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Lucknow News: वारदात से पहले 11 घंटे तख्त के नीचे छिपा रहा हत्या का आरोपी पुजारी

Sat, 06 Dec 2025 03:02 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 06 Dec 2025 03:02 AM IST
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The priest accused of murder hid under the throne for 11 hours before the incident
गिरफ्त में दीपक, सुशील और जितेंद्र मिश्रा।
लखनऊ। जानकीपुरम की यशोदापुरम कॉलोनी निवासी नीलिमा श्रीवास्तव (74) की हत्या का आरोपी इटौंजा का जितेंद्र मिश्र वारदात को अंजाम देने से पहले 11 घंटे तक उनके घर में तख्त के नीचे छिपा बैठा रहा। मंगलवार रात करीब 11 बजे उसने लूटपाट की। नीलिमा के विरोध पर उनकी गला दबाकर हत्या कर वह भाग निकला।
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जितेंद्र नीलिमा के पड़ोसी बुलंदशहर में तैनात सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह के घर पुजारी है। वारदात की साजिश सिटी मजिस्ट्रेट के घर के नौकरों हरदोई के सौरिया बुजुर्ग निवासी दीपक कुमार उर्फ दीपू व सीतापुर के बमहौरा सरैया निवासी सुशील कुमार ने रची थी। पुलिस ने इन्हें भी गिरफ्तार किया है।
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एडीसीपी नॉर्थ गोपी नाथ सैनी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से मुख्य आरोपी जितेंद्र की पहचान की गई। पुलिस ने शुक्रवार को तीनों को सलीम तिराहे के पास से पकड़ा। इनके पास से लूटे सोने के दो कंगन, सिक्के व आर्टिफिशियल ज्वैलरी बरामद की गई।
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आरोपी संजय सिंह के घर आठ हजार रुपये वेतन पर काम करते हैं। जितेंद्र रोजाना साइकिल से आता-जाता था, जबकि दीपक व सुशील सर्वेंट क्वार्टर में रहते हैं। जितेंद्र आठ तो दीपक व सुशील 15 वर्ष से संजय सिंह के घर काम कर रहे हैं।



दीपक, सुशील के बहकाने में की वारदात

एसीपी अलीगंज अरीब खान ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुछ दिन पहले नीलिमा ने दीपक को अलमारी का लॉकर खुलवाने के लिए बुलाया था। दीपक व सुशील ने जितेंद्र को बताया कि उन्होंने लॉकर में सोने की अशर्फी, कंगन व काफी सोना रखा देखा था। दोनों ने जितेंद्र को नीलिमा के घर लूटपाट करने के लिए बहकाया, जिसके लिए वह राजी भी हो गया। दो दिसंबर की दोपहर मौका मिलने पर जितेंद्र चुपके से नीलिमा के घर में घुसा और तख्त के नीचे जाकर छिप गया।



पहचान लिया तो दबा दिया गला

मंगलवार शाम नीलिमा बहन व बहनोई के साथ घूमने गईं। रात 10 बजे लौटने पर कुछ देर टीवी देखने के बाद सो गईं। रात करीब 11 बजे जितेंद्र उनकी अलमारी खोलने लगा। खटपट सुनकर नीलिमा की नींद खुल गई। उन्होंने पुजारी जितेंद्र को पहचान लिया और लूटपाट का विरोध किया। इस पर आरोपी ने गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। फिर प्लास्टिक के बोरे में चोरी का सामान रखकर भाग गया।



250 से अधिक खंगाले गए कैमरे

घटना के बाद जितेंद्र सीतापुर रोड स्थित अजीजनगर चौकी तक करीब डेढ़ किमी पैदल ही गया। वहां से हाफ डाले में इटौंजा स्थित घर पहुंचा। पुलिस ने इटौंजा तक 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगालकर आरोपी की पहचान की। एसीपी ने बताया कि वारदात के अगले दिन जितेंद्र सजंय सिंह के घर काम पर भी आया था।




बढ़ाई जाएगी केस में धारा

एसीपी ने बताया कि मामले में अब 331(8) बीएनएस की धारा बढ़ाई जाएगी। इस धारा के तहत सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गुप्त गृह-अतिचार (घर में घुसकर) किसी व्यक्ति को जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना या उसकी मृत्यु का प्रयास करना है। इस अपराध में आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक की कैद व जुर्माने की सजा हो सकती है।
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