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Lucknow News: नहीं जले चूल्हे, रातभर बिलखते रहे परिजन

Sun, 01 Dec 2024 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Sun, 01 Dec 2024 11:30 PM IST
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The stoves did not burn, the family members kept crying throughout the night
वीरपुर में रफीक के बाहर मौजूद लोग।
आशुतोष पाठक / लल्लन शुक्ला
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इकौना / गिलौला (श्रावस्ती)। बौद्ध परिपथ पर शनिवार दोपहर हुए हादसे में पांच लोगों की जीवन लीला समाप्त हो गई। जबकि छह लोगों का अब भी इलाज चल रहा है। हादसे के बाद पीड़ित परिवारों में शुरू हुआ करुण क्रंदन रविवार दूसरे दिन भी जारी रहा। रविवार दूसरे दिन भी प्रभावित परिवारों के घरों के चूल्हे नहीं जले। अपनों को खो चुके परिवार को सांत्वना देने के लिए लोग आते रहे।
दृश्य एक : पांडेयपुरवा
इकौना के ग्राम जयचंदपुर कटघरा के मजरा पांडेयपुरवा निवासी सुबेदार पांडेय बीमार हैं। शनिवार उनकी आंखों के सामने ही पुत्र लल्लन पांडेय ने दम तोड़ दिया। इससे वह बदहवास हैं। रात करीब नौ बजे जब लल्लन का शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। परिवार पूरी रात रिश्तेदारों के साथ लल्लन के शव के पास बैठा आंसू बहाता रहा। रविवार सुबह अंतिम संस्कार हुआ। घर में दूसरे दिन भी चूल्हा नहीं जला। परिवार व रिश्तेदारों के छोटे बच्चों को पड़ोसियों ने अपने घर ले जाकर खाना खिलाया।
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दृश्य दो : मोहम्मदापुर
गिलौला के ग्राम मोहम्मदापुर निवासी अयोध्या प्रसाद पाठक का शव रात करीब साढ़े नौ बजे पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। पत्नी व बच्चे चीख-चीख कर रोने लगे। हर कोई उस पल को दोष दे रहा था जब अयोध्या प्रसाद अपने मुकदमे की पैरवी कर जल्द लौटने के बात कहते हुए घर से निकले थे। परिवार का विलाप देख आसपास मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। सुबह जब शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था। तब परिवार में हाहाकार मच गया।
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दृश्य तीन : धरसवां
बहराइच के कोतवाली देहात क्षेत्र के धरसवां निवासी मुरलीधर ने बौद्ध परिपथ किनारे मकान बनाया था। जहां वह अपनी बूढ़ी मां मुन्नी देवी, पत्नी व बच्चों के साथ रहते थे। टैंपो ही उनके परिवार के जीविकोपार्जन का सहारा था। शनिवार हुए हादसे ने जहां परिवार को बेसहारा कर दिया। वहीं उनके जीविकोपार्जन का सहारा भी छिन गया। रात करीब दस बजे जब मुरलीधर का शव घर पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। पूरी रात परिवार के लोग विलाप करते रहे। रविवार को उनका अंतिम संस्कार हुआ।

दृश्य चार : वीरपुर बहराइच के थाना पयागपुर के ग्राम वीरपुर निवासी रफीक शनिवार हुए हादसे का शिकार हो गया था। इसकी सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। रिश्तेदार व मोहल्लेवासी दरवाजे पर टकटकी लगाए रफीक का इंतजार करते रहे। रात करीब साढ़े दस बजे जब रफीक का शव घर पहुंचा तो वहां चीख पुकार मच गई। कोई भी उनके शव के पास से हट नहीं रहा था। रविवार सुबह उनका अंतिम संस्कार किया गया।

दृश्य पांच : बरईपुर
इकौना के बरईपुर निवासी कौशल्या देवी के माता-पिता की पहले ही मौत हो गई थी। बाद में पति की भी मौत हो गई। ऐसे में कौशल्या अपने भाई ननके यादव को अपने साथ अपने घर ले आई। नियत को शायद यह भी मंजूर नहीं था। शनिवार के हादसे ने कौशल्या व कलावती से उसका भाई भी छीन लिया। भाई की मौत से आहत कौशल्या अपनी बहन, बहू व पोते के साथ फूस के मकान के बाहर बदहवास बैठी दिखीं।

वीरपुर में रफीक के बाहर मौजूद लोग।

वीरपुर में रफीक के बाहर मौजूद लोग।

वीरपुर में रफीक के बाहर मौजूद लोग।

वीरपुर में रफीक के बाहर मौजूद लोग।

वीरपुर में रफीक के बाहर मौजूद लोग।

वीरपुर में रफीक के बाहर मौजूद लोग।

वीरपुर में रफीक के बाहर मौजूद लोग।

वीरपुर में रफीक के बाहर मौजूद लोग।

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