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Lucknow News: रैंप पर चला बुनकरों के हुनर का जादू
Fri, 20 Feb 2026 01:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 20 Feb 2026 01:52 AM IST
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पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स
लखनऊ। रविंद्रालय प्रेक्षागृह में बृहस्पतिवार को आयोजित फैशन शो में बुनकरों के हुनर ने मंच पर कैटवॉक करती मॉडल्स के आकर्षण को और निखार दिया। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग, उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित कार्यक्रम में देशभर से आई मॉडल्स ने खादी, सिल्क और अन्य पारंपरिक वस्त्र पहनकर रैंप वॉक किया। कार्यक्रम का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने किया। उन्होंने प्रदेश के 12 हुनरमंद बुनकरों को सम्मानित भी किया।
उन्होंने कहा कि बुनकरों को प्रोत्साहन और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदर्शनी के साथ फैशन शो का आयोजन किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की वस्त्र एवं गारमेंटिंग नीति-2022 के तहत आयोजित इस पहल का मकसद प्रदेश में निर्मित वस्त्रों का प्रचार-प्रसार तथा उनके निर्यात और विपणन को बढ़ावा देना है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में स्टांप एवं पंजीयन विभाग के मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से प्रदेश के पारंपरिक वस्त्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है।
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इस अवसर पर संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के तहत चयनित 12 बुनकरों को उत्कृष्ट उत्पादों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग अनिल कुमार सागर, आयुक्त एवं निदेशक (हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग) के विजयेंद्र पांडियन, विशेष सचिव शेषमणि पांडेय और संयुक्त आयुक्त पी.सी. ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इन बुनकरों को मिला राज्यस्तरीय पुरस्कार
साड़ी श्रेणी:
वाराणसी के दूधनाथ को कढ़ुआ रंगकार्ट साड़ी के लिए प्रथम पुरस्कार (1 लाख रुपये), ललितपुर की आशा देवी को जरी सिल्क साड़ी के लिए द्वितीय पुरस्कार (50 हजार रुपये) और आजमगढ़ के लक्ष्मी राम को सिल्क साड़ी के लिए तृतीय पुरस्कार (25 हजार रुपये) दिया गया।
सूती व ऊनी दरी:
बागपत के नीशू उपाध्याय को प्रथम, कानपुर के रफीक अंसारी को द्वितीय और बरेली के बंदे हसन को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
बेडशीट व होम फर्निशिंग:
गोरखपुर की निकहत जहां को प्रथम, अलीशा बानों को द्वितीय और मुरादाबाद की नाजरा खातून को तृतीय पुरस्कार मिला।
स्कार्फ, गमछा व अन्य श्रेणी: वाराणसी की सविता प्रसाद को प्रथम, बाराबंकी के इरफान को द्वितीय और गोरखपुर की सिमरन को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
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उन्होंने कहा कि बुनकरों को प्रोत्साहन और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदर्शनी के साथ फैशन शो का आयोजन किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की वस्त्र एवं गारमेंटिंग नीति-2022 के तहत आयोजित इस पहल का मकसद प्रदेश में निर्मित वस्त्रों का प्रचार-प्रसार तथा उनके निर्यात और विपणन को बढ़ावा देना है।
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विशिष्ट अतिथि के रूप में स्टांप एवं पंजीयन विभाग के मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से प्रदेश के पारंपरिक वस्त्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है।
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इस अवसर पर संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के तहत चयनित 12 बुनकरों को उत्कृष्ट उत्पादों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग अनिल कुमार सागर, आयुक्त एवं निदेशक (हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग) के विजयेंद्र पांडियन, विशेष सचिव शेषमणि पांडेय और संयुक्त आयुक्त पी.सी. ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इन बुनकरों को मिला राज्यस्तरीय पुरस्कार
साड़ी श्रेणी:
वाराणसी के दूधनाथ को कढ़ुआ रंगकार्ट साड़ी के लिए प्रथम पुरस्कार (1 लाख रुपये), ललितपुर की आशा देवी को जरी सिल्क साड़ी के लिए द्वितीय पुरस्कार (50 हजार रुपये) और आजमगढ़ के लक्ष्मी राम को सिल्क साड़ी के लिए तृतीय पुरस्कार (25 हजार रुपये) दिया गया।
सूती व ऊनी दरी:
बागपत के नीशू उपाध्याय को प्रथम, कानपुर के रफीक अंसारी को द्वितीय और बरेली के बंदे हसन को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
बेडशीट व होम फर्निशिंग:
गोरखपुर की निकहत जहां को प्रथम, अलीशा बानों को द्वितीय और मुरादाबाद की नाजरा खातून को तृतीय पुरस्कार मिला।
स्कार्फ, गमछा व अन्य श्रेणी: वाराणसी की सविता प्रसाद को प्रथम, बाराबंकी के इरफान को द्वितीय और गोरखपुर की सिमरन को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स

पारंपरिक परिधानों में उतरीं मॉडल्स