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फर्जी आईडी व प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर से बनाता था टिकट, दलाल गिरफ्तार
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फर्जी आईडी व प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर से बनाता था टिकट, दलाल गिरफ्तार
क्राइम इंटेलीजेंस ब्रांच (सीआईबी) की टीम ने शुक्रवार को चारबाग स्थित गुरुनानक मार्केट में दुर्गमा टूर एंड ट्रेवेल्स पर छापा मारकर पांच लाख रुपये के 220 ई-टिकट बरामद किए।
दुकान को सीज कर दलाल जितेंद्र करारा को गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ सीआईबी प्रभारी अमित कुमार राय ने बताया कि दुकान से ई टिकटों की कालाबाजारी बड़े स्तर पर हो रही थी।
ई-टिकटों की डिटेल के लिए आईआरसीटीसी व क्राइम ब्रांच दिल्ली को सभी फर्जी आईडी की जानकारियां भेज दी गई हैं।
सीआईबी के अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2019 में ही करीब 20 लाख रुपये का कारोबार किया गया है। इसके लिए फर्जी आईडी का इस्तेमाल किया गया।
यह हुआ बरामद
छापेमारी के दौरान दुकान से 5,25,491 रुपये के220 ई टिकट बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त टिकट बनाने में इस्तेमाल होने वाला कंप्यूटर, सीपीयू, प्रिंटर व सैकड़ों फर्जी आईडी बरामद की गई।
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सॉफ्टवेयर से बना रहा था टिकट
सीआईबी प्रभारी अमित कुमार राय ने बताया कि प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर टिकट बनाए जाते थे। इस सॉफ्टवेयर से तत्काल के टिकट तेजी से बनाए जाते हैं। एक साथ बीस-बीस टिकट तक बनाने वाले दलाल पहले पकड़े जा चुके हैं।
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क्राइम इंटेलीजेंस ब्रांच (सीआईबी) की टीम ने शुक्रवार को चारबाग स्थित गुरुनानक मार्केट में दुर्गमा टूर एंड ट्रेवेल्स पर छापा मारकर पांच लाख रुपये के 220 ई-टिकट बरामद किए।
दुकान को सीज कर दलाल जितेंद्र करारा को गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ सीआईबी प्रभारी अमित कुमार राय ने बताया कि दुकान से ई टिकटों की कालाबाजारी बड़े स्तर पर हो रही थी।
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ई-टिकटों की डिटेल के लिए आईआरसीटीसी व क्राइम ब्रांच दिल्ली को सभी फर्जी आईडी की जानकारियां भेज दी गई हैं।
सीआईबी के अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2019 में ही करीब 20 लाख रुपये का कारोबार किया गया है। इसके लिए फर्जी आईडी का इस्तेमाल किया गया।
यह हुआ बरामद
छापेमारी के दौरान दुकान से 5,25,491 रुपये के220 ई टिकट बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त टिकट बनाने में इस्तेमाल होने वाला कंप्यूटर, सीपीयू, प्रिंटर व सैकड़ों फर्जी आईडी बरामद की गई।
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सॉफ्टवेयर से बना रहा था टिकट
सीआईबी प्रभारी अमित कुमार राय ने बताया कि प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर टिकट बनाए जाते थे। इस सॉफ्टवेयर से तत्काल के टिकट तेजी से बनाए जाते हैं। एक साथ बीस-बीस टिकट तक बनाने वाले दलाल पहले पकड़े जा चुके हैं।