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पुरानी रंजिश में हुआ था रंजीत पर जानलेवा हमला, तीन गिरफ्तार

Tue, 05 Jan 2021 01:32 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jan 2021 01:32 AM IST
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three arrest in attept to murder
लखनऊ। राजाजीपुरम एमआईएस चौराहे पर गत 15 दिसंबर को दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन बदमाशों ने पुरानी रंजिश में प्रॉपर्टी डीलर रंजीत यादव पर जानलेवा हमला किया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त बाइक व .32 बोर का अवैध असलहा भी बरामद किया है। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है।
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डीसीपी पश्चिम देवेश पांडेय के मुताबिक, 15 दिसंबर को प्रॉपर्टी डीलर रंजीत यादव अपने साथी सत्यम पांडेय के साथ एसयूवी से किसी काम से जा रहा था। इसी दौरान राजाजीपुरम के एमआईएस चौराहे के पास सुबह करीब 10 बजे बाइक सवार बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की बाइक का नंबर हासिल कर तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक, रविवार रात को बाइक सवार दो बदमाशों को पुलिस ने राजाजीपुरम डी ब्लॉक के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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पकड़े गए बदमाशों में पीजीआई के वृंदावन सेक्टर-6 का रहने वाला अमन सिंह उर्फ भीम सिंह और बाजारखाला के मोती झील कॉलोनी निवासी अभिषेक सिंह उर्फ प्रदीप शामिल है। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की। इसके बाद इस वारदात की साजिश रचने वाले राजाजीपुरम सपना कालोनी निवासी पंकज सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस ने पंकज को गिरफ्तार करने के बाद साजिश रचने और अवैध असलहा रखने की धाराओं की बढ़ोतरी की।
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40 हजार में दी थी हत्या की सुपारी
प्रभारी निरीक्षक धनंजय सिंह के मुताबिक, पंकज व रंजीत के साथी सुधीर की पांच-छह महीने पहले विवाद हुआ था। पंकज को आशंका थी कि इस विवाद के पीछे रंजीत का हाथ है। इसके बाद उसने उसकी हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में पकड़े गए शूटरों ने कुबूल किया कि उनको रंजीत की हत्या के लिए 40 हजार रुपये की सुपारी दी गई थी। वारदात को अंजाम देने के लिए दोनाें ने चोरी की बाइक का प्रयोग किया। पुलिस के मुताबिक, अभिषेक सिंह दो साल पहले आलमबाग से हत्या के मामले में जेल भी जा चुका है। वहीं पंकज के खिलाफ भी तालकटोरा में जानलेवा हमला करने का मुकदमा 2008 में दर्ज हैं। पंकज ने दोनों शूटरों को वारदात के पांच दिन पहले ही रंजीत का घर दिखाया था। उनको दो बार में रकम भी दी थी।

वारदात के बाद दो दिन तक कर रहे थे तलाश
पुलिस के मुताबिक, गोली कांड को अंजाम देने के बाद दोनों बदमाश आलमबाग होते हुए हरदोई निकल गए। वहां पहुंचने के बाद मोबाइल बंद कर दिया। दोनों ने हत्या करने की सुपारी ली थी। इसके एक दिन बाद फिर इलाके में घूमकर रंजीत की रेकी करने लगे। लेकिन उनको मौका नहीं मिला। इसके बाद वापस चले गए। रविवार रात को भी दोनों बदमाश पंकज से मिलने के बाद रंजीत की हत्या का अधूरा काम पूरा करने के लिए निकले थे। लेकिन उसके पहले पुलिस ने राजाजीपुरम बी ब्लॉक के पास से दबोच लिया।
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