{"_id":"656b904801ae108f52062dc9","slug":"three-more-arrested-for-making-certificates-from-fake-website-lucknow-news-c-13-lko1027-516168-2023-12-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: फर्जी वेबसाइट से प्रमाणपत्र बनाने वाले तीन और गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: फर्जी वेबसाइट से प्रमाणपत्र बनाने वाले तीन और गिरफ्तार
विज्ञापन
लखनऊ। फर्जी वेबसाइट बनाकर जन्म-मृत्यु और कोविड प्रमाणपत्र बनाने और देशभर में 436 केंद्र खोलने वाले गिरोह के तीन और जालसाजों को एसटीएफ ने शनिवार को नहर चौराहे से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए। गिरोह में कई अन्य जिलों के लोगों के शामिल होने सुबूत सामने आए हैं। जिसके आधार पर एसटीएफ तहकीकात कर रही है। केस गाजियाबाद के ट्राॅनिका सिटी कोतवाली में दर्ज किया जा चुका है।
एसटीएफ ने शुक्रवार को गाजियाबाद से गिरोह के मास्टरमाइंड साहिल व उसके साथी मौ. जुबैर व रियाजुद्दीन को गिरफ्तार किया था। खुलासा किया था कि आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट बनाकर मोटी रकम लेकर फ्रेंचाइजी देकर देशभर में केंद्र खुलवाए। वहां से फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ कोविड टीकारण के प्रमाणपत्र बनाए गए। यही नहीं फर्जी आधार कार्ड बनाने का खेल भी किया। इसमें कई बांग्लादेशियों के दस्तावेज भी बनवाए गए।
एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि अब शनिवार को नहरिया चौराहे से बहराइच निवासी मोहम्मद अरमान, कुशीनगर के सहीम अंसारी व जौनपुर के मोहम्मद अफजल को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से तीन लैपटॉप, पांच मोबाइल, आधार कार्ड, पैन कार्ड, 15 फर्जी दस्तावेज व सवा लाख की नकदी बरामद हुई।
विज्ञापन
प्रमाणपत्र के एवज में ये लोग सौ से एक हजार रुपये तक ये सभी वसूलते थे। अब तक करीब सात हजार प्रमाणपत्र बनवाने के साक्ष्य मिल चुके हैं। इसमें कोविड टीकाकरण के प्रमाणपत्राें की संख्या नहीं शामिल है। मृत्यु प्रमाणपत्र की मदद से कई लोगों ने बीमा क्लेम तक ले लिया। ऐसे कई सुबूत एसटीएफ को मिले हैं। जिसका सत्यापन किया जा रहा है।
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी अरमान ने बताया कि उसके चाचा जाबिर अंसारी ग्रामीण डाक सेवा में संविदाकर्मी हैं। जाबिर के पास आधार कार्ड बनाने की आईडी है। इस आईडी का इस्तेमाल फर्जीवाड़े में किया गया। एसटीएफ जाबिर की तलाश कर रही है।
विज्ञापन
एसटीएफ ने शुक्रवार को गाजियाबाद से गिरोह के मास्टरमाइंड साहिल व उसके साथी मौ. जुबैर व रियाजुद्दीन को गिरफ्तार किया था। खुलासा किया था कि आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट बनाकर मोटी रकम लेकर फ्रेंचाइजी देकर देशभर में केंद्र खुलवाए। वहां से फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ कोविड टीकारण के प्रमाणपत्र बनाए गए। यही नहीं फर्जी आधार कार्ड बनाने का खेल भी किया। इसमें कई बांग्लादेशियों के दस्तावेज भी बनवाए गए।
विज्ञापन
एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि अब शनिवार को नहरिया चौराहे से बहराइच निवासी मोहम्मद अरमान, कुशीनगर के सहीम अंसारी व जौनपुर के मोहम्मद अफजल को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से तीन लैपटॉप, पांच मोबाइल, आधार कार्ड, पैन कार्ड, 15 फर्जी दस्तावेज व सवा लाख की नकदी बरामद हुई।
विज्ञापन
प्रमाणपत्र के एवज में ये लोग सौ से एक हजार रुपये तक ये सभी वसूलते थे। अब तक करीब सात हजार प्रमाणपत्र बनवाने के साक्ष्य मिल चुके हैं। इसमें कोविड टीकाकरण के प्रमाणपत्राें की संख्या नहीं शामिल है। मृत्यु प्रमाणपत्र की मदद से कई लोगों ने बीमा क्लेम तक ले लिया। ऐसे कई सुबूत एसटीएफ को मिले हैं। जिसका सत्यापन किया जा रहा है।
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी अरमान ने बताया कि उसके चाचा जाबिर अंसारी ग्रामीण डाक सेवा में संविदाकर्मी हैं। जाबिर के पास आधार कार्ड बनाने की आईडी है। इस आईडी का इस्तेमाल फर्जीवाड़े में किया गया। एसटीएफ जाबिर की तलाश कर रही है।