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Lucknow News: पुष्पक में सीटें बेचने वाले तीन कर्मचारियों की पहचान
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लखनऊ। पुष्पक एक्सप्रेस की जनरल सीटें 200 रुपये में बेचने वालों में पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के रेलकर्मी के अलावा दो प्राइवेट कर्मचारी भी शामिल हैं। आरपीएफ ने बृहस्पतिवार को तीनों की पहचान करते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए। हालांकि, जीआरपी ने प्रकरण में गंभीरता नहीं दिखाई है। न ही उसने आरोपितों से पूछताछ की और न ही मुकदमा दर्ज किया।
अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को ''दलाल 200 रुपये में बेच रहे जनरल कोच की सीटें'' खबर प्रकाशित कर खेल का खुलासा किया था। इसमें पुष्पक की जनरल बोगियों में यात्रियों को बिठाने के एवज में रुपये वसूलने का मामला उजागर किया गया था। इसके बाद आरपीएफ ने मामले को संजीदगी से लिया। आरपीएफ इंचार्ज अमित कुमार राय ने बताया कि तस्वीरों के आधार पर टिकट बेचने वालों की तलाश की गई। इनमें से रेलकर्मी सुनील कुमार स्टेशन पर ही तैनात है। इसके साथ प्राइवेट कर्मचारी मो. इलियास व मो. अनीस पुष्पक एक्सप्रेस की सीटें बेच रहे थे। इनसे पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इससे पहले पुष्पक की जनरल बोगियों में सीटें बेचने की शिकायत जून में आई थी। उस वक्त सफाईकर्मी सलमान हलीम को गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे जंक्शन से हटा दिया गया था। अमित कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच चल रही है।
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एएससी को मिली जांच
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सहायक सुरक्षा आयुक्त (एएससी) रविशंकर कुमार को पुष्पक एक्सप्रेस मामले की जांच सौंपी गई है। आरपीएफ के डीआईजी चंद्रमोहन मिश्र ने बताया कि मामला गंभीर है। एएससी जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगे। आरपीएफ कर्मियों के दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी। आरपीएफ की क्राइम ब्रांच सीआईबी भी मामले में सक्रिय हो गई है।
वर्जन
मामले की जानकारी हुई है। तीनों आरोपितों से पूछताछ कर पड़ताल की जाएगी। पीड़ित यात्री की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सीसीटीवी फुटेज से जांच की जा रही है।
- धर्मवीर सिंह, जीआरपी प्रभारी, चारबाग
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अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को ''दलाल 200 रुपये में बेच रहे जनरल कोच की सीटें'' खबर प्रकाशित कर खेल का खुलासा किया था। इसमें पुष्पक की जनरल बोगियों में यात्रियों को बिठाने के एवज में रुपये वसूलने का मामला उजागर किया गया था। इसके बाद आरपीएफ ने मामले को संजीदगी से लिया। आरपीएफ इंचार्ज अमित कुमार राय ने बताया कि तस्वीरों के आधार पर टिकट बेचने वालों की तलाश की गई। इनमें से रेलकर्मी सुनील कुमार स्टेशन पर ही तैनात है। इसके साथ प्राइवेट कर्मचारी मो. इलियास व मो. अनीस पुष्पक एक्सप्रेस की सीटें बेच रहे थे। इनसे पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि इससे पहले पुष्पक की जनरल बोगियों में सीटें बेचने की शिकायत जून में आई थी। उस वक्त सफाईकर्मी सलमान हलीम को गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे जंक्शन से हटा दिया गया था। अमित कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच चल रही है।
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एएससी को मिली जांच
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सहायक सुरक्षा आयुक्त (एएससी) रविशंकर कुमार को पुष्पक एक्सप्रेस मामले की जांच सौंपी गई है। आरपीएफ के डीआईजी चंद्रमोहन मिश्र ने बताया कि मामला गंभीर है। एएससी जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगे। आरपीएफ कर्मियों के दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी। आरपीएफ की क्राइम ब्रांच सीआईबी भी मामले में सक्रिय हो गई है।
वर्जन
मामले की जानकारी हुई है। तीनों आरोपितों से पूछताछ कर पड़ताल की जाएगी। पीड़ित यात्री की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सीसीटीवी फुटेज से जांच की जा रही है।
- धर्मवीर सिंह, जीआरपी प्रभारी, चारबाग