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एयरपोर्ट से पकड़े तीन युवकों को थाने में बंधक बनाकर उगाही मामले में बड़ा खुलासा, एसटीएफ सीओ भी फंसे 

Mon, 08 Apr 2019 06:42 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: देव कश्यप Updated Mon, 08 Apr 2019 06:42 AM IST
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three youths arrested from the airport, Encounter threatened foreign currency
प्रतीकात्मक तस्वीर

एयरपोर्ट से पकड़े तीन युवकों को बंथरा थाने में बंधक बनाकर उगाही के मामले में चौंकाने वाला सच सामने आया है कि एसटीएफ की टीम ने एनकाउंटर की धमकी देकर 34 लाख की विदेशी मुद्रा लूटी थी। ऑपरेशन क्लीन को लेकर चर्चित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने जांच में एसटीएफ की टीम के खेल की परतें उधेड़ डालीं। एयरपोर्ट से लेकर बंथरा थाने तक के सीसीटीवी फुटेज के साथ उच्चाधिकारियों को सौंपी रिपोर्ट में विदेशी मुद्रा लूटने का सच उजागर किया है। एसटीएफ के क्षेत्राधिकारी विजय यादव, निरीक्षक व सिपाही के साथ बंथरा के पूर्व कोतवाल पर दर्ज लूट एवं भ्रष्टाचार की प्राथमिकी की पड़ताल पर उच्चाधिकारियों की नजर है।

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दिल्ली के अजमेरी गेट के मोहल्ला लालकुआं की गली सावर खान कूचा पंडित निवासी व्यवसायी मो. लुकमान द्वारा पांच मार्च को की गई शिकायत पर जांच के बाद रविवार तड़के एसटीएफ की तीन सदस्यीय टीम व बंथरा के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह के खिलाफ फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 34 लाख रुपये की लूट एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मो. लुकमान का कहना है कि वह एक मित्र के साथ तीन मार्च की दोपहर 12 बजे कानपुर के दलेरपुरवा निवासी सलाहउद्दीन और प्रतापगढ़ के कुंडा निवासी शहनवाज को छोड़ने अमौसी एयरपोर्ट जा रहा था। एयरपोर्ट मोड़ पर स्कॉर्पियो (यूपी 32 बीजी 4485) ने ई-रिक्शा को ओवरटेक किया और गाड़ी से उतरे चार लोगों ने खुद को क्राइम ब्रांच व एसटीएफ गाजियाबाद का बताते हुए घेर लिया। इनमें एक के पास मशीनगन और अन्य के पास रिवॉल्वर थे। लुकमान और उसके साथी ने दुबई की फ्लाइट छूट जाने का वास्ता दिया, लेकिन चारों लोगों ने उन्हें स्कॉर्पियो में लाद लिया। 
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फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दे भगा दिया 
आरोप है कि स्कॉर्पियो तीन-चार घंटे विभिन्न मार्गों पर दौड़ाने के बाद बंथरा थाने के प्रभारी निरीक्षक के कक्ष में ले गए। आतंकवादी बताकर धमकाते हुए विदेशी मुद्रा के बारे में पूछताछ की। पैसा नंबर एक का बताने पर एनकाउंटर की धमकी दी और करीब 34 लाख रुपये कीमत की विदेशी मुद्रा लूट ली। किसी से शिकायत पर फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर भगा दिया। बुरी तरह डरे लुकमान ने दिल्ली जाकर परिवारीजनों को जानकारी दी। 34 लाख की विदेशी मुद्रा लुटने से पूरा परिवार परेशान हो उठा। इस पर लुकमान ने 5 मार्च को अपने पिता शहबाज हुसैन के साथ लखनऊ आकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारियों से शिकायत की थी। 
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कप्तान की जांच में उजागर हुआ खेल

एसटीएफ की टीम द्वारा 34 लाख की लूट की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया में वायरल होने पर लखनऊ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक एसके भगत ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी को जांच के आदेश दिए थे। पीड़ित के बयान दर्ज करने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने एयरपोर्ट से लेकर बंथरा थाने तक विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज एकत्र कराए। एसटीएफ की टीम द्वारा एयरपोर्ट मोड़ पर ई-रिक्शा ओवरटेक करके लुकमान व उसके साथियों के पकड़े जाने की पुष्टि हुई। बंथरा थाने में छानबीन में स्पष्ट हुआ कि एसटीएफ के उपाधीक्षक विजय यादव ने प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह की कुर्सी पर बैठकर पूछताछ की थी। 

एसटीएफ टीम की मंशा पर उठे सवाल 
जांच में फंसी एसटीएफ की टीम ने बरामद विदेशी मुद्रा को कानपुर के अनवरगंज थाने में दाखिल किए जाने की बात कही, लेकिन दो आरोपियों के साथ रकम का दाखिला सोशल मीडिया पर क्लिप वायरल होने के बाद का था। सवाल उठा कि एयरपोर्ट मोड़ से विदेशी मुद्रा के साथ पकड़े गए लुकमान और उसके साथियों को नियमानुसार सरोजनीनगर थाने ले जाना चाहिए था लेकिन एसटीएफ की टीम करीब चार घंटे बाद बंथरा थाने ले गई। बरामद विदेशी मुद्रा को बंथरा थाने में भी दाखिल नहीं किया। जांच रिपोर्ट पर आला अफसरों ने माना कि एसटीएफ टीम की मंशा 34 लाख की विदेशी मुद्रा हड़पने की थी। मामला तूल पकड़ने पर रकम कानपुर के अनवरगंज थाने में जमा की गई। 

रोजनामचा में एटीएस की पूछताछ
बंथरा थाने के रोजनामचा में तीन मार्च की रात 9:08 बजे वरिष्ठ उपनिरीक्षक की तरफ से आख्या दर्ज कराई गई थी। इसमें एटीएस के निरीक्षक जैनुद्दीन अंसारी व उनके पुलिस उपाधीक्षक की टीम द्वारा कुछ लोगों को थाने लाकर पूछताछ किए जाने का उल्लेख किया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि राजधानी में तैनात रह चुके निरीक्षक जैनुद्दीन अंसारी और बंथरा के प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह के बीच मधुर संबंध थे। इसके चलते वह लुकमान व उसके साथियों को सरोजनीनगर के बजाय बंथरा थाने ले गए थे लेकिन एसटीएफ की टीम को रोजनामचा में एटीएस लिखे जाने का राज स्पष्ट नहीं हुआ।

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