{"_id":"5ed2e20b8ebc3e908466666a","slug":"thunderstorm-and-lightning-havoc-in-many-places-in-uttar-pradesh-23-people-died","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तर प्रदेश में कई जगह आंधी-तूफान और बिजली का कहर, 23 लोगों की गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तर प्रदेश में कई जगह आंधी-तूफान और बिजली का कहर, 23 लोगों की गई जान
Sun, 31 May 2020 04:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 31 May 2020 04:15 AM IST
सार
- कई जगह विद्युत आपूर्ति ठप, बड़े-बड़े पेड़ गिरे, फसलों को भी नुकसान
- बुंदेलखंड और कानपुर के आसपास के जिलों में तेज हवाओं संग बारिश और ओले गिरने से 16 लोगों की जान चली गई
- आज भी गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश के आसार
विज्ञापन
thunderstorm
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश में कई जगह मौसम शनिवार को और बिगड़ गया। बुंदेलखंड और कानपुर के आसपास के जिलों में तेज हवाओं संग बारिश और ओले गिरने से 16 लोगों की जान चली गई। पूरे प्रदेश में आंधी-तूफान के कारण हुए विभिन्न हादसों और बिजली गिरने से कुल 23 लोगों की मौत हुई है।
विज्ञापन
कई शहरों में शुक्रवार रात से ही मौसम बिगड़ने से बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के पोल गिर गए। इससे शनिवार तक विद्युत आपूर्ति ठप रही। फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार रविवार को भी प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश हो सकती है। 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आ सकती है।
विज्ञापन
बुंदेलखंड और कानपुर के आसपास आंधी-बारिश और बिजली गिरने से उन्नाव में सात, कन्नौज में छह, बांदा और कानपुर शहर में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। कानपुर शहर के बिल्हौर में आंधी-बारिश संग आधा घंटे तक बड़े-बड़े ओले गिरे जिससे फसल चौपट हो गईं। सैकड़ों गाड़ियों के शीशे टूट गए और कई लोग घायल भी हुए। घाटमपुर में भी जमकर ओलावृष्टि हुई।
विज्ञापन
कानपुर में शनिवार को एक ही दिन में 54.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे मई माह में बारिश का 43 साल का रिकॉर्ड टूट गया। 1977 में मई में एक ही दिन में 46.6 मिमी बारिश हुई थी। उन्नाव में दोपहर तीन बजे के बाद बारिश के साथ कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। बुंदेलखंड के बांदा में दोपहर बाद मौसम बदल गया और बारिश संग ओले गिरे।
महोबा में देर शाम को तेज आंधी चलने से बिजली के खंभे और तार टूटने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट में भी बारिश संग कई स्थानों पर ओले गिरे। कानपुर देहात में शनिवार को तेज हवाओं संग बारिश-ओले गिरने से जहां मूंग की फसल को नुकसान पहुंचा, वहीं सब्जी की फसल को फायदा हुआ है। इटावा में शुक्रवार रात साढ़े आठ बजे आई आंधी-बारिश से कई घरों की दीवारें और छप्पर गिर गए। बिजली के एक दर्जन से ज्यादा खंभे टूटने से शहर की आपूर्ति व्यवस्था बाधित हो गई।
फर्रुखाबाद में बृहस्पतिवार से शुक्रवार रात तक तेज हवा संग बारिश होती रही। फतेहपुर में दिन में तेज धूप और तपिश के बाद शाम पौने पांच बजे तेज हवा के साथ बारिश हुई, जिससे टिन शेड आदि उड़ गए। औरैया में शुक्रवार की रात व शनिवार को सुबह तक बारिश हुई। हरदोई में भी शनिवार को दिन में कई बार बारिश हुई।
मैनपुरी : क्रय केंद्र पर भीग गया 16 सौ क्विंटल गेहूं
मैनपुरी के किशनी क्षेत्र में सरकारी क्रय केंद्र के बाहर रखा 15 सौ क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया। वहीं, अजीतगंज क्षेत्र में सौ क्विंटल गेहूं भीगा। जबकि, बारिश और आंधी की चेतावनी मौसम विभाग की ओर से पहले ही जारी की जा चुकी थी। एडीएम बी. राम ने कहा कि गेहूं भीगने के मामले में जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी। जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
आगरा : ताज में आंधी से टूटीं जालियां, गेट हुआ टेढ़ा, पेड़ टूटे
शुक्रवार को ताजनगरी में 124 किमी की रफ्तार से आए बवंडर ने न केवल ताजमहल बल्कि सिकंदरा, एत्माद्दौला, मेहताब बाग समेत कई स्मारकों को काफी नुकसान पहुंचाया है। ताजमहल में संगमरमर और लाल पत्थर की जालियों के अलावा पश्चिमी गेट की चूल टूट जाने से गेट टेढ़ा हो गया, वहीं फैसिलिटी सेंटर में भी छत और मेटल डिटेक्टर टूट गए। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने शनिवार सुबह से ही टीमें भेजकर नुकसान का आकलन कराया।
-