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तीन युवकों के गोमती में डूबकर मरने की खबर से पूरा मोहल्ला गम में डूबा
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लखनऊ। तीन युवकों के डूबने की सूचना मिलते ही फैजुल्लागंज इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोग तुरंत बच्चों के घर पहुंचने लगे। तीनों बच्चे मोहल्ले में सबसे घुले-मिले हुए थे। उनकी मौत की सूचना पाकर हर आंख नम थी और पूरा मोहल्ला गम में डूब गया। धीरे-धीरे ट्रॉमा सेंटर पर भी लोग पहुंचने लगे। वहां पर सभी मृतकों के परिवारीजनों को सांत्वना देते रहे।
मोहल्ले वालों ने बताया कि सौरभ के पिता मंडी में काम करते हैं। वहीं संदीप के पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनकी मौत की खबर सुनते ही सभी पर जैसे पहाड़ टूट पड़ा। दोनों के परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतकों में से अमित बारी अपने घर का इकलौता सहारा था। अमित के पिता घर का खर्च चलाने के लिए बैटरी रिक्शा चलाते हैं। वहीं उनका साथ देने के लिए मां खाना बनाने का काम करती है। नदी में डूबने की सूचना मिलते ही अमित के मां-बाप बार-बार बेहोश हो रहे थे। इस दौरान पड़ोसियों व परिवारीजनों ने संभालने का प्रयास किया, लेकिन बार-बार यही कह रहे थे कि अब जीकर क्या करेंगे। स्थानीय लोगों ने बताया कि दो दिन बाद अमित का जन्मदिन था। घर वाले जन्मदिन की तैयारी कर रहे थे लेकिन किसी को क्या पता था, कि जन्मदिन से पहले अपने इकलौते सहारे को हमेशा के लिए खो देंगे।
एक दिन पहले बनाया था नहाने का प्लान
पुलिस के मुताबिक, युवकों के घर के आसपास रहने वालों से पूछताछ में पता चला है कि सारे दोस्त हमेशा साथ रहते थे। कहीं भी जाना हो तो साथ ही जाते थे। इलाके में रहने वाले एक युवक ने बताया कि ये सभी शुक्रवार दोपहर से ही गोमती में नहाने जाने का प्लान बना रहे थे। बाद में शनिवार का दिन तय किया और फिर इसके लिए एक साथ ही मोहल्ले से निकले थे।
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मोहल्ले वालों ने बताया कि सौरभ के पिता मंडी में काम करते हैं। वहीं संदीप के पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनकी मौत की खबर सुनते ही सभी पर जैसे पहाड़ टूट पड़ा। दोनों के परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतकों में से अमित बारी अपने घर का इकलौता सहारा था। अमित के पिता घर का खर्च चलाने के लिए बैटरी रिक्शा चलाते हैं। वहीं उनका साथ देने के लिए मां खाना बनाने का काम करती है। नदी में डूबने की सूचना मिलते ही अमित के मां-बाप बार-बार बेहोश हो रहे थे। इस दौरान पड़ोसियों व परिवारीजनों ने संभालने का प्रयास किया, लेकिन बार-बार यही कह रहे थे कि अब जीकर क्या करेंगे। स्थानीय लोगों ने बताया कि दो दिन बाद अमित का जन्मदिन था। घर वाले जन्मदिन की तैयारी कर रहे थे लेकिन किसी को क्या पता था, कि जन्मदिन से पहले अपने इकलौते सहारे को हमेशा के लिए खो देंगे।
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एक दिन पहले बनाया था नहाने का प्लान
पुलिस के मुताबिक, युवकों के घर के आसपास रहने वालों से पूछताछ में पता चला है कि सारे दोस्त हमेशा साथ रहते थे। कहीं भी जाना हो तो साथ ही जाते थे। इलाके में रहने वाले एक युवक ने बताया कि ये सभी शुक्रवार दोपहर से ही गोमती में नहाने जाने का प्लान बना रहे थे। बाद में शनिवार का दिन तय किया और फिर इसके लिए एक साथ ही मोहल्ले से निकले थे।
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