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Lucknow News: जिसपर आरोप, उसी सीओ को सौंप दी जांच

Sat, 21 Sep 2024 04:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Sat, 21 Sep 2024 04:41 AM IST
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The investigation was handed over to the same CO on whom the allegations were made.
रायबरेली। चोरी के आरोप में एमबीए के छात्र अलख मिश्रा को फर्जी तरीके से पकड़कर जेल भेजने के मामले में जिस सीओ पर पुलिसकर्मियों को बचाने का आरोप है, उसी सीओ लालगंज अनिल कुमार सिंह को मामले की जांच सौंप दी गई है। यह हाल तब है, जब हाईकोर्ट ने विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। लेकिन सीओ को जांच देकर एक बार फिर मामले को दबाने की कोशिश की गई है।
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खीरों पुलिस ने 30 मार्च की रात सरेनी क्षेत्र के नयाखेड़ा निवासी रामशंकर मिश्रा के बेटे अलख को टॉवर की बैटरी चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। परिजनों के अनुसार वह घर से कानपुर के लिए निकला था। उन्नाव के मौरावां पेट्रोल पंप पर कार में पेट्रोल भराने के लिए रुका, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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अलख की मां गोमती मिश्रा ने खीरों पुलिस पर फर्जी मामले में बेटे को जेल भेजने में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ हाईकोर्ट से कार्रवाई की याचना की थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने एसआईटी का गठन कर जांच रिपोर्ट तलब किया। मई में एसआईटी ने रिपोर्ट सौंपी, जिसमें पता चला कि 30/31 मार्च की रात अलख मिश्रा, राधेश प्रताप सिंह व संजय सिंह को खीरों थाना लाया गया। इस कार्रवाई को खीरों थाना में दर्ज नहीं किया गया। रिपोर्ट में पुलिस की कार्रवाई को गलत बताया गया।
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10 सितंबर को सुनवाई के दौरान जस्टिस नरेंद्र कुमार जौहरी व विवेक चौधरी ने एसआईटी की रिपोर्ट को सही ठहराते हुए खीरों थाने के संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए। इस बीच एसपी ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई न करके विभागीय जांच की जिम्मेदारी सीओ लालगंज को ही सौंप दी।

आरोपियों को सीओ दे चुके हैं क्लीनचिट
पुलिसकर्मियों पर जब अलख मिश्रा को फर्जी चोरी के मामले में जेल भेजने का आरोप लगा था तब सीओ लालगंज अनिल कुमार सिंह को ही जांच सौंपी गई थी। सीओ ने संबंधित पुलिसकर्मियों को क्लीनचिट दे दी थी। इसपर पीड़ित पक्ष ने मुख्यमंत्री कार्यालय में सीओ पर पुलिसकर्मियों को बचाने की साजिश रचने का आरोप लगाकर शिकायत की थी। मुख्यमंत्री कार्यालय से सीओ की भी जांच चल रही है। ऐसे में उसी सीओ को फिर पुलिसकर्मियों की विभागीय जांच सौंपना बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

सुलह के लिए धमका रही पुलिस, घर का ताला भी तोड़वा दिया
एमबीए के छात्र पीड़ित अलख मिश्रा के मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी उसे न्याय नहीं मिल रहा। आरोपी पुलिसकर्मी उसे सुलह के लिए धमका रहे हैं। सुलह न करने पर कुछ दिन पहले खीरों क्षेत्र के सेमरी चौराहा स्थित उसके मकान का ताला तोड़वाकर विपक्षी को कब्जा दिलाने का प्रयास किया। मकान का मुकदमा विचाराधीन है। पीड़ित के मुताबिक न्याय के लिए वह प्रकरण की समीक्षा के लिए हाईकोर्ट जाएगा। बात नहीं बनी तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएगा।



सीओ लालगंज को जांच सौंपी गई है। यदि वह प्रकरण में विवादित रहे हैं तो जांच दूसरे सीओ को सौंपी जाएगी। पूरे प्रकरण की गहन समीक्षा की जा रही है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।
डॉ. यशवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक


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