{"_id":"675dd40ce46b84cc4809d0c4","slug":"the-valley-is-shivering-due-to-melting-temperature-of-five-degrees-yet-the-bonfires-remain-cold-lucknow-news-c-98-1-slko1011-123985-2024-12-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: पांच डिग्री की गलन से ठिठुर रही तराई, फिर भी ठंडे पड़े अलाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: पांच डिग्री की गलन से ठिठुर रही तराई, फिर भी ठंडे पड़े अलाव
Sun, 15 Dec 2024 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 15 Dec 2024 12:23 AM IST
विज्ञापन
बहराइच। तराई में तापमान लगातार लुढ़क रहा है और तराई बर्फीली हवा के थपेड़ों से कंपकंपा रही है। न्यूनतम तापमान लगातार बीते कई दिनों से पांच से छह डिग्री के बीच बना हुआ है और शुक्रवार को यह चार डिग्री तक गिर गया था।
इसके बावजूद ऐसा लग रहा है कि जिले के हुक्मरानों को ठंड का अहसास नहीं हो रहा है। शायद यही कारण है कि शहरी क्षेत्र में अभी तक अधिकांश स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे राहगीरों को कूड़ा-करकट, पॉलीथीन आदि जलाकर ठंड से बचाव करते देखा जा रहा है। प्रस्तुत है, शहर में अलाव व्यवस्था की पड़ताल करती हुई जितेंद्र दीक्षित व जावेद सिद्दीकी की रिपोर्ट.....
ठंडा पड़ा रहा अलाव, भटकते रहे लोग
शहर स्थित पीपल तिराहा जहां मुख्य बाजार में शामिल है तो वहीं यहां से सैकड़ों की संख्या में राहगीर गुजरते हैं जिन्हें ठंड से बचाने के लिए हर साल यहां अलाव की व्यवस्था की जाती है। लेकिन शुक्रवार की रात की गई पड़ताल में यहां अलाव जलता नहीं मिला। राहगीर राजू चौहान, भुलई, नरेश आदि ने बताया कि जिम्मेदारों को अभी ठंड नहीं लग रही है। जब उन्हें लगेगी तो अलाव जलेगा।
विज्ञापन
नहीं जला अलाव, पड़ी जले कूड़ा-करकट व पुआल की राख
छावनी चौराहा को शहर की धड़कन कहा जाता है। इस चौराहे से होकर ही श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर व नानपारा जाने वाले राहगीर गुजरते हैं। इसके बावजूद यहां भी अलाव जलता नहीं मिला। बीते सालों में जहां अलाव की व्यवस्था होती थी, वहां कूड़ा-करकट व पुआल की राख पड़ी नजर आई। वहीं राहगीर ठिठुरते नजर आए। बातचीत के दौरान राहगीर जिम्मेदार हुक्मरान व जनप्रतिनिधियों को कोसने से भी नहीं चूके।
घंटाघर, रोडवेज व अस्पताल पर जलता मिला अलाव
घंटाघर चौराहा की पड़ताल के दौरान यहां अलाव जलता मिला और राहगीर हाथ सेंकते नजर आए। वहीं रोडवेज परिसर व अस्पताल गेट पर भी अलाव जलता मिला लेकिन रोडवेज पुलिस चौकी, फायर स्टेशन, हनुमान मंदिर, नाजिरपुरा चौराहा, ब्राह्मणीपुरा आदि क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था नहीं मिली।
नहीं जला अलाव, कूड़ा जलाकर बचाव करते दिखे लोग
राडवेज बस अड्डे से कुछ दूरी पर स्थित विक्रम होटल के पास भी अलाव की व्यवस्था नहीं दिखी। वहीं गरीब ठेले, खुमचे व रिक्शा चलाने वाले चालकों को ठंड से बचाव के लिए कूड़ा करकट जलाकर बचाव का प्रयास करते देखा गया। यहां भी लोग शासन-प्रशासन पर दोषारोपण करते दिखे।
शहर में प्रमुख स्थानों पर अलाव जलवाने का इंतजाम किया गया है। रैन बसेरा भी बनाए गए है। यदि कहीं कोई कमी है तो दूर कराया जाएगा।
प्रमिता सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद
विज्ञापन
इसके बावजूद ऐसा लग रहा है कि जिले के हुक्मरानों को ठंड का अहसास नहीं हो रहा है। शायद यही कारण है कि शहरी क्षेत्र में अभी तक अधिकांश स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे राहगीरों को कूड़ा-करकट, पॉलीथीन आदि जलाकर ठंड से बचाव करते देखा जा रहा है। प्रस्तुत है, शहर में अलाव व्यवस्था की पड़ताल करती हुई जितेंद्र दीक्षित व जावेद सिद्दीकी की रिपोर्ट.....
विज्ञापन
ठंडा पड़ा रहा अलाव, भटकते रहे लोग
शहर स्थित पीपल तिराहा जहां मुख्य बाजार में शामिल है तो वहीं यहां से सैकड़ों की संख्या में राहगीर गुजरते हैं जिन्हें ठंड से बचाने के लिए हर साल यहां अलाव की व्यवस्था की जाती है। लेकिन शुक्रवार की रात की गई पड़ताल में यहां अलाव जलता नहीं मिला। राहगीर राजू चौहान, भुलई, नरेश आदि ने बताया कि जिम्मेदारों को अभी ठंड नहीं लग रही है। जब उन्हें लगेगी तो अलाव जलेगा।
विज्ञापन
नहीं जला अलाव, पड़ी जले कूड़ा-करकट व पुआल की राख
छावनी चौराहा को शहर की धड़कन कहा जाता है। इस चौराहे से होकर ही श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर व नानपारा जाने वाले राहगीर गुजरते हैं। इसके बावजूद यहां भी अलाव जलता नहीं मिला। बीते सालों में जहां अलाव की व्यवस्था होती थी, वहां कूड़ा-करकट व पुआल की राख पड़ी नजर आई। वहीं राहगीर ठिठुरते नजर आए। बातचीत के दौरान राहगीर जिम्मेदार हुक्मरान व जनप्रतिनिधियों को कोसने से भी नहीं चूके।
घंटाघर, रोडवेज व अस्पताल पर जलता मिला अलाव
घंटाघर चौराहा की पड़ताल के दौरान यहां अलाव जलता मिला और राहगीर हाथ सेंकते नजर आए। वहीं रोडवेज परिसर व अस्पताल गेट पर भी अलाव जलता मिला लेकिन रोडवेज पुलिस चौकी, फायर स्टेशन, हनुमान मंदिर, नाजिरपुरा चौराहा, ब्राह्मणीपुरा आदि क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था नहीं मिली।
नहीं जला अलाव, कूड़ा जलाकर बचाव करते दिखे लोग
राडवेज बस अड्डे से कुछ दूरी पर स्थित विक्रम होटल के पास भी अलाव की व्यवस्था नहीं दिखी। वहीं गरीब ठेले, खुमचे व रिक्शा चलाने वाले चालकों को ठंड से बचाव के लिए कूड़ा करकट जलाकर बचाव का प्रयास करते देखा गया। यहां भी लोग शासन-प्रशासन पर दोषारोपण करते दिखे।
शहर में प्रमुख स्थानों पर अलाव जलवाने का इंतजाम किया गया है। रैन बसेरा भी बनाए गए है। यदि कहीं कोई कमी है तो दूर कराया जाएगा।
प्रमिता सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद