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Lucknow News: सीने में दर्द की शिकायत पर भर्ती तीन रोगियों ने तोड़ा दम

Sat, 18 Jan 2025 01:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Sat, 18 Jan 2025 01:15 AM IST
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Three patients admitted complaining of chest pain died
रायबरेली जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीज को देखते चिकित्सक।
रायबरेली। कड़ाके की ठंड में हार्ट व सांस की समस्या से ग्रस्त रोगियों की संख्या बढ़ी है। जिले में इनकी संख्या पांच गुना तक बढ़ गई है। वहीं, सीने में दर्द होने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए तीन मरीजों की शुक्रवार को मौत हो गई। इसके अलावा हार्ट और सांस की समस्या ग्रस्त 10 मरीजों को भर्ती कराया गया है। इनके इलाज के लिए पुख्ता प्रबंध न होने के कारण गंभीर मरीजों को लखनऊ या एम्स रेफर करना पड़ रहा है।
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सीने में दर्द होने पर छतैया हरचंदपुर निवासी फूलकली (70), तिलोई निवासी इस्लामअली (65) और बलीपुर कुंडा निवासी रीता (42) को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान तीनों मरीजों की शुक्रवार को मौत हो गई। इसके अलावा सीने में दर्द होने पर स्वीटी (60), लाला (52), बदाला (46), ब्रजलाल (35), संजीव कुमार (65) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सांस लेने में समस्या होने पर नेखपाल (55), धनरानी (70), आशा (52), गंगा प्रसाद (65), अरुणिमा (27) को भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी का इलाज चल रहा है।
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इस साल हार्ट के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। ओपीडी और इमरजेंसी में पांच गुना तक मरीज बढ़े हैं। सीने में दर्द और समस्याएं होने पर रोजाना 100 से अधिक मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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सर्दी से बचें, आदत में लाएं सुधा र: डॉ. सलीम
जिला अस्पताल के हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. सलीम का कहना है कि सीने में दर्द, बेचैनी, पसीना आना, जबड़े, गर्दन बाजू व कंधे में दर्द, सांस का टूटना आदि हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण हैं। ठंड के मौसम में नसें सिकुड़ती हैं और सख्त हो जाती हैं। इसे सोते समय भी शरीर की गतिविधियां धीमी हो जाती है। ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल नीचे आ जाता है, जिससे हॉर्ट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। दबाव बढ़ने से हार्ट अटैक आ सकता है। ठंड से बचना और अपनी आदतों में सुधार लाना जरूरी है।


उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से हार्ट रोगियों को इलाज संबंधी बेहतर सुविधा दी जा रही है। ठंड की वजह से हॉर्ट व सांस के रोगी बढ़े हैं। भर्ती होने वाले मरीजों के साथ ही ओपीडी में आ रहे रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का प्रयास किया जाता है।
डॉ. प्रदीप अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल
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