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Lucknow News: उधारी चुकाने से बचने को गढ़ दी लूट की कहानी
Sat, 09 Dec 2023 01:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 09 Dec 2023 01:43 AM IST
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लखनऊ। हसनगंज इलाके में एक दिसंबर को जकिया नामक महिला से लूट के मामले में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। असल में महिला से लूट ही नहीं हुई थी। उसने कर्ज अदा करने से बचने के लिए लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी। झूठ का खुलासा सीसीटीवी फुटेज से हो गया, जिसमें लूट के बाद भी उसके हाथ में नकदी से भरी पॉलिथीन दिख रही है।
डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि मदेयगंज के भांडों मोहल्ला निवासी जकिया ने चार दिसंबर को हसनगंज कोतवाली में सवा लाख रुपये लूट का मुकदमा दर्ज कराया था। महिला का आरोप था कि एक दिसंबर की सुबह वह बैंक ऑफ बड़ौदा से रुपये निकालकर घर लौट रही थीं। तभी डालीगंज के पास बाइक सवार बदमाश झपट्टा मारकर रुपये लूट ले गए थे।
पुलिस ने जब घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों से बातचीत की तो किसी ने भी घटना की पुष्टि नहीं की। पुलिस ने बैंक से पता किया तो जानकारी हुई कि जकिया ने खाते से सवा लाख नहीं बल्कि 1.10 लाख रुपये ही निकाले थे। रकम पॉलिथीन में रखकर वह बैंक से पैदल घर की तरफ जाने लगीं। सीसीटीवी फुटेज में जकिया के हाथ में घटना के बाद भी रुपये वाली पॉलिथीन दिखी। इस पर पुलिस जब उनसे सवाल किया कि अगर बदमाश रुपये लूट ले गए तो पॉलिथीन हाथ में कैसे रह गई? पुलिस के इसी सवाल से जकिया फंस गईं।
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उन्होंने कुबूल कर लिया कि उनके साथ कोई लूट नहीं हुई थी। पूछताछ में पता चला कि जकिया ने कई लोगों से उधार ले रखा था। उधार चुकाने का दबाव था और वह रुपये नहीं देना चाहती थीं। इसी के चलते उन्होंने लूट की झूठी सूचना दी थी।
हसनगंज कोतवाली के अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि जकिया से पूछताछ में पता चला कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर उनके साथ ठगी हुई थी। निवेश के लिए उन्होंने मोहल्ले वालों से कुछ रुपये उधार लिए थे। ठगी के बाद उन पर उधारी चुकाने के लिए दबाव था।
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डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि मदेयगंज के भांडों मोहल्ला निवासी जकिया ने चार दिसंबर को हसनगंज कोतवाली में सवा लाख रुपये लूट का मुकदमा दर्ज कराया था। महिला का आरोप था कि एक दिसंबर की सुबह वह बैंक ऑफ बड़ौदा से रुपये निकालकर घर लौट रही थीं। तभी डालीगंज के पास बाइक सवार बदमाश झपट्टा मारकर रुपये लूट ले गए थे।
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पुलिस ने जब घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों से बातचीत की तो किसी ने भी घटना की पुष्टि नहीं की। पुलिस ने बैंक से पता किया तो जानकारी हुई कि जकिया ने खाते से सवा लाख नहीं बल्कि 1.10 लाख रुपये ही निकाले थे। रकम पॉलिथीन में रखकर वह बैंक से पैदल घर की तरफ जाने लगीं। सीसीटीवी फुटेज में जकिया के हाथ में घटना के बाद भी रुपये वाली पॉलिथीन दिखी। इस पर पुलिस जब उनसे सवाल किया कि अगर बदमाश रुपये लूट ले गए तो पॉलिथीन हाथ में कैसे रह गई? पुलिस के इसी सवाल से जकिया फंस गईं।
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उन्होंने कुबूल कर लिया कि उनके साथ कोई लूट नहीं हुई थी। पूछताछ में पता चला कि जकिया ने कई लोगों से उधार ले रखा था। उधार चुकाने का दबाव था और वह रुपये नहीं देना चाहती थीं। इसी के चलते उन्होंने लूट की झूठी सूचना दी थी।
हसनगंज कोतवाली के अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि जकिया से पूछताछ में पता चला कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर उनके साथ ठगी हुई थी। निवेश के लिए उन्होंने मोहल्ले वालों से कुछ रुपये उधार लिए थे। ठगी के बाद उन पर उधारी चुकाने के लिए दबाव था।