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Lucknow News: बेपटरी मिली कूड़ा उठान की व्यवस्था
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कूड़ा न उठने से बुधवार को सड़कों पर गंदगी फैली रही।
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लखनऊ। महापौर की सख्ती पर नगर निगम के अफसर बृहस्पतिवार सुबह फील्ड में निकले तो सफाई व्यवस्था बेपटरी मिली। ज्यादातर इलाकों में आधे सफाई कर्मचारी ही काम करते मिले। सुबह साढ़े छह बजे तक 70 प्रतिशत गाड़ियां ही निकली थीं, जिससे घरों से कूड़ा कलेक्शन भी प्रभावित हुआ।
महापौर की सख्ती का पांच जोनों के 72 वार्डों में कार्यदायी संस्थाओं के कर्मचारियों की मनमानी पर असर नहीं पड़ा। इससे शहर में कूड़ा सड़कों पर पड़ा रहा। अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद राव सुबह साढे़ छह बजे जोन छह की पारा रोड का निरीक्षण करने पहुंचे।
रामकी के कुछ कर्मचारी झाड़ू लगाते दिखे। इसके बाद वह मल्लपुर में रामकी के यार्ड में पहुंचे तो 120 में से 82 गाड़ियों ही घरों से कचरा उठाने के लिए निकली थीं। कैम्पवेल रोड पर उन्हें 50 प्रतिशत कर्मचारी ही सफाई करते मिले। यहां कार्यदायी संस्था एसएस और एफबी के कर्मचारी तैनात हैं। उन्होंने जोनल अधिकारी और जोनल सिनेटरी अधिकारी को फटकार के साथ लापरवाही पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
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कर्मचारियों की निगरानी की ठोस व्यवस्था नहीं
नगर निगम में करीब 10 हजार सफाई कर्मचारी हैं। इनमें से तीन हजार स्थायी और सात हजार कार्यदायी संस्थाओं के जरिये तैनात हैं। इनमें से कितने कर्मचारी काम पर आते हैं, इसकी निगरानी की ठोस व्यवस्था नहीं है। जिन सफाई निरीक्षकों और सुपरवाइजरों पर इसकी जिम्मेदारी है वे खुद फर्जीवाड़े में शामिल रहते हैं। हाजिरी की निगरानी की हर व्यवस्था ठप कर दी गई है। इसकी बड़ी वजह कार्यदायी संस्थाओं की ओर से तैनाती में किया जाने वाला फर्जीवाड़ा और मोटी कमाई है। संस्थाएं भी प्रभावशाली लोगों की हैं। ऐसे में सफाई के नाम पर खेल चल रहा है।
फोटो
कई इलाकों में दो शिफ्ट में उठा कूड़ा
रामकी के 150 और लॉयन एनवायरो कंपनी के करीब 50 कर्मचारी असम चुनाव के लिए गए हैं। इस कारण घरों से पांच दिन तक कूड़ा नहीं उठा। इस पर महापौर ने दो शिफ्टों में घरों से कूड़ा उठाने के निर्देश निजी कंपनियों को दिए थे। इसके बाद बुधवार को इंदिरानगर के सर्वोदय नगर सहित कई इलाकों में कूड़ा उठान का काम सुधरा। कई क्षेत्रों में दो शिफ्टों में काम कराया गया।
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महापौर की सख्ती का पांच जोनों के 72 वार्डों में कार्यदायी संस्थाओं के कर्मचारियों की मनमानी पर असर नहीं पड़ा। इससे शहर में कूड़ा सड़कों पर पड़ा रहा। अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद राव सुबह साढे़ छह बजे जोन छह की पारा रोड का निरीक्षण करने पहुंचे।
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रामकी के कुछ कर्मचारी झाड़ू लगाते दिखे। इसके बाद वह मल्लपुर में रामकी के यार्ड में पहुंचे तो 120 में से 82 गाड़ियों ही घरों से कचरा उठाने के लिए निकली थीं। कैम्पवेल रोड पर उन्हें 50 प्रतिशत कर्मचारी ही सफाई करते मिले। यहां कार्यदायी संस्था एसएस और एफबी के कर्मचारी तैनात हैं। उन्होंने जोनल अधिकारी और जोनल सिनेटरी अधिकारी को फटकार के साथ लापरवाही पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
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कर्मचारियों की निगरानी की ठोस व्यवस्था नहीं
नगर निगम में करीब 10 हजार सफाई कर्मचारी हैं। इनमें से तीन हजार स्थायी और सात हजार कार्यदायी संस्थाओं के जरिये तैनात हैं। इनमें से कितने कर्मचारी काम पर आते हैं, इसकी निगरानी की ठोस व्यवस्था नहीं है। जिन सफाई निरीक्षकों और सुपरवाइजरों पर इसकी जिम्मेदारी है वे खुद फर्जीवाड़े में शामिल रहते हैं। हाजिरी की निगरानी की हर व्यवस्था ठप कर दी गई है। इसकी बड़ी वजह कार्यदायी संस्थाओं की ओर से तैनाती में किया जाने वाला फर्जीवाड़ा और मोटी कमाई है। संस्थाएं भी प्रभावशाली लोगों की हैं। ऐसे में सफाई के नाम पर खेल चल रहा है।
फोटो
कई इलाकों में दो शिफ्ट में उठा कूड़ा
रामकी के 150 और लॉयन एनवायरो कंपनी के करीब 50 कर्मचारी असम चुनाव के लिए गए हैं। इस कारण घरों से पांच दिन तक कूड़ा नहीं उठा। इस पर महापौर ने दो शिफ्टों में घरों से कूड़ा उठाने के निर्देश निजी कंपनियों को दिए थे। इसके बाद बुधवार को इंदिरानगर के सर्वोदय नगर सहित कई इलाकों में कूड़ा उठान का काम सुधरा। कई क्षेत्रों में दो शिफ्टों में काम कराया गया।

कूड़ा न उठने से बुधवार को सड़कों पर गंदगी फैली रही।

कूड़ा न उठने से बुधवार को सड़कों पर गंदगी फैली रही।

कूड़ा न उठने से बुधवार को सड़कों पर गंदगी फैली रही।

कूड़ा न उठने से बुधवार को सड़कों पर गंदगी फैली रही।

कूड़ा न उठने से बुधवार को सड़कों पर गंदगी फैली रही।

कूड़ा न उठने से बुधवार को सड़कों पर गंदगी फैली रही।

कूड़ा न उठने से बुधवार को सड़कों पर गंदगी फैली रही।