मौत पर बवाल, पुलिस पर फूटा गुस्सा
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सरोजनीनगर क्षेत्र में शनिवार रात पीडब्ल्यूडी की रोड मेंटीनेंस मशीन की टक्कर से दो छात्रों की मौत के विरोध लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
लोगों ने रविवार सुबह बिजनौर -बंगला बाजार रोड जाम कर दिया। तीन घंटे सड़क जाम होने से करीब तीन-चार किमी तक वाहनों की कतार लग गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया तो वे भिड़ गए। इस बीच कई स्थानीय नेता मौके पर पहुंच गए। पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग प्रशासन से की। डीएम के आश्वासन बाद ही ग्रामीण शांत हुए।
हंगामे की सूचना पाकर सीओ हरेंद्र कुमार, एसीएम तृतीय शंकर मुखर्जी समेत पुलिस फोर्स बुला ली। एसीएम ने लोगों को समझाने का प्रयास किया मगर वह मुआवजे की मांग पर अड़े थे।
जिला पंचायत सदस्य शेर बहादुर सिंह ने मृतकों के परिवारीजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की।
वहीं भाजपा के प्रदेश मंत्री वीरेंद्र कुमार तिवारी ने मौके पर पहुंचकर फोन से जिलाधिकारी राजशेखर से बात कर मृतकों के
परिवारीजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। डीएम के आश्वासन बाद लोगों ने जाम हटवाया।
ऐसे हुआ था हादसा
बंथरा के कमलापुर गांव निवासी सूर्यपाल का बेटा राजभान (18) बीए का छात्र था। वह अपने दोस्त व बीटेक स्टूडेंट अरुण (20) और समीर (19) को बाइक से शनिवार रात दस बजे घर छोड़ने आशियाना के बिरहाना खेड़ा जा रहा था।
श्रवण नगर मंदिर के पास पीडब्लूडी की रोड मेंटीनेंस में लगी मशीन ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में तीनों घायल हो गए।
पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर तीनों को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। इस बीच जानकारी पर कुछ देर में घरवाले ट्रॉमा पहुंच गए। डॉक्टरों ने राजभान व अरुण को मृत घोषित कर दिया।
जबकि समीर के घरवालों ने उसे सहारा अस्पताल में भर्ती कराया है। राजभान के पिता की तहरीर पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर चालक की तलाश में जुटी है।