फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   The matter of land of Shri Ram Airport: High Court asked - Under which rule the purchase of land is being done

श्रीराम एयरपोर्ट की जमीन का मामला : हाईकोर्ट ने पूछा- किस नियम के तहत हो रही जमीनों की खरीदारी

Fri, 25 Jun 2021 06:27 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 25 Jun 2021 06:27 PM IST
सार

सौ से अधिक किसानों की याचिका पर अयोध्या के डीएम अनुज कुमार झा व उपजिलाधिकारी सदर और सदर तहसीलदार को कोर्ट के समक्ष 29 जून को वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से तलब किया है।

विज्ञापन
The matter of land of Shri Ram Airport: High Court asked - Under which rule the purchase of land is being done
लखनऊ हाईकोर्ट

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने श्रीराम एयरपोर्ट मामले में धर्मपुर शहादत गांव के सौ से अधिक किसानों की याचिका पर अयोध्या के डीएम अनुज कुमार झा व उपजिलाधिकारी सदर और सदर तहसीलदार को कोर्ट के समक्ष 29 जून को वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से तलब किया है। कोर्ट ने मामले में सख्त रुख अख्तियार कर इन अधिकारियों से पूछा है कि वे किस मानदंड, किस दर और किस नियम कानून के तहत जमीन ले रहे हैं? इसको साफ  तौर पर उस रोज बताएं।

विज्ञापन


अदालत ने यह भी पूछा है कि आखिरी बार वहां सर्किल रेट कब संशोधित किया गया था। किसानों को राहत देते हुए कोर्ट ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि अगर जमीन अधिग्रहीत नहीं की गई हो तो जब तक याचिकाकर्ता अपनी सहमति से जमीन बेचने के लिए तैयार नहीं होते तब तक उनको इसके लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है और न ही याचिकाकर्ता इसके लिए  विवश होंगे।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ ने यह अहम आदेश पंचराम प्रजापति सहित सौ से अधिक किसानों की याचिका पर दिया। याचियों का आरोप है कि बिना अधिसूचना के धर्मपुर शहादत गांव  के किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। ऐसा करके उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है। यह भी कहा कि हवाई अड्डे के निर्माण में प्रभावित किसानों के साथ उचित व्यवहार किया जाए क्योंकि उनकी संपत्ति जा रही है। साथ ही अधिग्रहण संबंधी वर्ष 2013 के कानून का पालन भी न किए जाने की दलील दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


यचियों के अधिवक्ता ने यह भी कहा कि जमीन लेने का कोई मानदंड नहीं बनाया गया है। प्रशासन किस दर से जमीन ले रहा है, इसका कोई दिशा-निर्देश नहीं जारी किया गया है। प्रशासन मनमानी कर किसानों को अपर्याप्त दर पर जमीनों को बेचने के लिए मजबूर कर रहा है। लिहाजा इस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।


कोर्ट ने राज्यसरकार के वकील से कहा कि वे अपने दफ्तर से इन अफसरों को वीडियो काफ्रेंसिंग से जुड़ने का लिंक भेज देंगें या कार्यालय से ही 29 जून को उक्त अधिकारी वीडियो कांफ्रेसिंग  के जरिये जवाब देकर अपनी बात को कोर्ट के समक्ष पेश होकर रखें। मामले की अगली सुनवाई 29 जून को होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed