परिवहन मंत्री की घोषणाः सभी लोग सस्ते में कर सकेंगे एसी बस में सफर
- बसों की डिजाइन में बदलाव कर चलाएंगे सुविधाजनक सेवा
- जल्द पांच हजार नई बसें चलाएंगे, 1700 इसी वित्तीय वर्ष में
- बैंकों ने 900 करोड़ के लोन पर भरी हामी
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परिवहन मंत्री यासर शाह ने बुधवार को घोषणा की कि भविष्य में उप नगरीय सेवाओं को छोड़कर सभी बसें वातानुकूलित श्रेणी की ही चलाई जाएंगी। मगर ध्यान रखा जाएगा कि उनका किराया लोगों की पहुंच के भीतर रहे।
इसके लिए बसों के डिजाइन में बदलाव होगा। भविष्य में विज्ञापनों के जरिए राजस्व जुटाकर भी यात्री सेवाओं में बढ़ोतरी होगी। इस वित्तीय वर्ष में रोडवेज करीब 1700 बसें चलाएगा।
जबकि पांच हजार बसों की बढ़ोतरी अपने बेड़े में करने के लिए कोशिश शुरू कर दी है। परिवहन मंत्री ने ये बातें उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की ओर से राजधानी के एक होटल में आयोजित इन्वेस्टर्स मीट में बतौर मुख्य अतिथि कही।
यहां पूरे देश से परिवहन क्षेत्र के निवेशक मौजूद थे। टाटा मोटर्स, वॉल्वो, स्कैनिया, अशोका लीलैंड सहित कई नामी कंपनियों के अलावा देश के कई बड़े ट्रांसपोर्टरों ने इस मीट में हिस्सा लिया। यहां बैंकों ने ही यूपी रोडवेज में करीब 900 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की।
यूपी रोडवेज को नंबर एक पर लाने की तैयारी
200 से अधिक बसों का अनुबंध होना तय हुआ है। इससे पहले उद्घाटन के मौके पर यासर शाह ने कहा कि परिवहन निगम प्रति वर्ष करीब 56 करोड़ से अधिक लोगों को यात्रा कराता है।
स्कैनिया एवं वातानुकूलित बसों के साथ ग्रामीण अंचल में लोहिया ग्रामीण बसें चल रही हैं। एसी बसों के दोनों ओर 2-2 सीटों की जगह 3 और 2 सीटें लगाने की तैयारी है।
इसके साथ ही देश में यूपी रोडवेज को नंबर एक पर लाया जाएगा, ताकि लोग कार छोड़ रोडवेज की बसों में चलना शुरू कर दें। इस मौके पर रोडवेज के चेयरमैन प्रवीर कुमार ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उन्हें रोडवेज हर तरह की सुविधाएं देगा।
इस इन्वेस्टर्स मीट में निगम की बसें खरीदने के लिए 150 करोड़ रुपये सेंट्रल बैंक व 100 करोड़ का ऋण यश बैंक ने स्वीकृत किया है। पंजाब नेशनल बैंक से 250 करोड़ और ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से 400 करोड़ के लोन की सहमति मिली।