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लखनऊ में बच्चे से बर्बरता पर चौकी प्रभारी समेत तीन पर गिरी गाज, किए गए निलंबित

Sun, 30 Jun 2019 11:28 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 30 Jun 2019 11:28 AM IST
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Three suspended for atrocities on a teen aged boy in Lucknow.
बच्चे के शरीर पर लगे चोट के निशान। - फोटो : amar ujala

लखनऊ पीजीआई थाने की तेलीबाग चौकी में ई-रिक्शा चोरी के शक में किशोर को बंधक बनाकर बेतहाशा पीटने और बूटों से कुचलने के मामले में शनिवार को चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं, पीड़ित को टरकाने पर क्षेत्राधिकारी कार्यालय के मुंशी को दंड का नोटिस थमाया गया। किशोर के परिवारीजन के तहरीर देने पर पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक विधानसभा/सचिवालय सुरक्षा सर्वेश कुमार मिश्रा की जांच रिपोर्ट पर तेलीबाग चौकी प्रभारी रजनीश वर्मा, मुख्य आरक्षी दिनेश त्रिपाठी व संदीप सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा पीड़ित व उसके परिवार को क्षेत्राधिकारी कैंट के कार्यालय से टरकाने वाले मुंशी राजेंद्र पटेल को विभागीय दंडात्मक कार्रवाई का नोटिस जारी किया गया है।
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जांच में पाया गया कि चौकी प्रभारी व दोनों मुख्य आरक्षी ने किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों का पालन न करके अवैधानिक तरीके से कार्रवाई की। चिकित्सकीय परीक्षण में किशोर को साधारण चोट व सूजन पाई गई है। इस पर क्षेत्राधिकारी को निर्देश दिया गया कि परिवारीजन की इच्छा पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्रवाई करें।

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समस्याओं के मूल कारण पर नजर

कलानिधि नैथानी ने बताया कि तेलीबाग चौकी में किशोर की पिटाई के मामले में तुरंत कदम उठाने के बजाए मूल कारण का पता लगाकर कार्रवाई की गई है। सभी पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारियों को आदेश दिए गए कि प्रभारी निरीक्षक से लेकर होमगार्ड तक को बाल अपराध व किशोर न्याय अधिनियम के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी देकर जागरूक करें।

महिला हवालात की तरह बंद हो नाबालिग का उत्पीड़न

एसएसपी ने कहा कि पहले थाने पर महिलाओं के उत्पीड़न की शिकायतें आती थीं। अनेक पुलिसकर्मियों को जेल की हवा खानी पड़ी। इसके बाद थानों से महिला हवालात खत्म हो गई। चेताया कि नाबालिग के उत्पीड़न में जेल जाने के बजाय हरकत सुधार लें। पुलिसकर्मी नए जमाने के हिसाब से खुद को बदलकर कार्य करें।

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