फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Third Cath Lab to start by May at Lohia Institute

Lucknow News: लोहिया संस्थान में मई तक शुरू होगी तीसरी कैथ लैब

Wed, 19 Mar 2025 02:08 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Mar 2025 02:08 AM IST
विज्ञापन
Third Cath Lab to start by May at Lohia Institute

विज्ञापन
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में मई तक तीसरी कैथ लैब काम करना शुरू कर देगी। इसके लिए शासन से साढ़े आठ करोड़ रुपये मिले हैं। स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी गइ है। संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग में 44 लाख रुपये की लागत से नई टीएमटी मशीन के लिए भी बजट जारी हो गया है।



निदेशक प्रो. सीएम सिंह ने बताया कि दिल के मरीजों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए नई कैथलैब का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसे मंजूरी मिलने के बाद स्थापना की तैयारी शुरू हो गई है। कैथलैब में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी समेत दूसरी सुविधाएं मिलेंगी।
विज्ञापन


कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में रोजाना 200 से 250 मरीज आ रहे हैं। इमरजेंसी में भी रोजाना दिल की बीमारी वाले 30 से 35 मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में नई कैथ लैब से इन्हें राहत मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन




ट्रेडमिल से पता चलेगा ब्लॉकेज



संस्थान में नई ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट (टीएमटी) मशीन आने वाली है। इसके लिए 44 लाख रुपये जारी हुए हैं। इस मशीन में ट्रेडमिल पर चलाकर व्यक्ति के दिल के ब्लॉकेज की स्थिति जांची जाती है। ट्रेडमिल पर दौड़ लगाते समय डॉक्टर मरीज के दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर और सांस लेने के पैटर्न की निगरानी करता है। इसके आधार पर ब्लॉकेज का पता लगाया जाता है। अनुमान के मुताबिक कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में आने वाले मरीजों में से करीब 10 फीसदी को एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की जरूरत पड़ती है।



ट्रेडमिल से पता चलेगा ब्लॉकेज



संस्थान में नई ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट (टीएमटी) मशीन आने वाली है। इसके लिए 44 लाख रुपये जारी हुए हैं। इस मशीन में ट्रेडमिल पर चलाकर व्यक्ति के दिल के ब्लॉकेज की स्थिति जांची जाती है। ट्रेडमिल पर दौड़ लगाते समय डॉक्टर मरीज के दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर और सांस लेने के पैटर्न की निगरानी करता है। इसके आधार पर ब्लॉकेज का पता लगाया जाता है। अनुमान के मुताबिक कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में आने वाले मरीजों में से करीब 10 फीसदी को एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की जरूरत पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed