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UP News : फर्जी शिक्षक मामले में तीनों प्रिंसिपल निलंबित, 2016 के बाद हुईं नियुक्तियों की होगी जांच

Tue, 23 Aug 2022 12:52 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 23 Aug 2022 12:52 AM IST
सार

2016 से जारी ऑफलाइन नियुक्ति पत्रों की पुष्टि प्रयागराज स्थित निदेशालय से करने को कहा गया है। वहीं 23 अक्टूबर 2020 व उसके बाद नियुक्त सभी सहायक अध्यापकों, प्रवक्ताओं के नियुक्ति पत्रों व प्रमाणपत्रों के प्रपत्रों की जांच ऑनलाइन होगी।

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Three principals suspended for appointed fake teachers.
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Social Media

विस्तार

माध्यमिक शिक्षा निदेशक सरिता तिवारी ने झांसी में पांच फर्जी शिक्षकों को कार्यभार कराने की आरोपी तीन अलग-अलग राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही फर्जी शिक्षकों की धरपकड़ के लिए प्रदेश के सभी डीआईओएस को राजकीय इंटर कॉलेजों व राजकीय हाईस्कूल विद्यालयों में वर्ष 2016 के बाद हुईं पुरुष, महिला शिक्षकों की नियुक्तियों के प्रपत्रों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 2016 से जारी ऑफलाइन नियुक्ति पत्रों की पुष्टि प्रयागराज स्थित निदेशालय से करने को कहा गया है। वहीं 23 अक्टूबर 2020 व उसके बाद नियुक्त सभी सहायक अध्यापकों, प्रवक्ताओं के नियुक्ति पत्रों व प्रमाणपत्रों के प्रपत्रों की जांच ऑनलाइन होगी। सभी नवनियुक्त सहायक अध्यापकों, प्रवक्ताओं का विवरण निर्धारित प्रारूप पर 25 अगस्त तक निदेशालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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अपर शिक्षा निदेशक (राजकीय) केके गुप्ता के अनुसार झांसी जिले के राजकीय हाईस्कूल बम्हौरी सुहागी की प्रिंसिपल पूनम के साथ ही राजकीय हाईस्कूल वीरा की ऊषा पठवार व राजकीय हाईस्कूल खडौरा की प्रभारी प्रिंसिपल प्रीति सागर को निलंबित किया गया है। इनमें बम्हौरी सुहागी व वीरा के विद्यालय में एक-एक फर्जी शिक्षक ने कार्यभार ग्रहण किया था। वहीं राजकीय हाईस्कूल खडौरा में तीन फर्जी शिक्षक कार्य कर रहे थे। प्रिंसिपल पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी नियुक्ति पत्रों की जांच किए बगैर ही कार्यभार ग्रहण करा दिया। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक या उनके कार्यालय से इस संबंध में जानकारी भी नहीं की। पकड़े गए पांचों फर्जी शिक्षक आजमगढ़ के निवासी हैं और जुलाई में इन्होंने विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण कर लिया था।
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उधर, प्रदेश भर में नियुक्तियों की जांच के लिए अपर शिक्षा निदेशक (राजकीय) केके गुप्ता की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 2020 से लोक सेवा आयोग उप्र. द्वारा सीधी भर्ती के माध्यम से प्रवक्ता व एलटी ग्रेड के पदों पर नियुक्ति की जा रही है। इसके तहत चयनित अभ्यर्थियों के एनआईसी के माध्यम से ऑनलाइन नियुक्ति पत्र जारी होते हैं। पहले चरण में 23 अक्टूबर 2020 को नियुक्ति पत्र जारी हुए थे। उसी समय शिक्षा निदेशक की ओर से कार्यभार ग्रहण कराने के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए थे। कहा गया था कि जिला विद्यालय निरीक्षक नियुक्ति पत्र का मिलान अपनी लॉगिन से कर लें। साथ ही मूल प्रमाणपत्रों की भी जांच कर लें। इसके बाद ही नियुक्ति पत्र जारी होने के 15 दिन में कार्यभार ग्रहण कराएं। पहले चरण के बाद दूसरे चरण में 19 जनवरी 2021, तीसरे चरण में 12 अगस्त 2021 व चौथे चरण में 6 जनवरी 2022 को ऑनलाइन नियुक्ति पत्र जारी हुए। इसके बाद से ऑनलाइन किसी सहायक अध्यापक, प्रवक्ता पद के लिए नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए।
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निदेशालय से जारी निर्देशों के तहत ऑनलाइन जारी नियुक्ति पत्र में अभ्यर्थियों को सीधे प्रधानाचार्य को कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश नहीं हैं। संबंधित जिले के डीआईओएस द्वारा अनुमति दिए जाने के बाद कार्यभार ग्रहण कराया जाता है। चूंकि झांसी में फर्जी नियुक्ति पत्र पर कार्यभार ग्रहण करने का मामला सामने आया है, इसलिए ऐसा मामला अन्य जिलों में भी संभावित है। इसी क्रम में नियुक्तियों की जांच करके ब्योरा निदेशालय को भेज दें। इसके साथ ही भविष्य में शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण कराने से पहले लॉगिन से मिलान कर लें। साथ ही कार्यभार ग्रहण कराने की सूचना उसी समय वेबसाइट पर भी दर्ज कर दें।


पहले जारी होते थे ऑफलाइन नियुक्ति पत्र
वर्ष 2020 में लोकसेवा आयोग से सीधी भर्ती शुरू होने से पहले ऑफलाइन नियुक्ति पत्र निदेशालय से जारी होते थे। इसी क्रम में ऑफलाइन जारी नियुक्ति पत्रों की पुष्टि शिक्षा निदेशालय उप्र. प्रयागराज से कराने के लिए सभी डीआईओएस को कहा गया है। अपर शिक्षा निदेशक (राजकीय) के अनुसार वर्ष 2016 से उच्च न्यायालय से जुड़े प्रकरणों में कुछ अभ्यर्थियों को ऑफलाइन नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। इसके साथ ही सामान्य चयन के माध्यम से भी प्रवक्ता पदों पर नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। ऐसे सभी नियुक्ति पत्रों की पुष्टि करने को कहा गया है। साथ ही ऑफलाइन नियुक्तियों का ब्योरा भी निर्धारित प्रपत्र पर निदेशालय भेजने को कहा गया है।

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