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अब ऑपरेशन के बाद पट्टी बांधना जरूरी नहीं
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 28 Dec 2013 10:34 AM IST
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जल्द ही बलरामपुर अस्पताल में नेत्र रोग से पीड़ित मरीजों की टॉपिकल आई
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सर्जरी संभव हो सकेगी।
बलरामपुर अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में आने वाले मरीजों को आंख के ऑपरेशन के बाद पट्टी बांधने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी मरीजों को टॉपिकल सर्जरी की मदद से दर्द मुक्त ऑपरेशन करने की तैयारी कर रहे हैं।
हालांकि इस प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाला नॉन फोल्डेबल लेंस महंगा होने के चलते अस्पताल में ऑपरेशन की प्रक्रिया को चालू करना चुनौती है।
अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार बताते हैं कि टॉपिकल सर्जरी में आंख में ऑपरेशन से पहले इंजेक्शन लगाने की बजाए उसमें ‘पैराकाइन आईड्रॉप’ डाली जाती है, जिसके बाद आंख सुन्न हो जाती है और आंख का ऑपरेशन सरलता के साथ हो जाता है।
इसमें सर्जरी में फोल्डेबल लेंस को इंजेक्शन की मदद से इंजेक्ट कर दिया जाता है, जिसके बाद वो आंख के भीतर अनफोल्ड हो जाता है।
इस ऑपरेशन के दौरान 2.88 एमएम का बहुत छोटा चीरा लगाया जाता है। इस तरह के ऑपरेशन के बाद मरीज की आंख पर पट्टी बांधने की जरूरत नहीं पड़ती है और और देखते हुए ओटी से बाहर निकलता है।
बलरामपुर अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में आने वाले मरीजों को आंख के ऑपरेशन के बाद पट्टी बांधने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी मरीजों को टॉपिकल सर्जरी की मदद से दर्द मुक्त ऑपरेशन करने की तैयारी कर रहे हैं।
हालांकि इस प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाला नॉन फोल्डेबल लेंस महंगा होने के चलते अस्पताल में ऑपरेशन की प्रक्रिया को चालू करना चुनौती है।
अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार बताते हैं कि टॉपिकल सर्जरी में आंख में ऑपरेशन से पहले इंजेक्शन लगाने की बजाए उसमें ‘पैराकाइन आईड्रॉप’ डाली जाती है, जिसके बाद आंख सुन्न हो जाती है और आंख का ऑपरेशन सरलता के साथ हो जाता है।
इसमें सर्जरी में फोल्डेबल लेंस को इंजेक्शन की मदद से इंजेक्ट कर दिया जाता है, जिसके बाद वो आंख के भीतर अनफोल्ड हो जाता है।
इस ऑपरेशन के दौरान 2.88 एमएम का बहुत छोटा चीरा लगाया जाता है। इस तरह के ऑपरेशन के बाद मरीज की आंख पर पट्टी बांधने की जरूरत नहीं पड़ती है और और देखते हुए ओटी से बाहर निकलता है।