लखनऊः परियोजना अधिकारी समेत तीन लोगों की डेंगू से मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस दौरान प्रयागराज निवासी युवक की मौत पर परिवारीजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को संभाला। शनिवार हो हुईं तीन मौतों में एक युवक लखनऊ का था, बाकी दो अन्य जिलों के हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसर का कहना है कि मरीज की डेथ ऑडिट कराई जाएगी।
डेंगू से अब तक शहर में 26 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में डेंगू से सिर्फ छह मौतें दर्ज हैं। माल गहदो निवासी रवि प्रताप सिंह चौहान (28) इंदिरा नगर मानस इन्क्लेव में किराए पर रहते थे। करीब डेढ़ हफ्ते पहले उन्हें तेज बुखार आया था।
तीमारदारों ने लगाया ये आरोप
तीमारदारों का आरोप है कि इलाज के नाम करीब आठ लाख रुपये निजी संस्थानों ने वसूल लिए। इंदिरा नगर मानस इंक्लेव के आसपास डेंगू को लेकर दहशत है। इलाके में डेंगू की रोकथाम के लिए फॉगिंग, एंटीलार्वा का छिड़काव न होने का आरोप लगाया है।
निजी अस्पतालों से मांगा गया है रिकॉर्ड
निजी अस्पतालों में हुई मौतों का रिकॉर्ड मांगा गया है। मौत डेंगू से हुई या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए डेथ ऑडिट कराया जाएगा। - डॉ. केपी त्रिपाठी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
आरोप : इलाज में लापरवाही से गई मरीज की जान
वहीं कृष्णानगर स्थित एक बड़े निजी हॉस्पिटल में भर्ती प्रयागराज निवासी डेंगू मरीज जसमीत सिंह (26) की मौत के बाद बवाल के दौरान तीमारदारों से मारपीट का मामला भी सामने आया है। तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल के गार्डों ने उनके साथ मारपीट की।
परिवारीजनों का आरोप है कि समय पर मरीज का इलाज नहीं शुरू हुआ। इलाज में कोताही से मरीज की मौत हुई। तीमारदारों ने बताया कि मरीज की हालत गंभीर होने पर शुक्रवार को कृष्णा नगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां जसमीत को आईसीयू में भर्ती किया गया। शनिवार रात जसमीत की मौत हो गई।