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खुलासा: पीएफआई पर प्रतिबंध पर उपजे आक्रोश को भी भुनाने की थी तैयारी, परवेज और रईस अहमद ने उगला सनसनीखेज राज

Fri, 12 May 2023 08:55 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 12 May 2023 08:55 AM IST
सार

एटीएस ने पीएफआई के सदस्य परवेज अहमद और रईस अहमद से गहन पूछताछ की। इसमें खुलासा हुआ कि पीएफआई पर प्रतिबंध पर उपजे आक्रोश को भुनाने की तैयारी थी। एजेंसियों को आशंका है कि किसी बड़ी साजिश के तहत पीएफआई सदस्य एकजुट हो रहे थे। 

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There was also preparation to capitalize on anger over ban on PFI
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्र सरकार का पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को आतंकवादी संगठन करार प्रतिबंधित करना उसके आकाओं को नागवार गुजरा है। इसकी धमक केरल से लेकर कई खाड़ी देशों तक हुई है। इससे उपजे आक्रोश को भुनाने के लिए पीएफआई के भूमिगत सदस्यों को एकजुट किया जा रहा था। 
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वाराणसी से एटीएस ने पीएफआई के सदस्य परवेज अहमद और रईस अहमद को गिरफ्तार करके रिमांड पर लिया तो इससे जुड़े राज सामने आने लगे। बृहस्पतिवार को रिमांड पर लिए गये परवेज और रईस से उनके केरल कनेक्शन के बारे में एटीएस ने गहन पूछताछ की। 
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उन्होंने बताया कि केरल में आयोजित कार्यशाला में पी. कोया, कमाल केपी, रऊफ शरीफ आदि पीएफआई के बड़े पदाधिकारी शामिल होते थे। इस दौरान देश भर में मुसलमानों और दलितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती थी और इसके विरोध की रणनीति तैयार की जाती थी। 
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कार्यशाला के दौरान पी. कोया तुर्किए समेत तमाम खाड़ी देशों में अपने संपर्कों का हवाला देकर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर फंडिंग करने का भरोसा देता था। उन्होंने ये भी कबूला कि सीएए-एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन की रणनीति बनाने के लिए उनको खासतौर पर केरल बुलाया गया था।

आकाओं को भेजते थे अदालत की कार्यवाही की जानकारी
दोनों के मोबाइल से मिले वाराणसी ज्ञानवापी परिसर से संबंधित अदालती कार्यवाही के दस्तावेजों के बारे में जब पूछताछ की गई तो उन्होंने खुलासा किया कि इसको जुटाने का निर्देश उनको कमाल केपी ने दिया था।

वे अदालत में होने वाली सुनवाई का पूरा ब्योरा और अखबारों में छपी खबरों की कटिंग कमाल केपी को भेजते थे। बाद में ये ब्योरा खाड़ी देशों में पीएफआई के मददगारों को भेजा जाता था ताकि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा सके।
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