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Lucknow News: दूसरे दिन भी चालू नहीं हो सकी त्रिपुला से खीरों की लाइन
Sat, 22 Jul 2023 12:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 22 Jul 2023 12:33 AM IST
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65 किलोमीटर लंबी लाइन में महज आठ किलोमीटर में दौड़ा पाए करंट
दूर नहीं हुई लोवोल्टेज की समस्या, बिजली की आवाजाही से लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
खीरों (रायबरेली)। ट्रांसमिशन त्रिपुला से विद्युत उपकेंद्र खीरों को जाने वाली लाइन में दूसरे दिन भी करंट नहीं दौड़ पाया। इससे ब्लॉक क्षेत्र के 36 हजार उपभोक्ता बिजली संकट से जूझ रहे हैं। यह लाइन एक महीने से बंद है, लेकिन अभियंताओं को ठीक कराने की फुरसत नहीं मिली। जब बिजली की मांग बढ़ी और हाहाकार मचा तो जिम्मेदारों की नींद टूटी। दो दिन में महज आठ किलोमीटर लाइन में करंट दौड़ा पाए। उसके आगे सभी के हाथ पैर ढीले पड़ गए। अभी तक उन्नाव जिले के मौरावां ट्रांसमिशन से आने वाली 33 केवी लाइन से आपूर्ति चल रही है। इससे अभी तक लोवोल्टेज और बिजली की आवाजाही बनी है। यदि यही काम अभियंता पहले कर लेते तो यह नौबत नहीं आती।
विद्युत उपकेंद्र खीरों से सात फीडर खीरों, देवगांव, पाहो, अजीतपुर, निहत्था, सतांव और विश्वबैंक फीडर निकले है। इससे करीब एक लाख आबादी को लाभ मिलता है। देवगांव और अजीतपुर फीडर त्रिपुला से आने वाली वाली लाइन से चलाए जा रहे थे। एक महीने पहले लाइन में फॉल्ट आ गया। अभियंताओं ने लाइन का फॉल्ट ठीक कराने के बजाय यह दोनों फीडर भी मौरावां से आने वाली 33 केवी लाइन से जोड़ दिए गए। बीच में बिजली की मांग कम थी। इस वजह से आपूर्ति चल रही थी।
धान की रोपाई का काम शुरू हुआ तो मांग एकाएक बढ़ गई। इससे लोवोल्टेज की समस्या बढ़ी। लोगों में गुस्सा बढ़ा तो उपकेंद्र का घेराव किया। इसके बाद अभियंताओं की नींद टूटी। त्रिपुला से जाने वाली 65 किलोमीटर लाइन की जांच उपखंड अधिकारी कैलाश यादव व अवर अभियंता विजय कुमार व उनके साथ 15 कर्मचारियों की टीम ने शुरू की। त्रिपुला से सई नदी तक करीब आठ किलोमीटर लाइन शाम छह बजे तक चल पाई। उसके आगे फॉल्ट नहीं खोज पाए। अभियंता शनिवार को फिर लाइन की जांच करने की बात कह रहे हैं। अजीतपुर निवासी शंकरसिंह, हरिकेश सिंह, सूरज सिंह, हरिकेश निर्मल ने बताया कि लाइन को ठीक कराने में अभियंता रुचि नहीं ले रहे हैं। इतनी बड़ी लंबी लाइन की जांच महज 15 कर्मचारी कर रहे हैं। यदि और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए तो फॉल्ट जल्दी ठीक हो सकते हैं।
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मौरावां की लाइन में फाल्ट, छह घंटे गुल रही बिजली
खीरों। विद्युत उपकेंद्र खीरों के लिए मौरावां से आई लाइन का तार शुक्रवार की सुबह छह बजे टूट गया। इससे बिजली गुल हो गई। सुबह-सुबह फॉल्ट आने से लोगों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ा। लोगों को इंडिया मार्का हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा। फॉल्ट की खोजबीन शुरू हुई तो अकोहरी (उन्नाव) के पास मिला। दोपहर 12 बजे विद्युत कर्मियों ने लाइन के टूटे तार को सही करके विद्युत आपूर्ति बहाल किया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। व्यापार मंडल खीरों के अध्यक्ष दुर्गा सिंह राठौर, अफसर खां, सुनील शुक्ला, विनय जायसवाल, उरफान खा ने बताया कि बिजली तो आ गई, लेकिन लोवोल्टेज की समस्या अब भी बनी है। इससे न तो घरों में लगे बिजली उपकरण ठीक चल रहे हैं, न ही नलकूप चल रहे हैं। कहा कि यदि समस्या जल्द दूर नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
फॉल्ट दूर करने के चल रहे प्रयास
त्रिपुला से खीरों लाइन में फॉल्ट की खोजबीन चल रही है। यदि देर रात तक फॉल्ट नहीं मिला तो शनिवार को भी फॉल्ट खोजा जाएगा। बीच में राजस्व वसूली का दबाव और गंगा एक्सप्रेस-वे निर्माण को लेकर फॉल्ट नहीं खोजा गया। जल्द ही लाइन को चालू कराने के बाद समस्या को दूर कराया जाएगा।
-दीपक कुमार, एक्सईएन लालगंज
टूटते रहे तार, दौड़ते रहे बिजली कर्मी
सलोन। बिजली की अघोषित और फॉल्ट की समस्या से नागरिकों को दो चार होना पड़ रहा है। गुरुवार की रात कई जगह बिजली के तार टूटे। इससे नागरिकों को गर्मी और उमस से जूझना पड़ा। रात भर बिजली की आवाजाही लगी रही। बिजली कर्मी एक जगह लाइन ठीक करते तो दूसरी जगह फॉल्ट हो जाता। यही सिलसिला रातभर चला। गनपत गली, गांधी चबूतरा, मानिकपुर रोड, परशदेपुर रोड, सब्जी मंडी, एसबीआई बैंक समेत विभिन्न स्थानों पर तार टूटे। अवर अभियंता रंजन कुमार ने बताया कि रात में तार टूटे थे। इस वजह से दिक्कत हुई। दो जगह ट्रांसफार्मर भी खराब हुए हैं, जिसे बदलवा दिया गया है।
इनसेट
निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग
ऊंचाहार। क्षेत्र में हो रही अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ ऊंचाहार द्वितीय क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य शैलेंद्र गुप्ता ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा है। इसमें शाम पांच बजे सुबह तक निर्बाध आपूर्ति शुरू कराने की मांग की है। डीडीसी सदस्य ने बताया कि इस समय धान की रोपाई चल रही। बिजली की समस्या से किसान परेशान हैं। गर्मी में लोगों का जीना मुहाल है। उन्होंने बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
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दूर नहीं हुई लोवोल्टेज की समस्या, बिजली की आवाजाही से लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
खीरों (रायबरेली)। ट्रांसमिशन त्रिपुला से विद्युत उपकेंद्र खीरों को जाने वाली लाइन में दूसरे दिन भी करंट नहीं दौड़ पाया। इससे ब्लॉक क्षेत्र के 36 हजार उपभोक्ता बिजली संकट से जूझ रहे हैं। यह लाइन एक महीने से बंद है, लेकिन अभियंताओं को ठीक कराने की फुरसत नहीं मिली। जब बिजली की मांग बढ़ी और हाहाकार मचा तो जिम्मेदारों की नींद टूटी। दो दिन में महज आठ किलोमीटर लाइन में करंट दौड़ा पाए। उसके आगे सभी के हाथ पैर ढीले पड़ गए। अभी तक उन्नाव जिले के मौरावां ट्रांसमिशन से आने वाली 33 केवी लाइन से आपूर्ति चल रही है। इससे अभी तक लोवोल्टेज और बिजली की आवाजाही बनी है। यदि यही काम अभियंता पहले कर लेते तो यह नौबत नहीं आती।
विद्युत उपकेंद्र खीरों से सात फीडर खीरों, देवगांव, पाहो, अजीतपुर, निहत्था, सतांव और विश्वबैंक फीडर निकले है। इससे करीब एक लाख आबादी को लाभ मिलता है। देवगांव और अजीतपुर फीडर त्रिपुला से आने वाली वाली लाइन से चलाए जा रहे थे। एक महीने पहले लाइन में फॉल्ट आ गया। अभियंताओं ने लाइन का फॉल्ट ठीक कराने के बजाय यह दोनों फीडर भी मौरावां से आने वाली 33 केवी लाइन से जोड़ दिए गए। बीच में बिजली की मांग कम थी। इस वजह से आपूर्ति चल रही थी।
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धान की रोपाई का काम शुरू हुआ तो मांग एकाएक बढ़ गई। इससे लोवोल्टेज की समस्या बढ़ी। लोगों में गुस्सा बढ़ा तो उपकेंद्र का घेराव किया। इसके बाद अभियंताओं की नींद टूटी। त्रिपुला से जाने वाली 65 किलोमीटर लाइन की जांच उपखंड अधिकारी कैलाश यादव व अवर अभियंता विजय कुमार व उनके साथ 15 कर्मचारियों की टीम ने शुरू की। त्रिपुला से सई नदी तक करीब आठ किलोमीटर लाइन शाम छह बजे तक चल पाई। उसके आगे फॉल्ट नहीं खोज पाए। अभियंता शनिवार को फिर लाइन की जांच करने की बात कह रहे हैं। अजीतपुर निवासी शंकरसिंह, हरिकेश सिंह, सूरज सिंह, हरिकेश निर्मल ने बताया कि लाइन को ठीक कराने में अभियंता रुचि नहीं ले रहे हैं। इतनी बड़ी लंबी लाइन की जांच महज 15 कर्मचारी कर रहे हैं। यदि और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए तो फॉल्ट जल्दी ठीक हो सकते हैं।
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मौरावां की लाइन में फाल्ट, छह घंटे गुल रही बिजली
खीरों। विद्युत उपकेंद्र खीरों के लिए मौरावां से आई लाइन का तार शुक्रवार की सुबह छह बजे टूट गया। इससे बिजली गुल हो गई। सुबह-सुबह फॉल्ट आने से लोगों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ा। लोगों को इंडिया मार्का हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा। फॉल्ट की खोजबीन शुरू हुई तो अकोहरी (उन्नाव) के पास मिला। दोपहर 12 बजे विद्युत कर्मियों ने लाइन के टूटे तार को सही करके विद्युत आपूर्ति बहाल किया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। व्यापार मंडल खीरों के अध्यक्ष दुर्गा सिंह राठौर, अफसर खां, सुनील शुक्ला, विनय जायसवाल, उरफान खा ने बताया कि बिजली तो आ गई, लेकिन लोवोल्टेज की समस्या अब भी बनी है। इससे न तो घरों में लगे बिजली उपकरण ठीक चल रहे हैं, न ही नलकूप चल रहे हैं। कहा कि यदि समस्या जल्द दूर नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
फॉल्ट दूर करने के चल रहे प्रयास
त्रिपुला से खीरों लाइन में फॉल्ट की खोजबीन चल रही है। यदि देर रात तक फॉल्ट नहीं मिला तो शनिवार को भी फॉल्ट खोजा जाएगा। बीच में राजस्व वसूली का दबाव और गंगा एक्सप्रेस-वे निर्माण को लेकर फॉल्ट नहीं खोजा गया। जल्द ही लाइन को चालू कराने के बाद समस्या को दूर कराया जाएगा।
-दीपक कुमार, एक्सईएन लालगंज
टूटते रहे तार, दौड़ते रहे बिजली कर्मी
सलोन। बिजली की अघोषित और फॉल्ट की समस्या से नागरिकों को दो चार होना पड़ रहा है। गुरुवार की रात कई जगह बिजली के तार टूटे। इससे नागरिकों को गर्मी और उमस से जूझना पड़ा। रात भर बिजली की आवाजाही लगी रही। बिजली कर्मी एक जगह लाइन ठीक करते तो दूसरी जगह फॉल्ट हो जाता। यही सिलसिला रातभर चला। गनपत गली, गांधी चबूतरा, मानिकपुर रोड, परशदेपुर रोड, सब्जी मंडी, एसबीआई बैंक समेत विभिन्न स्थानों पर तार टूटे। अवर अभियंता रंजन कुमार ने बताया कि रात में तार टूटे थे। इस वजह से दिक्कत हुई। दो जगह ट्रांसफार्मर भी खराब हुए हैं, जिसे बदलवा दिया गया है।
इनसेट
निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग
ऊंचाहार। क्षेत्र में हो रही अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ ऊंचाहार द्वितीय क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य शैलेंद्र गुप्ता ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा है। इसमें शाम पांच बजे सुबह तक निर्बाध आपूर्ति शुरू कराने की मांग की है। डीडीसी सदस्य ने बताया कि इस समय धान की रोपाई चल रही। बिजली की समस्या से किसान परेशान हैं। गर्मी में लोगों का जीना मुहाल है। उन्होंने बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।