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बिना बिजली हो रहा हाइटेक टाउनशिप का विकास, न खुद बिजलीघर बनाया, न बिजली विभाग को दी जमीन
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अंसल एपीआई 6500 एकड़ की हाइटेक टाउनशिप सुशांत गोल्फ सिटी के लिए जरूरी बिजली क्षमता विकसित नहीं कर रहा है। जहां एक बिजलीघर को खुद अंसल एपीआई को बनाना था। वहीं दूसरे बिजलीघर के लिए बिजली विभाग को जमीन देनी थी। मंडलायुक्त रंजन कुमार ने अंसल एपीआई के अधिकारियों को तुरंत जमीन उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
मंगलवार को एलडीए में मंडलायुक्त ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों की मौजूदगी में अंसल एपीआई और विकास प्राधिकरण के जिम्मेदारों संग बैठक की। मंडलायुक्त के सामने यह तथ्य रखा गया कि 220 केवीए क्षमता के बिजलीघर का निर्माण खुद बिल्डर कंपनी को करना था। इसके अलावा 400 केवीए के दूसरे बिजलीघर के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध करानी थी। यह जमीन अभी तक बिल्डर ने नहीं दी है। इससे बिजली की मांग पूरी करने में दिक्कत आ रही है। खुद की जरूरत को पूरा करने के लिए भी 220 केवीए क्षमात के बिजलीघर का निर्माण नहीं किया गया। इससे पहले भी लूलू मॉल को बिजली नहीं मिल पाने की शिकायत पर मंडलायुक्त अंसल एपीआई के अधिकारियों को चेतावनी दे चुके हैं।
लूलू, मेदांता को एलडीए ने दी बिजली
अंसल एपीआई की लापरवाही का आलम यह है कि मेदांता हॉस्पिटल के अलावा निर्माणाधीन लूलू मॉल को भी बिजली कनेक्शन नहीं मिल सका। लूलू मॉल को बिजली नहीं देने पर एलडीए के सीजी सिटी स्थित बिजलीघर से लोड स्वीकृत किया गया है। अब एलडीए को अपने बिजलीघर की क्षमता बढ़ानी पड़ रही है।
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मंगलवार को एलडीए में मंडलायुक्त ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों की मौजूदगी में अंसल एपीआई और विकास प्राधिकरण के जिम्मेदारों संग बैठक की। मंडलायुक्त के सामने यह तथ्य रखा गया कि 220 केवीए क्षमता के बिजलीघर का निर्माण खुद बिल्डर कंपनी को करना था। इसके अलावा 400 केवीए के दूसरे बिजलीघर के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध करानी थी। यह जमीन अभी तक बिल्डर ने नहीं दी है। इससे बिजली की मांग पूरी करने में दिक्कत आ रही है। खुद की जरूरत को पूरा करने के लिए भी 220 केवीए क्षमात के बिजलीघर का निर्माण नहीं किया गया। इससे पहले भी लूलू मॉल को बिजली नहीं मिल पाने की शिकायत पर मंडलायुक्त अंसल एपीआई के अधिकारियों को चेतावनी दे चुके हैं।
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लूलू, मेदांता को एलडीए ने दी बिजली
अंसल एपीआई की लापरवाही का आलम यह है कि मेदांता हॉस्पिटल के अलावा निर्माणाधीन लूलू मॉल को भी बिजली कनेक्शन नहीं मिल सका। लूलू मॉल को बिजली नहीं देने पर एलडीए के सीजी सिटी स्थित बिजलीघर से लोड स्वीकृत किया गया है। अब एलडीए को अपने बिजलीघर की क्षमता बढ़ानी पड़ रही है।
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