{"_id":"693b324801a93f330503d4c6","slug":"the-supply-chain-could-not-be-revealed-new-names-are-coming-to-the-fore-lucknow-news-c-13-lko1070-1512376-2025-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: सप्लाई चेन का नहीं हो सका खुलासा, नए नाम आ रहे सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: सप्लाई चेन का नहीं हो सका खुलासा, नए नाम आ रहे सामने
Fri, 12 Dec 2025 02:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 12 Dec 2025 02:36 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ। कोडीन युक्त सिरप, टेबलेट और इंजेक्शन की कालाबाजारी की चेन का पूरी तरह पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है। गिरफ्तार आरोपी दीपक, सूरज और प्रीतम इन दवाओं को कहां-कहां और किन-किन लोगों को सप्लाई करते थे, यह खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस का दावा है कि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। भागे हुए आरोपी आरुष के अलावा अंकुर का नाम भी सामने आया है। उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
एसीपी कृष्णानगर रजनीश वर्मा ने बताया कि 16 जुलाई को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) ने आरोपी सूरज की अमीनाबाद स्थित न्यू मंगलम एजेंसी पर छापा डालकर दो से तीन करोड़ रुपये कीमत की कोडीन युक्त सिरप, दवा और इंजेक्शन बरामद किए थे। उस वक्त आरोपी सूरज पकड़ा नहीं गया था। जांच में अंकुर का नाम भी सामने आया था। दीपक मानवानी की गिरफ्तारी के बाद सूरज का नाम फिर से सामने आया। इस बार पुलिस ने उसे ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि दीपक 2002 और आरोपी प्रीतम व सूरज दस वर्ष से इस काले कारोबार में लगे हैं। सीबीएन के छापे के बाद सूरज ने अपना माल दीपक के गोदाम में शिफ्ट कर दिया था और उसके साथ मिलकर दवाओं की काला बाजारी करने लगा था। एसीपी का कहना है कि जांच जैसे-जैसे बढ़ रही है नए-नए चेहरे व नाम सामने आ रहे हैं। पुलिस सभी की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस के सूत्रों के अनुसार अगस्त में सीबीएन के दो निरीक्षकों को सीबीआई ने 10 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। दोनों की गिरफ्तारी का जाल कोडीन युक्त दवा के धंधे से जुड़े लोगों ने बिछवाया था। सूत्र का कहना है कि इस बात का खुलासा भी पकड़े गए आरोपी सूरज व प्रीतम से हुआ है। इस बारे में फिलहाल पुलिस की तरफ से कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसीपी कृष्णानगर रजनीश वर्मा ने बताया कि 16 जुलाई को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) ने आरोपी सूरज की अमीनाबाद स्थित न्यू मंगलम एजेंसी पर छापा डालकर दो से तीन करोड़ रुपये कीमत की कोडीन युक्त सिरप, दवा और इंजेक्शन बरामद किए थे। उस वक्त आरोपी सूरज पकड़ा नहीं गया था। जांच में अंकुर का नाम भी सामने आया था। दीपक मानवानी की गिरफ्तारी के बाद सूरज का नाम फिर से सामने आया। इस बार पुलिस ने उसे ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि दीपक 2002 और आरोपी प्रीतम व सूरज दस वर्ष से इस काले कारोबार में लगे हैं। सीबीएन के छापे के बाद सूरज ने अपना माल दीपक के गोदाम में शिफ्ट कर दिया था और उसके साथ मिलकर दवाओं की काला बाजारी करने लगा था। एसीपी का कहना है कि जांच जैसे-जैसे बढ़ रही है नए-नए चेहरे व नाम सामने आ रहे हैं। पुलिस सभी की भूमिका की जांच कर रही है।
विज्ञापन
पुलिस के सूत्रों के अनुसार अगस्त में सीबीएन के दो निरीक्षकों को सीबीआई ने 10 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। दोनों की गिरफ्तारी का जाल कोडीन युक्त दवा के धंधे से जुड़े लोगों ने बिछवाया था। सूत्र का कहना है कि इस बात का खुलासा भी पकड़े गए आरोपी सूरज व प्रीतम से हुआ है। इस बारे में फिलहाल पुलिस की तरफ से कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
विज्ञापन