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Lucknow News: आस्था के सैलाब से गुलजार हुआ उपवन
Sun, 15 Feb 2026 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 15 Feb 2026 12:31 AM IST
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लखनऊ। सुल्तानपुर मार्ग स्थित ब्रह्माकुमारीज के गुलजार उपवन राजयोग प्रशिक्षण केंद्र में महाशिवरात्रि पर तीन दिवसीय सांस्कृतिक मेले और आध्यात्मिक झांकी कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसमें भक्ति और अध्यात्म का खूबसूरत संगम देखने को मिला। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के अलौकिक दर्शन के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
मेले के पहले दिन परिसर में उत्सव जैसा माहौल दिखा। जहां एक ओर श्रद्धालु दिव्य झांकियों के दर्शन कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर बच्चों के लिए लगाए गए झूलों और मनोरंजन के साधनों ने उत्सव में चार चांद लगा दिए। खान-पान के विविध स्टॉल्स पर भी लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। थर्माकोल से बनाए गए पहाड़-गुफा और 12 ज्योतिर्लिंग उपवन को शिवलोक सा बना रहे थे। केंद्र संचालिका राधा दीदी ने कहा कि जब संसार दुःख, क्रोध और अशांति के अंधकार में खो जाता है, तब निराकार परमपिता परमात्मा शिव इस धरा पर अवतरित होकर आत्माओं को अज्ञान की नींद से जगाते हैं। यह रात्रि अज्ञान के विनाश और ईश्वरीय ज्ञान के प्रकाश का प्रतीक है।
सांस्कृतिक संध्या में बिखरे भक्ति के रंग
शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में स्थानीय कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। आध्यात्मिक गीतों और नृत्यों से परमात्मा शिव की महिमा का गुणगान किया गया। इस दौरान हर हर महादेव, बम बम भोल के जयकारे गूंजते रहे। पूरा प्रांगण शिव नगरी सा प्रतीत हुआ।
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मेले के पहले दिन परिसर में उत्सव जैसा माहौल दिखा। जहां एक ओर श्रद्धालु दिव्य झांकियों के दर्शन कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर बच्चों के लिए लगाए गए झूलों और मनोरंजन के साधनों ने उत्सव में चार चांद लगा दिए। खान-पान के विविध स्टॉल्स पर भी लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। थर्माकोल से बनाए गए पहाड़-गुफा और 12 ज्योतिर्लिंग उपवन को शिवलोक सा बना रहे थे। केंद्र संचालिका राधा दीदी ने कहा कि जब संसार दुःख, क्रोध और अशांति के अंधकार में खो जाता है, तब निराकार परमपिता परमात्मा शिव इस धरा पर अवतरित होकर आत्माओं को अज्ञान की नींद से जगाते हैं। यह रात्रि अज्ञान के विनाश और ईश्वरीय ज्ञान के प्रकाश का प्रतीक है।
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सांस्कृतिक संध्या में बिखरे भक्ति के रंग
शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में स्थानीय कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। आध्यात्मिक गीतों और नृत्यों से परमात्मा शिव की महिमा का गुणगान किया गया। इस दौरान हर हर महादेव, बम बम भोल के जयकारे गूंजते रहे। पूरा प्रांगण शिव नगरी सा प्रतीत हुआ।
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