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अलर्ट : यूपी में डेल्टा प्लस का खतरा बढ़ा, बाहर से आने वाले यात्रियों के नमूनों की होगी जीनोम सीक्वेंसिंग

Sat, 26 Jun 2021 12:18 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sat, 26 Jun 2021 12:18 AM IST
सार

नए वैरियंट का पता लगाने के लिए जिलों से भी सैंपल लिए जाएंगे। रिपोर्ट के परिणाम के बाद डेल्टा प्लस प्रभावी क्षेत्रों की मैपिंग कराई जाएगी।

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There will be an increased risk of Delta Plus in UP, genome sequencing of the samples of travelers coming from outside, Yogi government gave instructions
कोरोना डेल्टा प्लस वैरिएंट - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पड़ोसी राज्यों में कोरोना वायरस के अब तक के सबसे खतरनाक वैरियंट डेल्टा प्लस के मरीज मिलने के बाद यूपी में भी इसका खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में आने वाले सभी यात्रियों में इस वैरियंट का पता लगाने के लिए आरटीपीसीआर जांच के नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग के निर्देश दिए हैं। नए वैरियंट का पता लगाने के लिए जिलों से भी सैंपल लिए जाएंगे। रिपोर्ट के परिणाम के बाद डेल्टा प्लस प्रभावी क्षेत्रों की मैपिंग कराई जाएगी।

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सीएम योगी ने डेल्टा प्लस वैरियंट की पहचान के लिए केजीएमयू और बीएचयू में जीनोम सीक्वेंसिंग की जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अफसरों को अलर्ट मोड पर काम करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि बुधवार को नागपुर से लखनऊ आया एक रेल यात्री संक्रमित मिला। महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस वैरियंट के मिले मरीजों को देखते हुए उक्त यात्री के नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए केजीएमयू भेजा गया है।
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बच्चों पर अधिक हो सकता है इस वैरियंट का दुष्प्रभाव
राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ परामर्श समिति ने इससे बचाव के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। इसके अनुसार दूसरे आयु वर्ग के लोगों की अपेक्षा इस नए वैरिएंट का दुष्प्रभाव बच्चों पर कहीं अधिक हो सकता है। सीएम ने परामर्श के अनुसार सभी जरूरी कदम उठाने का आदेश दिया है।
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दो हफ्ते में आ जाएगी रिपोर्ट
संक्रमित मरीज में कोरोना वायरस का कौन सा स्ट्रेन मौजूद है, इसका पता लगाने के लिए केजीएमयू और आईएमएस बीएचयू में जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच की जाएगी। डेल्टा प्लस की रिपोर्ट दो हफ्तों में आएगी। केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. अमिता जैन ने बताया कि यहां जनवरी में ही जीनोम सीक्वेंसिंग शुरू हो चुकी है। लैब को और एडवांस बनाया जा चुका है।


अधिक संक्रामक व खतरनाक है यह वैरियंट
विशेषज्ञों के अनुसार डेल्टा प्लस वैरियंट पहले की अपेक्षा कहीं अधिक संक्रामक और खतरनाक है। सूखी खांसी, बुखार और थकान इसके सामान्य लक्षण हैं। इसके गंभीर लक्षणों में सीने में दर्द, सांस फूलना, सांस लेने और बात करने में तकलीफ  हो सकती है।

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