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Lucknow News: एलडीए भी अब शहर में चिह्नित करेगा जर्जर इमारतें
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लखनऊ। नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी हॉस्टल की पांच मंजिला इमारत गिरने के हादसे के बाद एलडीए की नींद टूटी है। अब प्राधिकरण भी शहर में अपनी कॉलोनियों में जर्जर और खतरनाक इमारतों का सर्वे कराएगा। इसका आदेश भी जारी कर दिया गया है। सर्वे के बाद चिह्नित इमारतों का सेफ्टी ऑडिट होगा। इसके बाद इन्हें दुरुस्त या ध्वस्त करने की कार्रवाई होगी। अभी तक यह काम नगर निगम ही करता था।
एलडीए वीसी ने गोमतीनगर, अलीगंज, जानकीपुरम, कानपुर रोड, शारदा नगर, महानगर, आशियाना सहित सभी योजनाओं में जर्जर इमारतों को चिह्नित करने का आदेश जारी किया है। वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि जांच के दायरे में 25 साल से ज्यादा पुरानी इमारतों को रखा जा रहा है। सभी सात जोनल अफसरों को ऐसी 20-20 इमारतें चिह्नित करने के लिए कहा गया है। सर्वे के बाद इनका सेफ्टी ऑडिट होगा। जांच में इमारतें कमजोर मिलेंगी तो भवनस्वामियों को या तो इनकी मरम्मत करानी होगी या इन्हें ढहाना होगा। वह ऐसा नहीं करेंगे तो एलडीए आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए कदम उठाएगा।
सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य सरकार केस के साथ अलीगंज के खतरनाक अवैध निर्माणों की भी सुनवाई चल रही है। सुप्रीम कोर्ट की टीम भी पांच सितंबर को शहर में सर्वे के लिए आई थी। इसी जनहित याचिका की सुनवाई बृहस्पतिवार को फिर होगी। जानकारों ने बताया कि पहले यह सुनवाई 15 सितंबर को थी। दिल्ली हादसे के बाद अब यह पहले हो रही है। एलडीए की टीम दिल्ली पहुंच गई है।
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51 में से 45 इमारतें पूरी तरह अवैध
अलीगंज में सुप्रीम कोर्ट ने 51 अवैध इमारतें चिह्नित की हैं। एलडीए के रिकॉर्ड के अनुसार पांच का भू उपयोग आवासीय और एक व्यावसायिक है। सर्वे में सामने आया कि 45 आवासीय भूखंड पर कॉम्प्लेक्स, होटल, अस्पताल और रेस्टोरेंट खुले हैं। इनके स्वामी इमारतें वैध कराने के लिए आगे आए हैं। 39 ने शमन के लिए आवेदन किया है। इनमें से 17 ने शुल्क भी जमा कर दिया है।
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एलडीए वीसी ने गोमतीनगर, अलीगंज, जानकीपुरम, कानपुर रोड, शारदा नगर, महानगर, आशियाना सहित सभी योजनाओं में जर्जर इमारतों को चिह्नित करने का आदेश जारी किया है। वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि जांच के दायरे में 25 साल से ज्यादा पुरानी इमारतों को रखा जा रहा है। सभी सात जोनल अफसरों को ऐसी 20-20 इमारतें चिह्नित करने के लिए कहा गया है। सर्वे के बाद इनका सेफ्टी ऑडिट होगा। जांच में इमारतें कमजोर मिलेंगी तो भवनस्वामियों को या तो इनकी मरम्मत करानी होगी या इन्हें ढहाना होगा। वह ऐसा नहीं करेंगे तो एलडीए आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए कदम उठाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य सरकार केस के साथ अलीगंज के खतरनाक अवैध निर्माणों की भी सुनवाई चल रही है। सुप्रीम कोर्ट की टीम भी पांच सितंबर को शहर में सर्वे के लिए आई थी। इसी जनहित याचिका की सुनवाई बृहस्पतिवार को फिर होगी। जानकारों ने बताया कि पहले यह सुनवाई 15 सितंबर को थी। दिल्ली हादसे के बाद अब यह पहले हो रही है। एलडीए की टीम दिल्ली पहुंच गई है।
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51 में से 45 इमारतें पूरी तरह अवैध
अलीगंज में सुप्रीम कोर्ट ने 51 अवैध इमारतें चिह्नित की हैं। एलडीए के रिकॉर्ड के अनुसार पांच का भू उपयोग आवासीय और एक व्यावसायिक है। सर्वे में सामने आया कि 45 आवासीय भूखंड पर कॉम्प्लेक्स, होटल, अस्पताल और रेस्टोरेंट खुले हैं। इनके स्वामी इमारतें वैध कराने के लिए आगे आए हैं। 39 ने शमन के लिए आवेदन किया है। इनमें से 17 ने शुल्क भी जमा कर दिया है।