फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   three criminals arrested for loot in lucknow

लुटेरों के गिरोह का खुलासा, बीसीए-एलएलबी के छात्र कर रहे थे लूट, दबोचे गए

Wed, 04 Mar 2020 12:39 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 04 Mar 2020 12:39 PM IST
विज्ञापन
three criminals arrested for loot in lucknow
पुलिस के हत्थे चढ़े जालसाजी करने के आरोपी - फोटो : अमर उजाला

लखनऊ में अलीगंज पुलिस ने लुटेरों के ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जिसे बीसीए, एलएलबी और बीफार्मा के छात्र चला रहे थे। तीन बदमाश हत्थे चढ़े हैं। ये लूट में मिले एटीएम कार्ड, मोबाइल से कार्डलेस बैंकिंग कर खाते से रकम उड़ाते थे। पुलिस के मुताबिक शातिरों ने उत्तरी जोन की छह वारदातों में शामिल होने की बात कुबूली है। इन्हें जेल भेज दिया गया है।

विज्ञापन


डीसीपी उत्तरी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के मुताबिक एलडीए स्टेडियम के पास दबोचे गए लुटेरों में जानकीपुरम में मेडिकल स्टोर चलाने वाला आशय आनंद, शेखर वर्मा और आशीष मिश्रा है। आशय ने बीफार्मा का कोर्स किया है। वहीं, शेखर वर्मा नोएडा के आईएमएस कॉलेज से बीसीए अंतिम वर्ष और आशीष ज्ञानोदय डिग्री कॉलेज से एलएलबी का छात्र है।
विज्ञापन


पुलिस ने तीनों से लूटा पर्स, छह मोबाइल, वारदात में इस्तेमाल दो स्कूटी, 8900 रुपये, दो तमंचे व कारतूस बरामद किया है। तीनों ने अलीगंज व महानगर में दो-दो, जानकीपुरम और मड़ियांव में एक-एक वारदात की बात कुबूली है। पुलिस ने बताया कि गिरोह चार साल से उत्तरी जोन में सक्रिय है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

पढ़े-लिखे और तकनीकी जानकार हैं तीनों

प्रभारी निरीक्षक अलीगंज फरीद अहमद के मुताबिक तीनों शातिर पढे़-लिखे और तकनीकी जानकार है। पूछताछ में बताया कि लूटे पर्स से मोबाइल, एटीएम कार्ड व नकदी मिलती था। रुपये तत्काल खर्च कर मोबाइल का सिम निकालकर अपने मोबाइल में डाल लेते थे।

इसके बाद एटीएम का ओटीपी हासिल कर कार्डलेस बैंकिंग का इस्तेमाल करते थे। इस तरीके से खाताधारक को रकम निकाले जाने की सूचना मेसेज से नहीं मिल पाती। जब वह खाते का स्टेटमेंट निकालता तो जानकारी होती।

कार्डलेस बैंकिंग में जो ओटीपी जनरेट किया जाता है, वहीं एटीएम का पिनकोड हो जाता है। ओटीपी व पिनकोड हासिल करने के बाद मोबाइल नाले में फेंक देते थे, ताकि किसी को पता न चल सके।

दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज

एसीपी अलीगंज राजकुमार शुक्ला के मुताबिक आशय पर जानकीपुरम, हसनगंज, महानगर, अलीगंज, मड़ियांव में 15 केस हैं। शेखर वर्मा पर अलीगंज, जानकीपुरम, मड़ियांव व महानगर में सात और आशीष पर अलीगंज में दो केस हैं।

खुलासा करने में एआई गोपाल जी, ओमप्रकाश यादव, शैलेंद्र सिंह सेंगर, धनंजय तिवारी, चंद्रकांत, महिला एसआई अनुपम पॉल, कांस्टेबल विवेक कुमार, उस्मान, बबलू शर्मा, सत्यप्रकाश, अमित यादव, मो. नदीम, मानवेंद्र गुर्जर व विश्वजीत सिंह की भूमिका रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed