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गरीब अव्यवस्था के कारण गवां रहे अपनी जान : अजय राय

Thu, 28 Aug 2025 02:33 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Aug 2025 02:33 AM IST
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The poor are losing their lives due to chaos: Ajay Rai
प्रेसवार्ता करते अजय राय।
लखनऊ। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा है कि एक तरफ जहां गरीब अव्यवस्था के कारण अपनी जान गवां रहे हैं। वही दूसरी तरफ सरकार आंकड़ों की बाजीगरी कर झूठी तस्वीरें दिखाकर ईनाम हासिल कर रही है। वह बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संवेदनहीनता यह है कि सरकार द्वारा मौतों को छुपाया जा रहा है। राजधानी में जानकीपुरम सेक्टर-7 निवासी राजेश कौशल जो फेरी करके अपने परिवार का पालन करते थे। उनकी मौत डायरिया से हुई। जिसका मुख्य कारण प्रदूषित सीवर युक्त पानी है, किंतु सरकार की तरफ से कारण कुछ और बताया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि पूरे देश में सफाई के मामले में लखनऊ का तीसरा स्थान है। प्रदेश की राजधानी है और तो और देश के रक्षामंत्री का संसदीय क्षेत्र भी है। किंतु बहुत ही अफसोस की बात है कि यहां के निवासी गंदगी से अपनी जान गवां रहे हैं। राजेश कौशल जो अपने परिवार में अकेले कमाने वाले व्यक्ति थे। उनके परिजनों का हाल लेने कोई भी भाजपा नेता नहीं पहुंचा। अजय राय ने स्व. राजेश कौशल के घर के बाहर नाले की तस्वीरें भी दिखाई, जिनमें दूषित पानी बह रहा है। इसी नाले के पास से पीने के पानी की पाइप भी लोगों के घरों में जा रही हैं, जो कई जगहों से लीक हो गई हैं।
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सरकार रोजगार देने में असफल

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार रोजगार देने में असफल है। खासतौर पर युवा बेरोजगार और निराश हैं। सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए तथाकथित कुंभ रोजगार जैसे झूठे आयोजन कर रही है। जहां युवाओं को सिर्फ छला जा रहा है। अव्यवस्था और संवेदनहीनता से भरे इस कुंभ में बच्चों, युवाओं के बायोडाटा और डिग्री कूड़े के ढेर में मिल रही हैं। घोर अव्यवस्था का शिकार इस आयोजन में दूर-दूर से आए युवाओं को यह तक नहीं पता कि उनका क्या होगा?

उन्होंने सेंटर फॉर मानीटरिंग ऑफ इंडियन इकोनॉमी की रिपोर्ट दिखाते हुए कहा कि इसके मुताबिक 20 से 24 वर्ष के युवाओं के बीच श्रम बल भागीदारी दर लगातार गिर रहा है। यह एक बहुत ही निराशाजनक ट्रेंड है। इसका मतलब यह है कि युवा इतने निराश हो गए हैं बेरोजागारी से कि अब उन्होंने रोजगार मांगना छोड़ दिया है।
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