जहरीली शराब से 3 की मौत, चुनाव में बंटी थी शराब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के कानपुर के घाटमपुर में पुलिस चौकी नंदना के गनेशपुर गांव में मंगलवार को जहरीली शराब पीने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग बीमार हैं। जहरीली शराब पीने से बीमार पड़े लोगों को अकबरपुर और सीएचसी घाटमपुर में भर्ती कराया है।
बताया गया है कि जहरीली शराब पंचायत चुनाव में किसी प्रत्याशी की ओर से बंटवाई गई थी। पुलिस ने गनेशपुर गांव के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।पतारा क्षेत्र में बीते रविवार को पंचायत चुनाव के लिए वोट डाले गए थे। जिला पंचायत चुनाव के कुछ प्रत्याशियों ने मतदाताओं को
गनेशपुर गांव में जहरीली शराब पीने से हुई तीन मौतों और कई लोगों के बीमार पड़ने के बाद मातम छाया हुआ है। मृतकों के घरों में चूल्हे नहीं जले। पड़ोसी और रिश्तेदार पीड़ित परिवारों के सांत्वना देने में जुटे थे। सभी के मुंह से यही सुनाई दे रहा था कि काश शराब के लालच में पड़ते तो शायद यह दिन नहीं देखना पड़ता।
उधर, पंचायत चुनाव में शराब बंटवाने वाले जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार का नाम गांव के लोग बताने को तैयार नहीं हैं। मंगलवार को गांव पहुंचे मीडिया कर्मियों और अधिकारियों ने उनको काफी कुरेदा लेकिन, कोई भी मुंह खोलने को तैयार नहीं हुआ।
चुनाव में नहीं बांटी गई शराब-एडीएम
मौतों के बारे में चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन से जानकारी मांगी है।मंगलवार की शाम अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्यप्ति) आशुतोष अग्निहोत्री ने गनेशपुर गांव पहुंचकर ग्रामीणों के बयान लिए।
बीते रविवार को मतदान हुआ था। बताया कि गांव पड़री-लालपुर जिला पंचायत सीट में पड़ता है। पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित सीट पर 27 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इनमें से ही कुछ प्रोत्याशियों पर चुनाव के दौरान नोट और शराब ग्रामीणों में बंटवाई गई थी।
जिला पंचायत सदस्य पद के लिए गांव के ही बीरू नायक की पत्नी भी प्रत्याशी है। शराब कांड के बाद पुलिस ने बीरू नायक को हिरासत में ले लिया है। उधर, एसडीएम कमलेश चंद्र बाजपेई ने बताया कि उन्होंने कई लोगों से बयान लिए हैं पर किसी ने भी चुनाव में शराब बांटे जाने की जानकारी नहीं दी है।
घाटमपुर पतारा के गनेशपुर गनेशपुर गांव में तीन लोगों की मौत जहरीली या अत्याधिक शराब पीने से हुई। यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ नहीं हुआ। डॉक्टरों ने तीनों का विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा है। डॉक्टरों का कहना है कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला में विसरा की जांच के बाद ही मौत की वजह साफ हो सकेगी।