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सामूहिक विवाह और शादी अनुदान के बजट में होगी 50 फीसदी की कटौती, शासनादेश जल्द
Tue, 15 Sep 2020 10:37 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 15 Sep 2020 10:37 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : Amar Ujala
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सामूहिक विवाह योजना और शादी अनुदान के बजट में 50 फीसदी की कटौती होगी। कोरोना संकट के चलते इस बाबत उच्च स्तर पर निर्णय किया जा चुका है। शीघ्र ही शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की कन्याओं की विवाह के लिए सामूहिक विवाह योजना और एकल शादी अनुदान योजना के तहत आर्थिक मदद देती है। सामूहिक विवाह योजना में प्रति लाभार्थी जोड़ा 51 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं।
इसमें 35 हजार रुपये खाते में भेजे जाते हैं। 10 हजार रुपये का सामान दिया जाता है, जबकि छह हजार रुपये आयोजन पर खर्च आता है। यह योजना समाज कल्याण विभाग के माध्यम से संचालित की जाती है। चालू वित्त वर्ष में इस मद में 250 करोड़ का प्रावधान किया गया था।
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इसी तरह एकल शादी अनुदान योजना के तहत गरीब कन्या की शादी के लिए 20 हजार रुपये दिए जाते हैं। एकल शादी अनुदान योजना में इस वित्त वर्ष में अनुसूचित जाति के लिए 100 करोड़ रुपये, सामान्य व अल्पसंख्यक वर्ग के लिए 50-50 करोड़ और पिछड़े वर्ग के लिए 150 करोड़ रुपये बजट प्रावधान किया गया था। इस तरह सभी वर्गों के लिए इन दोनों मदों में 600 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया था।
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प्रदेश सरकार गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की कन्याओं की विवाह के लिए सामूहिक विवाह योजना और एकल शादी अनुदान योजना के तहत आर्थिक मदद देती है। सामूहिक विवाह योजना में प्रति लाभार्थी जोड़ा 51 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं।
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इसमें 35 हजार रुपये खाते में भेजे जाते हैं। 10 हजार रुपये का सामान दिया जाता है, जबकि छह हजार रुपये आयोजन पर खर्च आता है। यह योजना समाज कल्याण विभाग के माध्यम से संचालित की जाती है। चालू वित्त वर्ष में इस मद में 250 करोड़ का प्रावधान किया गया था।
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इसी तरह एकल शादी अनुदान योजना के तहत गरीब कन्या की शादी के लिए 20 हजार रुपये दिए जाते हैं। एकल शादी अनुदान योजना में इस वित्त वर्ष में अनुसूचित जाति के लिए 100 करोड़ रुपये, सामान्य व अल्पसंख्यक वर्ग के लिए 50-50 करोड़ और पिछड़े वर्ग के लिए 150 करोड़ रुपये बजट प्रावधान किया गया था। इस तरह सभी वर्गों के लिए इन दोनों मदों में 600 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया था।
उच्च स्तर पर हुई समीक्षा में पाया गया कि लॉकडाउन व कोरोना संकट के कारण चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में काफी कम शादियां हुई हैं। तमाम परिवारों ने शादी के कार्यक्रम टाल दिए। इसे देखते हुए सामूहिक विवाह योजना और शादी अनुदान योजना के बजट में 50 फीसदी की कटौती कर इसे 300 करोड़ करने पर सहमति बन गई है।