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Lucknow News: कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने के लिए देशभर के निकायों को नसबंदी की ट्रेनिंग देगा नगर निगम

Wed, 16 Jul 2025 01:52 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jul 2025 01:52 AM IST
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To control the dog population, the Municipal Corporation will provide sterilization training to the bodies across the country
लखनऊ। नसबंदी कर कुत्तों की आबादी कैसे नियंत्रित की जाए, इसकी ट्रेनिंग नगर निगम देशभर के निकायों को देगा। इसके लिए नगर निगम ने इंदिरानगर के जरहरा पशु चिकित्सालय में ट्रेनिंग सेंटर बनाया है। ट्रेनिंग देने के लिए संस्था का भी चयन हो गया है। 15 दिन में काम भी शुरू हो जाएगा।
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आवारा कुत्तों के काटने, दौड़ाने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। कई लोगों की जान भी ऐसे हादसों के कारण जा चुकी है। ऐसे में कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने के लिए और नसबंदी केंद्र बनाने की मांग उठ रही है। प्रदेश में लखनऊ में ही अभी कुत्तों की नसबंदी का केंद्र है। ऐसे और केंद्र बनाए जाएं और प्रदेश भर के नगर निगम और नगरपालिका परिषदों को उसके लिए प्रशिक्षित किया जाए, ताकि वहां भी आवारा कुत्तों की आबादी पर लगाम लगाने के लिए नसंबदी का प्रोग्राम चलाया जा सके। इसके लिए शासन से भी नगर निगम को प्रदेश भर के निकायों को ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए गए। इसके बाद नगर निगम ने अब एक और ट्रेनिंग सेंटर बनाया है। यहां प्रदेश के साथ ही देश के दूसरे निकायों को भी कुत्तों की नसंबदी का सेंटर बनाने और उसे संचालित करने के जानकारी दी जाएगी।
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मुंबई की संस्था देगी ट्रेनिंग
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डाॅ. अभिनव वर्मा ने बताया कि ट्रेनिंग देने के लिए मुंबई की संस्था ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनीमल वेलफेयर को चुना गया है। यही संस्था कई साल से नगर निगम में कुत्तों की नसबंदी कर रही है। मंगलवार को संस्था के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई है, जिसमें दरों पर बातचीत की जा रही है।
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इसलिए दी जाएगी ट्रेनिंग
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डाॅ. अभिनव वर्मा का कहना है कि एनीमल वेलफयर बोर्ड और कोर्ट के आदेशों के तहत कुत्तों को न तो पकड़कर रखा जा सकता है और न ही उन्हें किसी दूसरी जगह छोड़ा जा सकता है। ऐसे में आवारा कुत्तों के काटने से होने वाली घटनाओं को देखते हुए शासन और बोर्ड के आदेशों के तहत सिर्फ उनकी नसंबदी ही की जा सकती है। इसमें यह शर्त है कि नसबंदी करने के बाद कुत्ते को उसी जगह पर छोड़ना होगा, जहां से उसे पकड़ा गया। नसबंदी के लिए मानक हैं कि पशु अस्पताल हो। स्टाफ प्रशिक्षित हो।

देश का यह पहला ट्रेनिंग सेंटर
सेंटर के निर्माण पर 2.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। ट्रेनिंग पर जो खर्च आएगा, वह एनीमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया वहन करेगी। ट्रेनिंग 15 दिन की होगी, जिसमें चिकित्सक की ट्रेनिंग पर शुल्क 1000 रुपये, पैरामेडिकल स्टाफ का 500 और कुत्ते पकड़ने वाले कर्मी का 500 रुपये प्रशिक्षण शुल्क रखा गया है। पहला बैच 15 दिन में शुरू हो जाएगा। सेंटर का निर्माण प्रमुख सचिव नगर विकास के विशेष प्रयास से हुआ है और यह देश का पहला ट्रेनिंग सेंटर है। अभी देश में कहीं भी कुत्तों की नसबंदी का ट्रेनिंग सेंटर नहीं है। ट्रेनिंग लेने वाले नगर निगम और कार्यदायी संस्था दोनों से संपर्क कर सकते हैं।
-डॉ. अरविंद राव, अपर नगर आयुक्त
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