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श्रीराम जी का तिलकोत्सव: वैदिक रीति रिवाज से सम्पन्न हुआ कार्यक्रम, शामिल हुए नेपाल के राज्य के मुख्यमंत्री

Mon, 18 Nov 2024 08:26 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: ishwar ashish Updated Mon, 18 Nov 2024 08:26 PM IST
सार

अयोध्या के रामसेवकपुरम में आयोजित भगवान श्रीराम का तिलकोत्सव कार्यक्रम वैदिक रीति रिवाज के साथ तिलकोत्सव कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में नेपाल के मधेश राज्य के मुख्यमंत्री सतीश कुमार सिंह अपने छह कैबिनेट मंत्रियों के साथ शामिल हुए।

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Tilak Utsav of Lord Rama in Ayodhya.
अयोध्या में श्रीराम जी का तिलकोत्सव। - फोटो : amar ujala

विस्तार

 

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रामनगरी अयोध्या रविवार को निहाल थी। हो भी क्यों न, भगवान श्रीराम का तिलकोत्सव जो था। रामसेवकपुरम में भव्य तिलकोत्सव समारोह का आयोजन हुआ तो रामनगरी में त्रेतायुग जीवंत होता नजर आया। आज तिलक चढ़े रघुनंदन के...मंगलगीतों के बीच भव्यता पूर्वक भगवान श्रीराम का तिलक हुआ। वधू पक्ष से नेपाल के मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री सतीश सिंह और वर पक्ष से श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने दशरथ की भूमिका में तिलकोत्सव की रस्म पूरी कराई।

भगवान श्रीराम के तिलकोत्सव से अयोध्या और जनकपुर के त्रेतायुगीन संबंधों को नया आयाम भी मिलता दिखा। इससे पहले जनकपुर से 300 से अधिक तिलकहरू बीती रात ही अयोध्या पहुंच गए थे। इन्होंने रविवार की सुबह रामलला के दरबार में भी हाजिरी लगाई। दर्शन-पूजन कर सभी तिलक चढ़ाने के लिए रामसेवकपुरम पहुंचे। यहां ठीक 3:27 बजे तिलकोत्सव का लोकाचार शुरू हुआ। मंच पर बनाए गए सिंहासन पर बालक के स्वरूप में दूल्हा श्रीराम को विराजित किया गया, जबकि एक सिंहासन पर राजा दशरथ के रूप में चंपत राय विराजमान हुए। वहीं वधू पक्ष से मधेश प्रदेश नेपाल के मुख्यमंत्री सतीश कुमार सिंह व जनकपुर के महापौर मनोज कुमार शाह ने तिलकोत्सव की रस्म पूरी कराई।

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जनकपुर की सखियों ने गाए मंगल गीत
कारसेवकपुरक के वैदिक आचार्य मंत्रोच्चार करा रहे थे तो जनकपुर से भी पंडित आए थे। इधर तिलकोत्सव का लोकाचार हो रहा था उधर जनकपुर से आईं सखियां व वर पक्ष की महिलाएं मंगल गीत गा रहीं थीं। जनकपुर की सखियों ने गालियों की भी खूब बौछार की। उधर आज अवधपुर चलो सखिन देखन, राम लखन चारो भइया..., सिया जी बहिनया हमार, राम लागै पहुनवा...जैसे मंगलगीत भी गूंज रहे थे। वर पक्ष से भी संत एमबी दास सहित अन्य भजन गायकों की टीम भजन प्रस्तुत कर तिलकोत्सव का उल्लास बढ़ा रही थी। जैसे ही मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तिलकोत्सव की रस्म की तो आतिशबाजी भी हुई, सखियों व महिलाओं ने जमकर नृत्य किया, जय श्रीराम के जयकारे भी गूंजे।
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तिलकोत्सव समारेाह का संयोजन व संचालन विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह ने किया। महंत शशिकांत दास, महंत जयराम दास, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, राममंंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ़ अनिल मिश्र, निर्माण प्रभारी गोपाल राव, ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, विहिप के शरद शर्मा, संघ के गंगा सिंह, मधेश प्रदेश के मंत्रिमंडल के मंत्री राजकुमार लेखी, त्रिभुवन शाह, शत्रुघ्न सिंह, सकील अंसारी, कौशल किशोर राय भी इस समारोह के साक्षी बनें।

समर्पित किए गए 501 तरह के उपहार
- तिलक के बाद जनकपुर से आए 501 तरह के उपहार मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राजा दशरथ की भूमिका निभा रहे मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को सौंपे। यह उपहार रामलला को समर्पित किए जाएंगे। उपहार में कई तरह के वस्त्र, आभूषण, फल, मिष्ठान, बर्तन आदि वस्तुएं शामिल हैं। जनकपुर के तिलकहरू अपने साथ कांसे के थाल, दो कटोरी, गिलास, चम्मच आदि पांच परंपरागत बर्तन भी लाए थे।

- इस समारोह से अयोध्या और जनकपुर के संबंधाें को नया आयाम मिला है। त्रेतायुग से अभी तक का जो संबंध है उसे और प्रगाढ़ करने अयोध्या आए हैं। हमें सिर्फ इस संबंध की न केवल निरंतरता बनाए रखना है, बल्कि इसे और मजबूती देना है।-सतीश सिंह , मुख्यमंत्री मधेश प्रदेश, नेपाल

- भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी का संबंध है। यह संबंध सदियों पुराना है। इसी संबंध का निर्वहन करने जनकपुर से तिलक लेकर तिलकहरू अयोध्या आए हैं। तिलकोत्सव के बाद अयोध्या से 26 नवंबर को राम बरात जाएगी, इसकी तैयारी की जा रही है। -चंपत राय, महासचिव, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट

- भगवान श्रीराम के तिलकोत्सव से अयोध्या की पुरातन संस्कृति समृद्ध होगी। अयोध्या में आनंद का अद्भुत वातावरण है। त्रेतायुग की कल्पना कर हर कोई भावविभोर है। श्रीराम हमारे मानबिंदु हैं। अयोध्या व जनकपुर का संबंध नई ऊंचाई को प्राप्त करेगा।- महंत गिरीश पति त्रिपाठी, महापौर

- अयोध्या में तिलकोत्सव का यह आयोजन भारत और नेपाल के प्राचीन और मजबूत सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है। त्रेता युग से भारत-नेपाल का संबंध गहरा रहा है। यह आयोजन हमारे रिश्तों को और प्रगाढ़ करेगा। नेपाल भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। - मनोज कुमार शाह, मेयर, जनकपुर

- तिलकोत्सव समारोह का साक्षी बनकर भावविभोर हूं। इस उत्सव ने अयोध्या व जनकपुर के संबंधों को नई ऊंचाई प्रदान की है। त्रेतायुगीन यह संबंध नए सिरे से प्रगाढ़ होगा। अब राम बरात की तैयारी शुरू हो गई है। छह दिसंबर को भव्य राम विवाह का आयोजन होगा। - महंत वैदेही वल्लभ शरण

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