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Lucknow News: बच्चे का शव ले जाने के लिए नहीं थे रुपये, लगा चंदा

Thu, 28 Nov 2024 02:27 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2024 02:27 AM IST
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There was no money to take the dead body of the child, donations were taken
लखनऊ। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में तीन साल के बच्चे की मौत के बाद घरवालों के पास शव ले जाने के लिए रुपये नहीं थे। आसपास के लोगों और स्वयंसेवी संस्था ने चंदा लगाकर शव वाहन का बंदोबस्त कराया।
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सीतापुर के मछरेहटा के जैतपुर गांव निवासी किसान अंकित के बेटे अर्पित को तेज बुखार के बाद स्थानीय अस्पताल में दिखाया गया था। फायदा होने के बजाय उसकी हालत बिगड़ती गई। 22 नवंबर की रात परिवारीजन उसे गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। यहां भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। बच्चे को सेप्टिसीमिया, मलेरिया समेत कई समस्याएं होने की बात सामने आई। इसके चलते उसकी मौत हो गई।
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बच्चे का शव ले जाने के लिए घरवालों के पास रुपये नहीं थे। ट्रॉमा के डॉक्टरों, अधिकारियों समेत अन्य लोगों से गुहार लगाई, पर किसी का दिल नहीं पसीजा।

अंकित ने बाहर निकलकर मदद मांगी। चंदारानी जैन चैरिटेबल ट्रस्ट के सिद्धार्थ जैन को इसकी जानकारी हुई। ट्रस्ट के सहयोग से आर्थिक मदद देकर वाहन की व्यवस्था कराई गई। इसके बाद परिवारीजन मासूम का शव ले जा सके।
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पांच सौ रुपये में शहर के भीतर के लिए मिलता है शव वाहन



केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. सुधीर सिंह ने बताया कि संस्थान के पास शहर में शव ले जाने के लिए वाहन का पांच सौ रुपये शुल्क लिया जाता है। सीमित वाहन होने से बाहर के लिए वाहन उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पाता है।
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