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यूपीः थर्ड जेंडर अब परिवार का हिस्सा, संपत्ति में भी अधिकार, शासन ने जारी की अधिसूचना

Thu, 10 Sep 2020 08:53 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Vikas Kumar Updated Thu, 10 Sep 2020 08:53 PM IST
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Third gender is now part of family they have rights in the property too
सांकेतिक तस्वीर

प्रदेश में लंबी विधायी कार्यवाही पूरी होने के साथ ही थर्ड जेंडर परिवार के सदस्य और संपत्ति में उत्तराधिकारी मान्य हो गए हैं। प्रदेश सरकार की इस पहल को सामाजिक सुधार की दिशा में बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। प्रमुख सचिव विधायी जेपी सिंह-द्वितीय ने इस संबंध में राजस्व संहिता संशोधन अधिनियम-2020 की अधिसूचना जारी कर दी है।

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राज्य विधि आयोग की संस्तुति के बाद सरकार ने थर्ड जेंडर को परिवार कासदस्य घोषित करने व संपत्ति में अधिकार दिए जाने संबंधी कार्यवाही शुरू की थी। पिछले दिनों इससे संबंधित विधेयक को विधानमंडल ने मंजूरी दी थी। विधिक कार्यवाही पूरी करने के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। 
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अधिनियम के मुताबिक किसी भू खातेदार परिवार में पुरुष या स्त्री, उसकी पत्नी या उसका पति या थर्ड जेंडर पत्नी या पति का स्थान आएगा। इसके बाद विवाहित पुत्रियों व थर्ड जेंडर अवयस्क संतानों से भिन्न अवयस्क पुत्र व अवयस्क पुत्रियां आएंगी। इसी तरह संपत्ति के उत्तराधिकारी के लिए थर्ड जेंडर का प्रत्येक  स्तर पर स्थान तय कर दिया गया है। थर्ड जेंडर को परिवार का सदस्य का अधिकार देने और संपत्ति में स्थान तय करने के लिए राजस्व संहिता की धारा-4 में उपधारा (10), धारा 108 में उपधारा (1), उपधारा (2), धारा-109 व धारा-110 में संशोधन कर दिया गया है। अब राजस्व प्रशासन के अधिकारी इसी अधिसूचना के मुताबिक परिवार व संपत्ति संबंधी दावों का निस्तारण करेंगे।
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विधवा व दिव्यांगों को पट्टे में प्राथमिकता का रास्ता साफ
सरकार ने राजस्व संहिता में संशोधन कर विधवाओं व दिव्यांग व्यक्तियों को भूमि के पट्टे में प्राथमिकता (अधिमान) देने का भी रास्ता साफ कर दिया है। राजस्व संहिता की धारा-126 में पट्टा आवंटन के लिए वरीयता का क्रम तय किया गया है। गांव की भूमि प्रबंधक समिति इसी क्रम में पट्टे पर निर्णय करती है। सरकार ने वरीयता क्रम में नया प्रावधान जोड़ते हुए विधवा व दिव्यांग व्यक्तियों को अधिमान देने की व्यवस्था कर दी है।

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