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UP: स्वास्थ्य कर्मियों के तीनों विंग का होगा एकीकरण, वेतन भत्ते पर नहीं पड़ेगा फर्क, शासन को भेजा प्रस्ताव
Mon, 05 Sep 2022 08:04 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 05 Sep 2022 08:04 AM IST
सार
पहले चरण में स्वास्थ्य महानिदेशालय, परिवार कल्याण महानिदेशालय और राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण संस्थान के कर्मियों का एकीकरण किया जाएगा। दूसरे चरण में परिधिगत कार्यालय यानी जिलों के कर्मियों को शामिल किया जाएगा। इससे चार के बजाय सेवा नियमावली एक हो जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
विस्तार
लंबे समय से कर्मचारियों की मांग को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के तीनों विंग का एकीकरण किया जाएगा। सभी कर्मियों की सेवा नियमावली एक होगी और नियुक्ति प्राधिकारी भी एक ही रहेगा। शासन को इसका प्रस्ताव भेज दिया गया है।
पहले चरण में स्वास्थ्य महानिदेशालय, परिवार कल्याण महानिदेशालय और राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण संस्थान के कर्मियों का एकीकरण किया जाएगा। दूसरे चरण में परिधिगत कार्यालय यानी जिलों के कर्मियों को शामिल किया जाएगा। इससे चार के बजाय सेवा नियमावली एक हो जाएगी।
एक सेवा नियमावली बनने से वरिष्ठता सूची भी एक हो जाएगी। हालांकि वेतन-भत्ते पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रशासन डॉ. राजा गणपति आर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कमेटी ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।
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एकीकरण से महानिदेशालय के कर्मी जिलों में और जिलों के कर्मी महानिदेशालय में तैनात किए जा सकेंगे। इसे लेकर कर्मियों के बीच लंबे समय से विवाद का अंत हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग में अभी तक लिपिक संवर्ग में करीब पांच हजार से अधिक कर्मी हैं। इनकी सेवा नियमावली और नियोक्ता अलग-अलग हैं। वरिष्ठता सूची अलग-अलग बनती है। कर्मी लंबे समय से एकीकरण की मांग कर रहे हैं।
‘एकीकरण के संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से मिले निर्देश केतहत आगे की कार्यवाही की जाएगी।’
- डॉ. राजा गणपति आर, निदेशक (प्रशासन)
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पहले चरण में स्वास्थ्य महानिदेशालय, परिवार कल्याण महानिदेशालय और राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण संस्थान के कर्मियों का एकीकरण किया जाएगा। दूसरे चरण में परिधिगत कार्यालय यानी जिलों के कर्मियों को शामिल किया जाएगा। इससे चार के बजाय सेवा नियमावली एक हो जाएगी।
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एक सेवा नियमावली बनने से वरिष्ठता सूची भी एक हो जाएगी। हालांकि वेतन-भत्ते पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रशासन डॉ. राजा गणपति आर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कमेटी ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।
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एकीकरण से महानिदेशालय के कर्मी जिलों में और जिलों के कर्मी महानिदेशालय में तैनात किए जा सकेंगे। इसे लेकर कर्मियों के बीच लंबे समय से विवाद का अंत हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग में अभी तक लिपिक संवर्ग में करीब पांच हजार से अधिक कर्मी हैं। इनकी सेवा नियमावली और नियोक्ता अलग-अलग हैं। वरिष्ठता सूची अलग-अलग बनती है। कर्मी लंबे समय से एकीकरण की मांग कर रहे हैं।
‘एकीकरण के संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से मिले निर्देश केतहत आगे की कार्यवाही की जाएगी।’
- डॉ. राजा गणपति आर, निदेशक (प्रशासन)