्ताव दाखिल करने की तैयारी
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - भाजपा के तीनों मौजूदा सदस्यों को फिर मिल सकता है मौका, BJP ने प्रत्याशी का पैनल किया तैयार


बता दें कि ओबीसी आरक्षण से संबंधित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाते हुए राज्य सरकार द्वारा गठित आयोग को 31 मार्च तक ओबीसी पर रिपोर्ट देने को कहा है।

अप्रैल में हो सकता है चुनाव
वहीं निर्धारित समय में आयोग की रिपोर्ट आने के बाद शासन को आरक्षण तय करने में 15 से 20 दिन तक का समय लग सकता है। इसके बाद अनंतिम अधिसूचना जारी होगी, जिस पर एक सप्ताह के भीतर आपत्ति और सुझाव मांगे जाएंगे और उसका निस्तारण किया जाएगा। तब अंतिम अधिसूचना जारी हो पाएगी। ऐसे में अप्रैल के अंत तक ही चुनाव संभव है।

उप्र राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जस्टिस (रिटायर्ड) राम अवतार सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक तय समय सीमा के भीतर पिछड़ों के आरक्षण की रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। इसके लिए आयोग पूरी ताकत के साथ काम करेगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सपा की मांग पर लगी मुहर

सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राजपाल कश्यप का कहना है कि सपा की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगाई है। पार्टी की मांग थी कि संविधान में दी गई व्यवस्था के तहत ओबीसी आरक्षण का पालन किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने भी यही कहा है। इस फैसले से भाजपा सरकार की पोल खुल गई है। उम्मीद है कि इस फैसले के बाद भाजपा होश में आएगी और संविधान की अवहेलना नहीं करेगी। इसलिए ओबीसी आरक्षण का पालन करते हुए जल्द से जल्द निकाय चुनाव कराया जाए। 

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला मान्य है। सरकार ओबीसी आरक्षण के साथ खिलवाड़ न करे और उन्हें उनका वाजिब हक दिलाने के लिए तर्कपूर्ण ढंग से प्रक्रिया को पूरा करे।

बसपा प्रमुख मायावती का कहना है कि यदि सरकार ने समय से पहले ही आयोग गठित कर ट्रिपल टेस्ट करा लिया होता तो यह नौबत नहीं आती। भाजपा के लिए गरीब, दलित, ओबीसी, मुस्लिम व बहुजन समाज विरोधी चाल, चरित्र व चेहरे को त्यागना बेहद जरूरी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed