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केजीएमयू में अब जांच के इंतजार में नहीं अटकेगा इलाज

Mon, 04 Apr 2022 02:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 04 Apr 2022 02:00 AM IST
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The treatment will not stop in waiting of testing report
केजीएमयू में अब किसी जांच के इंतजार में मरीज का इलाज नहीं अटकेगा। जैसे ही यह रिपोर्ट आएगी, लैब से तुरंत ऑनलाइन अपडेट किया जाएगा। तीमारदार भले ही इसकी हार्डकॉपी न ले पाएं, लेकिन डॉक्टर इसे ऑनलाइन देखकर इलाज शुरू कर देंगे।
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केजीएमयू में प्रभावी रूप से यह व्यवस्था लागू करने के लिए ई-हॉस्पिटल सॉफ्टवेयर के साथ लैबोरेट्री इंफार्मेशन सिस्टम लागू किया जा रहा है। दोनों व्यवस्थाएं एक साथ चलेंगी।
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केजीएमयू में सामान्य दिनों में करीब 10 हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। वहीं, विभागों में करीब तीन हजार मरीज भर्ती रहते हैं। इन मरीजों की पैथालॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री जैसी जांच की जाती हैं। इनकी जांच रिपोर्ट लेनेे जाना पड़ता है।
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ऐसे में कैंपस बड़ा होने से तीमारदारों को काफी समस्या होती है। यह समस्या तब और बढ़ जाती है जब कई चक्कर लगाने पड़ जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए केजीएमयू ने ई-हॉस्पिटल सॉफ्टवेयर शुरू किया है, जो एनआईसी के सर्वर से चलता है।
कई बार सर्वर धीमा होने से रिपोर्ट अपडेट होने में देरी होती है। इसे देखते हुए केजीएमयू ने लैबोरेट्री इंफार्मेशन सिस्टम पर भी रिपोर्ट जारी करने का फैसला किया है। इसका ट्रायल शुरू हो गया है।
इमरजेंसी के मरीजों को सबसे ज्यादा राहत
इस व्यवस्था का लाभ वैसे तो सभी विभागों को मिलेगा, लेकिन इमरजेंसी में भर्ती मरीजों के लिए यह वरदान साबित होगी। ट्रॉमा, लारी और क्वीनमेरी में भर्ती मरीजों को तुरंत इलाज चाहिए होता है। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टर कुछ रिपोर्ट का इंतजार करने के बाद ही आगे की दिशा तय करते हैं। नई व्यवस्था होने पर जैसे ही रिपोर्ट अपडेट होगी, मरीज को उसके हिसाब से इलाज मिलने लगेगा।
कोट-
कुलपति की मंशा मरीजों को जल्द से जल्द रिपोर्ट और इलाज मुहैया कराना है। इसके तहत यह व्यवस्था शुरू की जा रही है। उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को इसका इलाज मिल सकेगा।
डॉ. सुधीर सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू
केजीएमयू ने भेजा ट्रॉमा-2 का प्रस्ताव
केजीएमयू ने ट्रॉमा सेंटर पर बढ़ते दबाव को देखते हुए एक अन्य ट्रॉमा सेंटर शुरू करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। इसमें नये भवन के साथ ही सभी जरूरी उपकरण और मानव संसाधन की भी मांग की गई है। इनकी पूर्ति होने पर केजीएमयू ने ट्रॉमा सेेंटर संचालन की जिम्मेदारी उठाने के लिए कहा है। केजीएमयू कुलपति ले. जनरल डॉ. बिपिन पुरी ने बताया कि संस्थान ने शासन को एक अन्य ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। इससे ट्रॉमा सेंटर पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकता है। यहां रोजाना काफी संख्या में मरीज आते हैं। बेड खाली न होेने की वजह से कई बार मरीज भर्ती करना संभव नहीं होता है। इस समस्या के समाधान के लिए जरूरी है कि एक अतिरिक्त ट्रॉमा सेंटर की शुरुआत की जाए।

कायम है जमीन न मिलने की समस्या
केजीएमयू प्रशासन ने ट्रॉमा सेंटर के साथ ही विस्तार के लिए भी जमीन की मांग कर रखी है। इसके लिए केजीएमयू के सामने स्थित राजकीय विद्यालय, हुसैनाबाद इंटर कॉलेज, रहमानखेड़ा फॉर्म में भी विस्तार के लिए जमीन मिलने की बात आई थी, लेकिन अभी तक इस पर अंतिम सहमति नहीं बनी है। ऐसे में विस्तार का मामला अभी भी लटका हुआ है।
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