लखनऊ। काकोरी ट्रेन एक्शन के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के प्रेक्षागृह में लोकनृत्य शैली के माध्यम से ‘क्रांति की धुन’ का संगीतमय मंचन किया गया। नगर की सांस्कृतिक संस्था एसएसएस फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस नाटक को तकरीबन 45 दिवसीय कार्यशाला के माध्यम से तैयार किया गया जिसका संचालन जारा हयात के निर्देशन में हुआ।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ रंगकर्मी प्रभात कुमार बोस, राहुल गुप्ता और समाजसेवी राजेश जायसवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। काकोरी एक्शन के प्रमुख क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, राजेंद्र लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह के साहसिक कृत्य को कलाकारों शुभम, जारा हयात, अंकिता सिंह, दीपा यादव, पूजा वर्मा, अनुष्का राजपूत, अनन्या साहू, सोम कुमार, पवन साहू, राहुल कुमार और अभिजीत राजपूत आदि ने बड़े प्रभावशाली ढंग से मंच पर उतारा। लोकनृत्य शैली को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कोरियोग्राफर शुभम ने संवारा। वरिष्ठ रंग निर्देशक अचला बोस, आमिर मुख्तार, आशुतोष विश्वकर्मा, सचिन शाक्य और अरुण विश्वकर्मा आदि का भी योगदान रहा।