अयोध्या में चढ़ावा चोरी: ऑडिट में मिलीं खामियां, अयोध्या छोड़ गए गोपाल राव, एसपी सुरक्षा बदले
अयोध्या में चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने एसबीआई बैंक के मैनेजर समेत 10 कर्मियों से लंबी पूछताछ की है। बैंक लेनदेन का पूरा हिसाब-किताब कब्जे में लिया। इसमें दो से तीन लोगों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी की शुरुआती जांच में एसआईटी (विशेष जांच दल) को ऑडिट में कई खामियां मिली हैं। जांच टीम अब वित्तीय लेनदेन की गड़बड़ियों के तथ्यों का सत्यापन कर रही है। वहीं, एसआईटी की पूछताछ के बीच निर्माण सहायक गोपाल राव अयोध्या से बाहर चले गए हैं। उनके कर्नाटक या दिल्ली बुलावे की चर्चा है। इस बीच एसपी सुरक्षा बदले गए हैं। पीएसी में तैनात विजय शंकर मिश्रा शनिवार को एसपी सुरक्षा के पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह शुक्रवार दोपहर अयोध्या पहुंच गए हैं।
एसआईटी शुक्रवार सुबह करीब दस बजे मंदिर पहुंची। एक बार फिर चंपत राय और अनिल मिश्रा से पूछताछ कर ऑडिट संबंधी दस्तावेज मांगे। कर्मचारियों की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेज की छानबीन की। सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट ने जो ऑडिट कराया था, उसमें कई तरह की गड़बड़ियां मिल रही हैं। क्या ऑडिट में किसी तरह का खेल या हेरफेर किया गया? अब एसआईटी इस सवाल का जवाब तलाश रही है। इस बीच चर्चा यह भी है कि एसआईटी ने जमीन खरीद-फरोख्त के मामले को भी जांच में शामिल किया है। इसे लेकर सवाल-जवाब किए हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर सिर्फ चढ़ावा चोरी व वित्तीय लेनदेन की तफ्तीश की जा रही है। इस बीच अचानक गोपाल राव का बाहर जाना कई सवाल खड़े करता है। क्या उनको इसी मामले में संघ ने बुलाया है? या फिर किसी और काम से गए। ये पता नहीं चल सका है। वहीं, अंडरट्रांसफर एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे शुक्रवार को रिलीव हो गए। 25 मई को उनका ट्रांसफर आदेश जारी हुआ था।
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सीए से पूछताछ: सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट का पूरा लेखा-जोखा तीन सीए देखते हैं, जिनमें बिहार के चंदन राय, राजस्थान के नरपत थोपिया व लखनऊ के अक्षय शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक ऑडिट संबंधी जांच कर रही एसआईटी ने इन तीनों से भी संपर्क कर पूछताछ की है।
बैंक अधिकारियों से पूछताछ, दो-तीन संदिग्ध
एसआईटी ने एसबीआई बैंक के मैनेजर समेत 10 कर्मियों से लंबी पूछताछ की है। बैंक लेनदेन का पूरा हिसाब-किताब कब्जे में लिया। इसमें दो से तीन लोगों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। बैंक अधिकारी भी सवालों के जवाब देने में परेशान होते नजर आए। सूत्रों के मुताबिक, एक बैंक मैनेजर अनिल मिश्रा के घर पर किराये पर रहते थे। ऐसे में बैंक की मिलीभगत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह लापरवाही थी या किसी साजिश के तहत ऐसा हुआ, इसकी जांच जारी है। अब बैंक कर्मियों पर शिकंजा कसना तय है।
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